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फोन पर इंटरव्यू देने से पहले रखें पांच बातें

ITI Directory - Tue, 07/28/2026 - 13:08
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

आजकल फोन पर इंटरव्यू देना बहुत ही ज्यादा प्रचलित हो गया है फोन पर इंटरव्यू देते समय आप केवल अपने आवाज और अपने वीडियो से ही सामने वाले को अपने फेवर में ले सकते हैं अतः इंटरव्यू देने से पहले अपना रिज्यूम और संबंधित डॉक्यूमेंट अपने पास रख ले तथा उन पर इंटरव्यू देते समय इस बात का ध्यान रखें कि कोई आपको बीच में दखल ना दें | नई नौकरी की तलाश में अगर आपने तमाम जॉब साइट पर सीवी अपडेट किया है या कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन दिया है तो यकीनन कंपनी से आने वाली फोन कॉल की प्रतीक्षा में होंगे।किसी भी बड़ी कंपनी में नौकरी के लिए आपके इंटरव्यू और टेस्ट का सिलसिला फोन पर आई पहली कॉल से ही शुरू हो जाता है। आमतौर पर कंपनियां सबसे पहले टेलीफोनिक इंटरव्यू यानी फोन पर ही इंटरव्यू लेती हैं।

फोन पर इंटरव्यू आपका पहला चरण है जिससे कंपनियां यह तय करती हैं कि आपके बायोडाटा में जो जानकारी उन्हें मिली है आप उसके अनुरूप हैं भी या नहीं और आप पर समय उन्हें लगाना चाहिए भी या नहीं।

पहले ही कर लें ये तैयारी

  • ऐसी ही कोई स्थिति अगर आपके सामने है तो फोन पर इंटरव्यू देते वक्त इन पांच बातों का ध्यान हमेशा रखें।
  • जिस तरह इंटरव्यू के लिए आप सारी तैयारियां करते हैं, उसी तरह टेलीफोनिक इंटरव्यू के लिए नियत समय से पहले थोड़ी तैयारी जरूर करें।
  • आप जिस कंपनी और जिस क्षेत्र में नौकरी चाहते हैं, उससे संबंधित हर तरह की जानकारी जरूर कर लें जिससे पहली बार में ही आप सामने वाले पर कम से कम इतना प्रभाव तो डाल ही लें कि आप जहां काम करना चाहते हैं, उसकी जानकारी भी रखते हैं।
  • नियत समय पर टेलीफोनिक इंटरव्यू के दौरान आप अपने से जुड़ी उन सभी बातों को एक जगह लिखकर रख लें जिसके बारे में आप बताना चाहते हैं और जो जानकारी आप खुद लेना चाहते हों।
  • इसके अलावा अपने बायोडाटा पर एक नजर अच्छी तरह डाल लें जिससे आपके द्वारा दी गई जानकारी बायोडाटा के अनुसार ही हो।

कहीं फोन से न हो व्यवधान, इसका रखें ध्यान

  • जरूरी इंटरव्यू कॉल हो और बीच में आपके फोन की बैटरी चली जाए या नेटवर्क न मिले तो? यकीनन यह बुरे सपने जितना ही डरावना होगा।
  • सबसे अच्छा तरीका तो यह होगा कि आप अपना इंटरव्यू लैंडलाइन फोन से ही दें जिससे नेटवर्क से जुड़ी कोई समस्या सामने भी न आए और आवाज भी साफ सुनाई दे।
  • अगर आपके पास लैंडलाइन फोन नहीं है तो मोबाइल फोन पर इंटरव्यू देते वक्त कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। मसलन, बैटरी चार्ज है या नहीं, कॉल वेटिंग कुछ देर तक बंद कर दें आदि। 
  • इससे न सिर्फ आपको सुविधा होगी बल्कि आपका ध्यान भी अच्छी तरह इंटरव्यू पर केंद्रित हो पाएगा।
  • जरूरी इंटरव्यू कॉल हो और बीच में आपके फोन की बैटरी चली जाए या नेटवर्क न मिले तो? यकीनन यह बुरे सपने जितना ही डरावना होगा।
  • सबसे अच्छा तरीका तो यह होगा कि आप अपना इंटरव्यू लैंडलाइन फोन से ही दें जिससे नेटवर्क से जुड़ी कोई समस्या सामने भी न आए और आवाज भी साफ सुनाई दे।
  • अगर आपके पास लैंडलाइन फोन नहीं है तो मोबाइल फोन पर इंटरव्यू देते वक्त कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। मसलन, बैटरी चार्ज है या नहीं, कॉल वेटिंग कुछ देर तक बंद कर दें आदि। 
  • इससे न सिर्फ आपको सुविधा होगी बल्कि आपका ध्यान भी अच्छी तरह इंटरव्यू पर केंद्रित हो पाएगा।

यहां घट न जाए आपका नंबर

  • टेलोफोनिक इंटरव्यू के दौरान आपको कोई देख नहीं रहा है, यह सोचकर आप कोई भी चूक करने से बचें। सबसे पहले आप कैसे बैठें हैं, इसका जरूर ध्यान दें। अगर आप इस गफलत में हैं कि आप क्या कर रहे हैं, यह दिख नहीं रहा तो जान लें कि आपकी बॉडी लैंग्वेज न सिर्फ देखने पर समझ आती है बल्कि आवाज से भी पता पड़ सकती है।
  • पास में ही पानी रखें जिससे इंटरव्यू के दौरान जब गला सूखे तो आप पी सकें। इससे कंफर्ट जोन बना रहता है।
  • इसके अलावा, फोन पर बात करते-करते कंप्यूटर पर सर्फिंग या किसी और तरह के काम से बचें जिससे आपका फोकस न भटके।

ऐसे बनाएं फोकस

  • घर से ही फोन पर इंटरव्यू दे रहे हैं तो घर कोई शांत कोना चुनें या कमरे को थोड़ी देर के लिए बंद कर लें। इससे न केवल फोन पर बात करने में ध्यान एकाग्रचित होगा बल्कि इंटरव्यू लेने वाले को भी आपकी गंभीरता का एहसास होगा।
  • फोन पर आपसे जो सवाल पूछे जा रहे हैं, उन्हें पहले ध्यान से सुनें और बात पूरी होने पर ही जवाब दें। आप चाहें तो प्रश्न पर सोचने के लिए कुछ सेकंड का समय मांग सकते हैं जिससे अपनी बात किस तरह रखनी है, उसी रूपरेखा आप तैयार कर सकें।
  • इंटरव्यू लेने वाले की बात बिल्कुल न काटें और थोड़ा सब्र का परिचय दें। हो सके तो अपनी बातचीत के छोटे-छोटे नोट्स भी बनाते रहें जिससे आपको जहां भी संशय हो, आप साफ-साफ पूछ सकें।

मन में न रखें कोई सवाल

  • कई बार टेलीफोनिक इंटरव्यू के दौरान हम सारी बातें कर जाते हैं और फोन रखने पर याद आता है कि पद या पैसे के बारे में कोई बात नहीं पूछ पाए या नौकरी से संबंधित कोई जरूरी बात तो पूछना भूल ही गए।
  • ऐसे में जरूरी है कि आपको क्या पूछना है इसकी सूची आप पहले ही बनाकर अपने साथ रख लें और सारी बातें खत्म होने के बाद आप विनम्रता से अपने संशय दूर कर लें।
  • इसके अलावा, आप इंटरव्यू लेने वाले का ईमेल आईडी, लिंक्ड इन पर रिक्वेस्ट भेजकर भी अपनी रुचि दिखा सकते हैं। इससे संबंधित जानकारी भी फोन पर लेने में कोई हर्ज नहीं है।
Tags: इंटरव्यू कैसे लिया जाता हैइंटरव्यू कैसे देना चाहिए in hindiइंटरव्यू कैसे दिया जाता हैइंटरव्यू कैसे देते हैंसाक्षात्कार प्रश्न और उत्तरइंटरव्यू टिप्सइंटरव्यू के सवालहम आपको नौकरी क्यों दें

बीच में न काटें इंटरव्यूवर की बातें

ITI Directory - Tue, 07/28/2026 - 13:07
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

टेलिफोनिक इंटरव्यू सबसे मुश्किल माना जाता है, क्योंकि इंटरव्यूवर का कॉल कभी भी और कहीं भी आ सकता है।

एजुकेशन डेस्क। टेलिफोनिक इंटरव्यू सबसे मुश्किल माना जाता है। अमेरिका के 'द सर्वे मेथड सेंटर एट सोशल एंड कम्युनिटी प्लानिंग रिसर्च' (SCPR) के डायरेक्टर रोजर थॉमस और रिसर्चर डॉक्टर सुसान पुरडन बताते हैं कि इस तरह के इंटरव्यू से कैंडिडेट की नॉलेज के साथ अटेंशन और बिहेवियर का भी पता लगाया जाता है। हम बता रहे हैं टेलिफोनिक इंटरव्यू को आसान बनाने की कुछ टिप्स..

1. मेंटली तैयार रहें, कभी भी आ सकता है फोन

टेलिफोनिक इंटरव्यू के लिए हमेशा ही तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इसके लिए कॉल कभी भी आ सकता है। माइंड को इंटरव्यू के लिए तैयार रखें। साथ ही अन्य लॉजिस्टिक तैयारियां भी करके रखें। ऐसे इंटरव्यू के दौरान आपके फोन या मोबाइल का सही वर्क करना भी बेहद जरूरी है।

कैसे बढ़ाओगे कॉन्सन्ट्रेशन पावर?

ITI Directory - Fri, 07/24/2026 - 15:57
Article Type: पढ़ाई टिप्स

जब तुम अपनी पसंद की फिल्म देखने जाते हो तो तीन घंटे उसी में आंखें गड़ाए बैठे रहते हो। उसी तरह क्रिकेट मैच में खाना-पीना छोड़कर एकटक उसे देखते रहते हो। तुम खुद को उसी में लगा देते हो, लेकिन पढ़ाई करते हुए ध्यान बंटने में ज्यादा टाइम नहीं लगता। अगर मीलों दूर म्यूजिक बज रहा हो तो जैसे पढ़ाई से ध्यान हटाने का बहाना मिल गया हो, तुम्हारा ध्यान तुरंत पढ़ाई से हट जाता है।

पहले समझो कॉन्सन्ट्रेशन का मीनिंग
इसे समझने के लिए हमें ‘रुचि’ को अच्छे ढंग से समझना होगा। इमेजिन करो कि तुम्हें पिछले वीक पार्टी के फोटो दिए जाते हैं, जिसमें तुम भी थे। तुम उन फोटो में क्या देखोगे?

जाहिर है, तुम उन फोटो में अपनी फोटो देखने की कोशिश करोगे। ज्यादातर टाइम तुम्हारी रुचि अपने आप को देखने में रहती है। इसका मतलब, जिस सब्जेक्ट में तुम ज्यादा रुचि लेते हो, उसमें कॉन्सन्ट्रेशन ज्यादा कर पाते हो। तुम उस सब्जेक्ट को जल्दी सीख भी लेते हो।

एग्जांपल
एक मेमोरी टेस्ट में हमने क्लास 6 के स्टूडेंट्स को दो ग्रुप में डिवाइड किया और उन्हें प्राचीन मानव और उनके विकास के बारे में बताया। पहले ग्रुप को यह बताया गया- प्राचीन मानव गुफा में रहा करता था। उन्होंने दो पत्थरों को आपस में रगड़कर आग की खोज की। वे पत्ते पहना करते थे..।

दूसरे ग्रुप से कहा वे अपने आपको आदिमानव के रूप में सोचें और उन्हें बताया- ‘तुम गुफा में रहा करते थे। तुमने पत्थरों को रगड़कर आग की खोज की। तुम शरीर में पत्तियां और जानवरों की खाल पहनते थे..!’

क्या पता चला
दूसरे ग्रुप के स्टूडेंट्स ने जल्दी पाठ सीखा और एक साल बाद करीब-करीब ठीक उसी ढंग से कहानी दोहराई भी।

किस रंग का कपड़ा पहनने से इंटरव्यू में सफलता मिलती है

ITI Directory - Fri, 07/24/2026 - 15:57
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

इंटरव्यू में हमेशा ही सिंगल कलर के और हल्के कलर के कपड़े पहनकर जाने चाहिए कपड़े ना तो ज्यादा भड़काऊ होने चाहिए और नाही पुरानी होने चाहिए बिल्कुल नए पेंट शर्ट पहन कर भी नहीं जाने चाहिए वह कम से कम एक-दो बार धूल के प्रेस किए हुए होने चाहिए | इंटरव्यू के लिए फेवरेट माने जाने वाले लिस्ट में एक और न्यूट्रल कलर आता है जो कि भूरा है. यह रंग शांति का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा इस रंग को सुरक्षित, भरोसेमंद और विश्वसनीय माना जाता है.

किसी भी नौकरी को पाने की आखिरी सीढ़ी है इंटरव्यू. 15 से 20 मिनट का समय या तो आपका इंप्रेशन बना सकता है या बिगाड़ सकता है. यह पल आपके कपड़ो, बॉडी लैंग्वेज, मैनर्स और तो और कपड़ों के रंग पर भी निर्भर करता है. 
वो कहते हैं न हर रंग कुछ कहता है तो आप अगर किसी इंटरव्यू में जा रहे हैं तो यह खबर आपकी मदद कर सकती है:

1. ब्लू: टीम प्लेयर
 

ब्लू, खासकर नेवी ब्लू इंटरव्यू के लिए बेस्ट माना जाता है. यह शांत, स्थिरता, सच्चाई, विश्वास और आत्मविश्वास का प्रतीक है. इसके अलावा गहरा रंग अधिकार का भी प्रतीक होता है जो कि एक साक्षात्कारकर्ता के सामने आपकी अच्छी छवि बना सकता है.

कब ना पहनें: अगर आप किसी क्रिएटीव नौकरी की तलाश में हैं और उसके इंटरव्यू को फेस करने जा रहे हैं तो यह कलर आपकी कंजर्वेटिव इमेज बना सकता है.

2. ग्रे: लॉजिकल और एनालिटिकल
 

इंटरव्यू में पहना जाने वाला ग्रे दूसरा सबसे लोकप्रिय रंग माना जाता है. यह एक पॉवरफुल लुक देता है. सबसे मजेदार बात यह है कि ग्रे रंग साक्षात्कारकर्ता का ध्यान भंग नहीं करता बल्कि वह आपकी बातों को और आपके बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखता.

कब न पहनें:
दरअसल ग्रे रंग के कपड़ो को आप कभी भी किसी भी इंटरव्यू में पहने सकते हैं. पॉजिटीव रिस्पॉन्स देने में यह रंग काफी मददगार साबित होता है.

इसे आप अपने नए ऑफिस के माहौल के मुताबिक सफेद, पिंक और हरे रंग के कपड़ों के साथ मैच कर पहन सकते हैं.

3. ब्राउन: डिपेंडेबल
 

इंटरव्यू के लिए फेवरेट माने जाने वाले लिस्ट में एक और न्यूट्रल कलर आता है जो कि भूरा है. यह रंग शांति का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा इस रंग को सुरक्षित, भरोसेमंद और विश्वसनीय माना जाता है.

कब ना पहनें: 
अगर आप किसी ऐसे इंडस्ट्री को ज्वॉइन करने जा रहे हैं जो काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और उन्हें क्रिएटीव एम्पलॉई की तलाश है तो भूरे रंग से बचें. दरअसल भूरा रंग सादगी और धीमी गति से बदलाव को स्वीकार करने का संदेश देता है.यह रंग साक्षात्कारकर्ता के सामने आपकी नकारात्मक इमेज बना सकता है.

4. ब्लैक: लीडरशीप
 

अगर आप कहीं हाई पोजिशन और फिर किसी ऐसी जगह पर नौकरी के लिए जा रहे हैं जहां का माहौल कंजर्वेटिव है तो काले रंग के कपड़े में बेस्ट साबित हो सकते हैं. यह एक कमांडिग कलर है जो पॉवर और ऑथोरिटी का संकेत देता है. 

कब न पहनें:

एक शांतचित्त दफ्तर में काले रंग के कपड़े माहौल को भारी बना सकते हैं. इस रंग के कपड़े आपको ऑफिस में ओवरवेल्मिंग और अनएप्रोचेबल बना सकते हैं. इसका मतलब कि लोगों के सामने आपकी इमेज दबाव डालने वाला और अधिकारिक बन सकती है जिससे की वे आपसे बात करने में हिचकिचाएंगे. लेकिन अगर आप ओवरवेल्मिंग के बजाय ऑथोरिटेटीव दिखना चाहते हैं तो काले रंग की टाई,स्कार्फ या एसेसरी पहने कर दिख सकते हैं.

5. व्हाईट: ऑर्गेनाइज्ड
 

सफेद रंग के कपड़े सच्चाई, सादगी, सुनिश्चितता और अच्छाई का प्रतीक माना जाता है. हालांकि इसमें थोड़ी चमक होती है जो कि पॉजिटीव संकेत देती है. 

कब न पहनें: 
एक क्रिएटीव वर्क इंवायरमेंट में सफेद या मटमैला रंग के कपड़े सुस्ती का संकेत देते हैं. यही नहीं ऐसे माहौल में यह आत्मविश्वास की कमी भी दर्शाता है.

6. रेड: पॉवर
 

रेड एक पॉवरफुल कलर है जो ऊर्जा, जुनून और इच्छा का प्रतीक है. एक इंटरव्यू में पहनने के लिए यह रंग उपयुक्त माना जाता है. साक्षात्कारकर्ता के सामने यह आपकी बोल्ड और दबंग इमेज बनाता है.

कब न पहनें:

लाल रंग को एक प्रबल और तेज रंग भी माना जाता है जो आपकी इमेज आक्रामक, विद्रोही और बना सकता है. इसलिए कोशिश करें रेड कलर के कपड़ें को दूसरे रंग के कपड़ो के साथ मिलाकर पहनें.

7. ग्रीन, पर्पल, येलो एंड ऑरेंज: क्रिएटीव

यह चारों रंग फन, क्रिएटीविटी और ऑरिजिनैलिटी दर्शाता है. हरा रंग शांति और अच्छाई का प्रतीक है, बैंगनी रंग कलात्मक और अद्वितीय, पीला रंग आशावाद और रचनात्मकता जबकि नारंगी रंग अनप्रोफेशनलिज्म दर्शाता है. बता दे रिक्रूटर्स को नारंगी रंग प्रभावित नहीं कर पाते.

कब न पहनें:
यह सभी रंग क्रिएटीव वर्क इंवायरमेंट के लिए बेस्ट माना जाता है जबकि बाकी के वर्क प्लेस में इन रंगों के कपड़ों को थोड़ा रिस्की माना जाता है. हां लेकिन आप इन रंगों को एसेसरीज के रूप में किसी भी इंटरव्यू में जाने से पहले पहन सकते हैं.

Tags: कपड़े पहनने के तरीकेइंटरव्यू कैसे देना चाहिए

सबसे चुनौतीपूर्ण साक्षात्कार प्रश्न और उत्तर आपको देना चाहिए

ITI Directory - Fri, 07/24/2026 - 15:56
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

जीवनशैक्स के लिए उत्पाद प्रबंधक के रूप में मैं अक्सर हूंलोगों को साक्षात्कार के लिए आवश्यक हालांकि, मुझे आपके साथ ईमानदार होना चाहिए - मुझे वास्तव में साक्षात्कार पसंद नहीं है यह कहने के बाद, साक्षात्कार का एक हिस्सा है कि मैं वास्तव में आनंद ले रहा हूं ...

यह वह हिस्सा है जो अधिकतर उम्मीदवार शायद नफरत करते हैं। अर्थात्, इंटरव्यू प्रश्न जो सामान्य से आगे बढ़ते हैं और चुनौतीपूर्ण या हास्यास्पद रूप से मुश्किल के दायरे में जाते हैं।

कुछ उम्मीदवार इन सवालों के जवाब में जवाब देने के लिए जवाब देते हैं, दूसरों को अजीब जवाब देते हैं, और फिर भी दूसरों को इस अवसर पर उठे और रचनात्मक, बुद्धिमान और विनोदी प्रतिक्रियाओं के साथ जवाब देते हैं।

यह चुनौतीपूर्ण प्रश्न हैं जो आप प्रतियोगिता से अलग कर सकते हैं

कई साक्षात्कार करने के बाद मैंने एक चीज सीखा है, यह है कि चुनौतीपूर्ण सवाल तेजी से मजबूत उम्मीदवारों से कमजोर को अलग कर देते हैं।

आपको इसका एक उदाहरण देने के लिए, मुझे याद है कि दो उम्मीदवारों को निम्न प्रश्न पूछना है: "क्या आप अपने आप को तीन शब्दों में बता सकते हैं?"

पहला उम्मीदवार भयावह हो गया, पहलेशब्दों को ठोकरें: "आत्मविश्वास ... कुशल ... अनुभवी।" सबसे खराब जवाब नहीं, परन्तु सबसे अच्छे नहीं! यह दूसरा है कि दूसरे उम्मीदवार ने क्या किया। उसने मेरे सवाल की बात सुनी, एक दूसरे के लिए रुका, और फिर बस ने कहा: "हाँ मैं कर सकता हूँ!"

यह देखते हुए कि हम एक रचनात्मक भूमिका निभा रहे थे,यह कोई आश्चर्य नहीं है कि मैं दूसरे उम्मीदवार की प्रतिक्रिया को बहुत पसंद करता हूं। यह स्वभाव के साथ दिया गया था, और एक जानबूझकर अजीब सवाल का एक आविष्कारशील (यहां तक ​​कि अजीब) जवाब था। पहले उम्मीदवार ने एक स्पष्ट, सुस्त प्रतिक्रिया से ज्यादा कुछ नहीं पेश किया।

तत्काल प्रतिक्रियाओं से मुझे क्या बताया गया था कि पहला उम्मीदवार शायद दबाव में संघर्ष करता है - जबकि दूसरा उम्मीदवार दबाव में कामयाब होंगे।

जाहिर है, एक रणनीतिक, परिपक्व और कल्पनाशील उत्तर जल्दी से एक कमजोर एक के अलावा एक मजबूत उम्मीदवार सेट

साक्षात्कारकर्ता की उम्मीद के साथ जवाब न दें

कठिन सवालों का जवाब देने का सार हैसाक्षात्कारकर्ता की उम्मीद की जानकारी के साथ कभी भी जवाब न दें, परन्तु इसके बजाय, एक जवाब दें जिसमें वह जानकारी शामिल होती है जिसे आप जानना चाहते हैं यह एक सूक्ष्म अंतर है, लेकिन आपको साक्षात्कार के नियंत्रण में रखेगा। (और साक्षात्कारकर्ता को अपनी सबसे अनुकूल विशेषताओं को दिखाएगा।)

दूसरे शब्दों में, आप प्रतिक्रियाशील के बजाए सक्रिय होंगे।

एक कुशल साक्षात्कारकर्ता बनने के लिए, आपको जानने की आवश्यकता होगीकैसे आसानी से और जल्दी से एक साक्षात्कार के फोकस स्विच, ताकि आपके सकारात्मक पक्ष हमेशा शो पर है जैसे-जैसे आप एक पल में देखेंगे, कई तकनीकें हैं जो आप इसे हासिल करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

सभी को कवर करना असंभव होगाचुनौतीपूर्ण प्रश्न जिन्हें आपसे पूछा जा सकता है हालांकि, कठिन प्रश्नों के चयन को देखते हुए, आप लगभग कुछ भी पूछे जाने की आवश्यकता के उत्तर देने के लिए आवश्यक टिप्स और ट्रिक्स को ढूंढ सकेंगे।

"आपके पास पर्याप्त अनुभव नहीं है?"

जब लोग अनुभव के बारे में बात करते हैं, तो इसका मतलब अक्सर अनुभव का 'साल' होता है।

उदाहरण के लिए, 10 साल के अनुभव वाले व्यक्तिएक कंपनी में एक बार फिर से वही चीजें थीं, जबकि एक कंपनी में 3 साल के अनुभव वाले एक अन्य व्यक्ति ने सैकड़ों मुद्दों का सामना किया और यहां तक ​​कि कंपनी को बचाने में कामयाब रहे। अधिक अनुभवी उम्मीदवार कौन है?

यहां याद रखने के लिए सोने का खजाना, यह है कि अगरआप अपने अनुभव के 'साल' की कमी के बारे में पूछताछ करते हैं, आपको अपने अनुभवों को ठीक से परिभाषित करना होगा। जो आपने किया है उसे उजागर करना सुनिश्चित करें, और आपने जो कई चुनौतियों का सामना किया है, उनके बारे में बात करें।

ऐसा करने से, आप साक्षात्कारकर्ता को समझा लेंगे कि भले ही आपके पास केवल 3 साल का अनुभव हो, कि आपने 5, 7 या 10 साल के अनुभव वाले किसी व्यक्ति से ज्यादा सीखा है।

"आपका वेतन क्या है?"

आपको इस प्रश्न के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए,और अगर चुनने के लिए कोई सीमा दी गई हो, तो सुनिश्चित करें कि आप औसत वेतन से अधिक वेतन चुनें। इससे आप पर आपका आत्मविश्वास दिखाना होगा - और उस भूमिका को करने की आपकी क्षमता जो आप के लिए साक्षात्कार कर रहे हैं। यदि कोई सीमा नहीं दी गई है, लेकिन साक्षात्कारकर्ता जोर देकर कहते हैं कि आप इसे कहते हैं, एक ठोस संख्या देने के बजाय चुनें, कोई सीमा नहीं। इससे साक्षात्कारकर्ता को यह समझा जाएगा कि आप वास्तव में क्या चाहते हैं - और आप भूमिका के बारे में गंभीर हैं

चिंता करने के बारे में भूल जाओ कि आपकी राशि कितनी हैकहा बहुत अधिक हो जाएगा यदि वे वास्तव में आप को किराए पर लेना चाहते हैं, तो वे आपके द्वारा अपेक्षित पैकेज के बारे में अधिक जानकारी मांगेंगे। और कृपया आतंक न करें, क्योंकि यह संभव नहीं है कि आपका प्रस्ताव संभावित नियोक्ता को डरा देगा (बेशक, यह सुनिश्चित करें कि आपने अपना शोध किया है और पता है कि भूमिका के लिए चल रहे बाजार दर क्या है।)

अगर वे वास्तव में आपके वेतन से मेल नहीं कर सकतेउम्मीदों, तो यह वह जगह है जहां फायदेमंद पैकेज के आसपास कुछ बातचीत करने वाले कौशल काम में आएँगे। उदाहरण के लिए, वे घर पर अपने इंटरनेट कनेक्शन के लिए भुगतान करने की पेशकश कर सकते हैं, आपकी यात्रा लागत - या यहां तक ​​कि आपको एक कंपनी की कार भी प्रदान कर सकते हैं। यदि आप इसके बारे में नियोक्ता से गंभीर बातचीत कर पा रहे हैं, तो आप तुरंत प्रदर्शित करेंगे कि आप एक पेशेवर व्यक्ति हैं जो अलग-अलग कारकों पर विचार करने के लिए खुले और तैयार हैं।

"आप अपनी वर्तमान कंपनी क्यों छोड़ रहे हैं?"

आप शायद जानते हैं कि यह अच्छा अभ्यास नहीं हैअपनी पिछली कंपनी की आलोचना करने के लिए हालांकि, मुझे एक ऐसे उम्मीदवार का साक्षात्कार याद आया, जिसने चतुराई से उन कारणों के बारे में बात की जो उसने अपनी वर्तमान कंपनी छोड़ना चाहती थी, लेकिन उन उपलब्धियों को उजागर करने में कामयाब रहे जिन्हें उन्होंने अपने समय के दौरान उनके साथ बनाया था यह एक घाटी के ऊपर सैकड़ों मीट्रिक घूमने की तरह है। एक पर्ची, और आप अपने आप को जमीन पर गिरने पाएंगे। अपने साक्षात्कार में एक पर्ची, और आपको नौकरी कम करने की संभावना भी मिलेगी!

उपरोक्त उम्मीदवार ने मुझे प्रभावित किया उनकी चतुर भाषा ने मुझे यह समझाया कि वह अपनी पिछली कंपनी के बारे में कटु नहीं थी - बल्कि इसके बजाय वह एक नए अवसर के लिए तैयार थीं। यह उस प्रकार का उम्मीदवार है जिसे अधिकतर नियोक्ता तलाश कर रहे हैं।

इसके बारे में सोचने के लिए एक और उदाहरण ... चलोकहते हैं कि आप वर्तमान में एक कॉल सेंटर में काम करते हैं, और आप अपनी नौकरी पसंद करते हैं, लेकिन आप कॉल करने वालों को लागू करने के लिए बिक्री के दबाव की मात्रा के साथ सहज नहीं हैं। उत्तरार्द्ध एक नई कंपनी में एक स्थान की तलाश करना चाहता है। हालांकि, एक साक्षात्कार की स्थिति में, आप नकारात्मक पर ध्यान देना नहीं चाहते हैं। इसके बजाय, आप ऐसा कुछ कह सकते हैं: "मैंने अपनी वर्तमान कंपनी में काम करने का आनंद लिया है, और बहुत सी बातें सीख ली हैं, हालांकि, अब मैं अपने कौशल और अनुभव को बढ़ाने के लिए तैयार हूं।"

"इससे पहले कि आपने हमारी भूमिका को बहुत ज्यादा फिट नहीं किया?"

यह सच हो सकता है, क्योंकि आप एक के लिए आवेदन कर सकते हैंएक अलग क्षेत्र में भूमिका - या जिसकी एक अलग गुंजाइश या लक्षित ग्राहक हैं, आदि। हालांकि, इन सतही कारकों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, आपको निर्णायक रूप से साक्षात्कारकर्ता को मौलिक और आम कौशल सेटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो आपकी पिछली नौकरी और नई भूमिका साझा उदाहरण के लिए, लेखांकन में एक नौकरी व्यापार विश्लेषिकी में एक नौकरी के लिए मानार्थ होगा। वे संख्याओं के साथ दोनों सौदा करते हैं, और सटीकता के लिए गहरी आँख की आवश्यकता होती है।

तो, इस चुनौतीपूर्ण चुनौती का उत्तर देने के लिएप्रश्न, यह बताएं कि आपने जो सीखा है उससे पहले ही नई स्थिति पर लागू किया जा सकता है। यदि आप यह अच्छी तरह से कर सकते हैं, तो आप साक्षात्कारकर्ता को यह भी समझ पाएंगे कि आपका पिछला अनुभव आपको पहले से ही क्षेत्र में काम करने वाले उन लोगों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। आप इस पर जोर देकर यह कर सकते हैं कि 'अंतर' आपकी कंपनी में नए अंतर्दृष्टि और विचारों को लाने में आपकी सहायता कैसे कर सकता है। ऐसा करने से, आपने एक कथित कमजोरी ली है - और इसे एक वैध ताकत में बदल दिया।

एक क्षण के लिए कल्पना करो कि आप वर्तमान में एक के रूप में काम करते हैंस्कूल शिक्षक, लेकिन अब आप करियर बदलने और एक लेखक के रूप में काम को खोजने के लिए उत्सुक हैं। एक साक्षात्कार की स्थिति में, आप यह बता सकते हैं कि स्कूल में आपने अपने छात्रों को ज्ञान और ज्ञान देने के लिए स्पष्ट, संक्षिप्त और आकर्षक कहानियों का इस्तेमाल कैसे किया। ये एक ही कौशल हैं जो आप समाचार कहानियों को लिख सकते हैं।

"क्या आप अन्य साक्षात्कार ले रहे हैं, यदि हां, तो वे क्या हैं?"

हमेशा याद रखो, सवालों के जवाब देने का सारांश नहीं है कि जो व्यक्ति पूछता है कि पूछना चाहता है- लेकिन आप उन्हें क्या जानना चाहते हैं।

निश्चित रूप से, आप अपने प्रश्नों को स्पष्ट रूप से उत्तर दे सकते हैं,लेकिन ज़रूरत होने पर फोकस स्विच करना निश्चित है। हो सकता है कि यह एक कंपनी में आप की तलाश में है। उदाहरण के लिए, "मैं एक ऐसी कंपनी की तलाश कर रहा हूं जो विकास के बारे में भावुक है, और मूल्य खुले संचार ..." इस तरह के ब्योरे साक्षात्कारकर्ता को मनाने में मदद करेंगे कि आप भूमिका और कंपनी के लिए एक अच्छी फिट हैं

इसके लिए कहने के लिए कि आप दूसरे हैंसाक्षात्कार ... मेरी सिफारिश हाँ कहने के लिए है आपको यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि वे क्या हैं, लेकिन स्वीकार करते हैं कि आपके पास अन्य साक्षात्कार हैं, आपको मांग में किसी का प्रभा दिया जाएगा।

मेरा अंतिम सुझाव है: चुनौतीपूर्ण साक्षात्कार प्रश्नों से दूर भागना मत वे आपके चमकने का अवसर हैं, और यह दिखाने के लिए कि आप अन्य उम्मीदवारों के ऊपर सिर और कंधे हैं।

गूगल ने इंटरव्यू के इन 12 सवालों पर लगाया बैन, पढ़कर आएंगे चक्कर

ITI Directory - Fri, 07/24/2026 - 15:56
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

गूगल ने इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले 12 सवालों पर बैन लगा दिया है, जिनका जबाव देना थोड़ा मुश्किल है और वो काम से हटकर सवाल हैं.

दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल अपनी नौकरी के लिए भी जाना जाता है. माना जाता है कि गूगल में नौकरी करना सबसे बेहतरीन अनुभव है. कई लोगों का सपना होता है कि वो भी गूगल में काम करें. हालांकि, गूगल में जॉब हासिल करना इतना आसान नहीं है. यहां का हायरिंग प्रॉसेस काफी कठिन है. इंटरव्यू में कईं ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जिनका जवाब देना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है. लेकिन,अब यहां नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए एक खुशखबरी है. गूगल ने इंटरव्यू में पूछे जाने वाले ऐसे 12 सवालों को बैन कर दिया है, जिनका जबाव देने में अच्छे-अच्छे को चक्कर आ जाएं. अब इंटरव्यू में इन सवालों को नहीं पूछा जाएगा. तो आइये जानते हैं किन सवालों के जवाब देने में लोगों को चक्कर आ जाते थे और क्यों गूगल ने इन्हें बैन कर दिया है.

कौन से हैं वो 12 सवाल, जिन्हें गूगल ने किया बैन

1. सिएटल में सभी खिड़िकियों को धोने के लिए आप कितना चार्ज करेंगे?
2. मेनहोल का ढक्कन गोल क्यों होता है?
3. पूरी दुनिया में कितने पियानो ट्यूनर्स हैं?
4. एक आदमी अपनी कार लेकर होटल में गया और अपनी तकदीर खो बैठा। क्या हुआ उसके साथ?
5. घड़ी की सुइयां दिन में कितनी बार मिलती हैं?
6. अमेरिका में हर साल कितने वैक्युम क्लीनर बनते हैं?
7. सैन फ्रांसिस्को से बाहर निकलने के लिए एक प्लान बनाइए?
8. 'डेड बीफ' के महत्व को समझाएं?
9. अगर एक व्यक्ति टेलिफोन पर सिक्वेंस में नंबर डायल करें तो उस नंबर से क्या शब्द/स्ट्रिंग्स बनेगा?
10. आप एक स्कूल बस में कितनी गोल्फ बॉल फिट कर सकते हैं?
11. आपको A पॉइंट से B पॉइंट तक जाना है. आपको नहीं पता कि आप वहां पहुंच सकते हो या नहीं. आप क्या करेंगे?
12. अपने 8 साल के भतीजे को 3 वाक्यों में डेटाबेस समझाएं?

आईटीआई कोर्स करने के फायदे

ITI Directory - Fri, 07/24/2026 - 15:56
  • इस कोर्स की खासियत ये है की इसमें आपको थ्योरी के मुकाबले प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ज्यादा दिया जाता है ताकि बच्चो को अच्छे से समझ आये
  • आईटीआई कोर्स को 8वी से लेकर 12वी तक के सभी बच्चे कर सकते है
  • आईटीआई कोर्स के लिए किसी भी तरह के किताबी ज्ञान या इंग्लिश ज्ञान का होना जरुरी नहीं है
  • आईटीआई में आपको गवर्मेंट कॉलेज में कोई फीस नहीं लगता आप फ्री में आईटीआई कोर्स कर सकते है
  • आईटीआई कोर्स के बाद आप डिप्लोमा 2nd ईयर में आसानी से एडमिशन ले सकते है
  • आईटीआई में आपको 6 महीने , 1 साल और 2 साल तक के कोर्स मिलेंगे
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इस तरह करें इंटरव्यू के सवालो का सामना

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:05
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

इंटरव्यू प्रक्रिया हर क्षेत्र में एक कॉमन प्रक्रिया बन गई है. अक्सर देखा जाता है कि लोग इंटरव्यू का सामना करते समय काफी घबराहट में रहते हैं, वे यह सोचते है कि वे इस इंटरव्यू को क्रैक कर पाएंगे या नहीं. लेकिन आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं. हम आपको यह कुछ आसान से टिप्स बता रहे हैं, जिनकी सहायता से आप आसानी से और बिना किसी घबराहट के अपना इंटरव्यू क्रैक कर पाएंगे.

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल...

स्वयं के बारे में कुछ बताएं...

अधिकतर इंटरव्यू में नियोक्ता का सबसे पहला सवाल यही होता हैं. जब नियोक्ता आपसे यह सवाल करें, तो आवश्यक है कि आप बिना किसी हिचकिचाहट के  इस सवाल का जवाब दे. अगर आप पहले ही सवाल में ठीक से जवाब नहीं दे पाएं, तो आपका इंटरव्यू क्रैक करने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा. इसके लिए आप कम शब्दों में खुद के बारें में बताएं, खुद को बढ़ा-चढ़ा कर पेश ना करें.

पिछली नौकरी क्यों छोड़ी?

ऐसे प्रश्न कई दफा कैंडिडेट्स के लिए समस्या उत्पन्न कर देते हैं, परन्तु आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं, इस तरह के सवालो को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करें. पिछली नौकरी से जुडी समस्याओं को नियोक्ता के सामने उजागर न करें. उन्हें आप जो भी बताएं सहर्ष और पॉजिटिविटी के साथ बताएं.  यह कतई न कहे कि वहां ऑफिस का वातावरण अच्छा नहीं था, या छुट्टियां नहीं मिलती थी.

हमारे संस्थान के बारे में क्या जानते हैं?

इस सवाल का जवाब अगर आपने सफलता पूर्वक दे दिया तो आप निश्चित नौकरी के लिए सेलेक्ट हो जाएंगे. इससे कंपनी यह जानेगी कि आप जिस संस्थान में नौकरी मांगने आये हैं, आप उसके बारे में कुछ जानते भी हैं या नहीं. इसलिए आप इंटरव्यू से 1 दिन पूर्व संस्था से जुड़ी हर बेसिक जानकारी प्राप्त कर ले. 

ऐसे हों जॉब इंटरव्यू के लिए तैयार

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:03
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

अगर आप किसी जॉब के लिए इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो आपकी ड्रेसिंग सेंस काफी मायने रखती है. आपकी परफॉर्मेंस के अलावा आपकी पर्सेनैलिटी भी आपको नौकरी देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. अगर इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो आपको अपने आउटफिट से लेकर कई बातों पर ध्यान देना होगा. आइए जानते हैं इंटरव्यू से पहले तैयार होने के टिप्स:

1. इंटरव्यू के लिए ऐसे आउटफिट का चयन करें जिसमें आप प्रोफेशनल लगें. कोशिश करें ऐसा आउटफिट पहनें जिसमें आपका व्यक्तित्व निखर के सामने आए.

2. इंटरव्यू में एक्सेसरीज पहनने पर खासा ध्यान देना चाहिए. इंटरव्यू के समय प्रोफेशनल दिखने की कोशिश करें. आपको देखकर इंटरव्यू लेने वाले को ऐसा लगना चाहिए कि आप कंपनी के वर्क स्ट्रक्टर के हिसाब से एकदम फिट हैं. अगर आप मेल हैं तो आप एक अच्छी सी बेल्ट लगा सकते हैं . इसके अलावा आपके हाथ में घड़ी होनी चाहिए. ध्यान रहे कि घड़ी ज्यादा चमकीली नहीं हो. अगर आप हाथ में रिंग पहनने के शौकीन हैं तो हाथ में सिर्फ एक ही रिंग पहनें. 

3. इंटरव्यू के समय अपने पैरों की तरफ भी ध्यान दें. अगर आपने अच्छा आउटफिट पहना है, लेकिन आपके जूते सही नहीं है तो आपकी सारी पर्सेनैलिटी फीकी पड़ सकती है. इंटरव्यू के समय महिलाओं को कम हील के आरामदायक जूतों का चयन करना चाहिए. वहीं पुरूषों को फीते वाले लैदर के जूते पहनने चाहिए. यही नहीं आपके जूते अच्छे से पॉलिश भी होने चाहिए.

4. इंटरव्यू के दौरान आपकी बॉडी लैंग्वेज भी काफी मायने रखती है. इसलिए इंटरव्यू के समय पूरे कॉफिडेंस के साथ मिलें और पूरी गर्मजोशी से हाथ मिलाएं. आपकी पर्सेनैलिटी का अंदाजा आपकी बॉडी लैंग्वेज से लगाया जा सकता है.

5. अपने इंटरव्यू आउटफिट का टेस्ट ड्राइव जरूर लें. अगर आपने इंटरव्यू के लिए नए कपड़े खरीदे हैं तो उनको एक बार पहन कर जरूर देख लें. कुछ देर उन्हें पहन कर रखें और इंटरव्यू के सवाल जवाब के प्रैक्टिस करें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आप उन कपड़ों में कंफर्टेबल और कॉफिडेंट फील कर रहे हैं या नहीं. कहा जाता है कि आप फिट कपड़े पहनते हैं तो आपका कॉंफि़डेंस लेवल बढ़ता है.

6. इंटरव्यू के समय आरामदायक कपड़े पहनें. इस बात का ध्यान रखें कि आप जिस भी ड्रेस का चयन करें उसमें आपको आराम रहें. अगर कंफर्टेबल नहीं है तो आप इंटरव्यू में सवालों के जवाब सही से नहीं दे पाएंगे.

7. महिलाओं को मेकअप का भी खास ध्यान रखना चाहिए. इंटरव्यू के दौरान ज्यादा मेकअप करने से बचें. न्यूट्रल कलर की नेल पेंट लगाएं.

8. इंटरव्यू के समय परफ्यूम्स से बचें. कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें किसी खास तरह की खुशबू से एलर्जी और परेशानी होती है. इसलिए कोशिश करें कि इंटरव्यू के दौरान परफ्यूम का कम से कम इस्तेमाल करें.

नौकरी चाहिए तो इन सवालों के क्या जवाब देंगे?

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:02
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

मेरा एक सहयोगी एक निवेश बैंक में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया. इस दौरान उससे पूछा गया था कि इस कमरे में एक पेंस के कितने सिक्के आएंगे.

इसके बाद उसने कुछ गुणा-भाग कर जवाब दिया. लेकिन उसे वह नौकरी नहीं मिली.

बैंक चाहता था कि कोई इस सवाल का घिसा-पिटा उत्तर तो दे लेकिन उसमें इतना आत्मविश्वास हो कि वह बाज़ार को यह समझा सके कि वह सही था.

इस तरह के चुनौतीपूर्ण सवाल आजकल के इंटरव्यू में आम बात हो गए हैं, ऐसा लगता है कि नौकरी देने वाले यानी नियोक्ता घास-फूस में से गेंहू अलग करना चाहते हैं.

 

चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ़ पर्सनेल एंड डेवलपमेंट (सीआईपीडी) की क्लेयर मैकार्टनी कहती हैं, ''नौकरी के लिए प्रतियोगिता बढ़ गई है और नौकरी देने वाले भी अधिक जोखिम नहीं लेना चाहते हैं.''

उम्मीदवारों का चयन

वह कहती हैं, ''सामान्य सवाल पूछने से बात नहीं बनेगी. इसलिए अच्छे उम्मीदवारों के चयन के लिए कुछ अलग किया जाता है.''

क्लेयर कहती हैं कि इंटरव्यू की तैयारी कराने वाली कुछ वेबसाइटों की मदद से उम्मीदवार ऐसे सवालों की तैयारी कर सकते हैं.

नौकरी की जानकारी देने वाली वेबसाइट ग्लासडोर ने अपनी एक ताज़ा रिपोर्ट में आवेदकों से पूछे गए ऐसे साढ़े तीन लाख सवाल जुटाए हैं.

वेबसाइट का कहना है कि आजकल इंटरव्यू देने जा रहे किसी भी आवेदक को सामान्य सवालों के अलावा इस तरह के चुनौतीपूर्ण सवालों के जवाब के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

आजकल नियोक्ता किस तरह के सवाल पूछ रहे है और उनका मक़सद क्या है? हमने दो विशेषज्ञों से इन सवालों के जवाब देने को कहा.

आप फ़्रिज में जिराफ़ कैसे रखेंगे?

यह सवाल लंदन के एक निवेश बैंक के मार्केटिंग विभाग में नौकरी के लिए इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा था.

यह सवाल क्यों पूछा गया:

ग्लासडोर के करियर विशेषज्ञ रस्टी रूएफ़ कहते हैं, "यह सवाल उम्मीदवार की रचनात्मकता की जाँच करता है. इससे यह भी जाँचा जाता है कि उम्मीदवार असामान्य और मुश्किल समस्याओं का समाधान कैसे करता है."

इंटरव्यू लेने वाले की रुचि इसका जवाब जानने की तुलना में यह जानने में ज्यादा होती है कि आप जवाब कैसे खोजते हैं. आप यह भी याद रखें कि कुछ सवाल बहुत अवास्तविक हो सकते हैं
रस्टी रूयफ, करियर विशेषज्ञ

"यह याद रखें कि इंटरव्यू लेने वाले की रुचि इसका जवाब जानने की तुलना में यह जानने में ज्यादा होती है कि आप जवाब कैसे खोजते हैं. आप यह भी याद रखें कि कुछ सवाल बहुत अवास्तविक हो सकते हैं."

सुझाए गए जवाब:

रूएफ़ के अनुसार, ''इस सवाल का जवाब पाने से पहले आप मुझे कुछ जानकारी दे सकते हैं, जैसे कि जिराफ़ कितना बड़ा है? फ्रिज कितना बड़ा है? हम जिस देश में हैं, वहाँ जिराफ को मारना अपराध तो नहीं है.''

आपका यह दिखाना कि आपको किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले कुछ तथ्यों और सच्चाइयों की जरूरत है, आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है.

''अगर एक जिराफ़ मर सकता है तो, उसे फ्रिज में रखने के लिए पहले फ्रिज से सामान को निकालकर उसे खाली करना पड़ेगा और जिराफ को फ्रिज में रखना सुनिश्चित करने के लिए अपने आस-पास के औजारों का उपयोग करना पड़ेगा. इस जगह मैं किन औजारों का इस्तेमाल कर सकता हूँ.''

क्या आप घोड़े के आकार की बत्तख से लड़ सकते हैं या बत्तखों के आकार के सौ घोड़ों से?

यह सवाल लंदन ने एक खनन कंपनी के मार्केटिंग विभाग में नौकरी के लिए एक इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा था.

यह सवाल पूछा क्यों गया था?

'जॉब इंटरव्यू : टॉप आंसर्स टू टफ़ क्वेश्चन' के लेखक जॉन लीस कहते हैं, यह सवाल थोड़ा अजीब है. लेकिन यह तथ्यात्मक तार्किकता जाँचने का एक मजाकिया और रचनात्मक तरीका है.

इसके जवाब में आप क्या विकल्प चुनते हैं उससे ज़्यादा अहम ये है कि आपने वो जवाब क्यों चुना?

सुझाए गए जवाब

आप अपनी सोच के हर चरण को प्रदर्शित करें.

''ठीक है, मुझे लगता है कि दोनों मुझे मार सकते हैं लेकिन मैं पहले ये सोचूँगा कि दोनों जानवर कितने आक्रामक हो सकते हैं. छोटे होने के बाद भी घोड़े मुझे काट और मार सकते हैं. एक झुंड का शिकार होने की दशा में आपके पास बचने का रास्ता नहीं होता.''

घास के झुंड से आप एक सुई को कितनी तरह से खोज सकते हैं?

यह सवाल एक साक्षात्कारकर्ता ने लंदन में एक अंतरराष्ट्रीय बैंक में सीनियर जावा डेवलपर की नौकरी के लिए पूछा था.

यह सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ कहते हैं,''यह सवाल इंटरव्यू लेने वाले की किसी उम्मीदवार की समस्या को रचनात्मक रूप से हल करने की क्षमता का पता लगाने का एक और उदाहरण है.''

सुझाए गए जवाब

''हम जो देखते हैं उसे ढूँढ़ लेते हैं. इस मामले में अगर हम घास को एक रंग में रंग दें तो वह सुई को देखना आसान बना देगा.''

''सोने की घास में से चांदी का अंतर करना कठिन काम है. लेकिन अगर मैं घास को हरे, नीले या बैंगनी रंग में रंग दूँ तो सूई को खोजना और आसान हो जाएगा.''

इसका मतलब यह हुआ कि समस्या को नए नजरिए से देखने से उसका एक नया समाधान निकलेगा.

जॉन लीस के पास अधिक सरल सुझाव हैं. वे कहते हैं,''अगर सुई लोहे से बनी है तो, चुंबक कमाल करेगा. इसके अलावा आप यह कर सकते हैं कि घास के ढेर में आग लगा दें, सुई बची रह जाएगी.''

अगर आप दस लाख पाउंड जीतते हैं, तो आप उस पैसे का क्या करेंगे?

बर्मिंघम में एक अकाउंटेंसी फर्म में एक इंटरव्यू लेने वाले ने यह सवाल पूछा था.

सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ़ कहते हैं, ''यह सवाल एक प्रमुख अकाउंटिंग फ़र्म में पूछा गया था. इस सवाल का मक़सद उम्मीदवार की व्यावहारिक और दीर्घ अवधि की योजनाएं बनाने की क्षमता को परखना है.''

नौकरी एक अकाउंटिंग फर्म के लिए है, इसलिए शायद वे यह देखना चाहते हैं कि कोई दस लाख पाउंड में पाकर उड़ने तो नहीं लगता है. क्या वह उसमें जिएगा या वह अगले 10-20 साल की योजनाएँ बनाएगा.

सुझाए गए उत्तर

एक बार फिर आप अपने विचार की प्रक्रिया को प्रदर्शित करें, ‘‘दस लाख पाउंड की राशि जीतना निश्चित रूप से रोमांचक बात है. मैं अपने सभी विकल्पों पर विचार करुँगा. यह भी जानना चाहूँगा कि कहीं निवेश करने से पहले इस पर कितना कर देना पड़ेगा.’’

 

''कुछ ऐसे विकल्प जिन पर मैं विचार करना चाहूंगा जैसे कि इनमें से मैं कितना निवेश कर सकता हूँ, कितना मैं दान में दे सकता हूं और इसमें से कितने का उपयोग मैं इस जीत का जश्न मनाने पर कर सकता हूँ. लेकिन अगर आप चिंतित हैं तो मैं सोमवार को काम पर आ सकता हूं.''

जॉन लीस कहते हैं.

''अगर आपको कुछ नहीं सूझता है तो आप कह सकते हैं, अच्छा सवाल है, आज आपने जो जवाब सुने उनमें से सबसे अच्छा कौन सा था.''

फ़ेसबुक के बारे में आप अपनी दादी को कैसे समझाएंगे ?

लंदन की एक सॉफ़्टवेयर कंपनी में सेल्स एग्जिक्यूटिव के पद के लिए हुए साक्षात्कार में यह सवाल पूछा गया था.

यह सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ कहते हैं, ''ऐसे सवाल इसलिए पूछे जाते हैं कि उम्मीदवार एक विचार किसी को सार्थक और प्रासंगिक रूप में कैसे समझा सकता है."

सुझाए गए जवाब

''पहली बात, मेरे लिए आपको यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस मामले में मैं अपने ऑडिएंस (जिन्हें मैं समझाना चाहता हूँ) को अच्छी तरह से जानता हूं और मैंने इस बात का पूरा पता लगा लिया है कि मैं किसके साथ बात कर रहा हूं.''

''मेरी दादी इंटरनेट का उपयोग करती हैं, वेबसाइटों से परिचित हैं लेकिन अभी तक सोशल मीडिया से परिचित नहीं हैं. इसलिए इस मामले में मैं कहूंगा- दादी, मैं जानता हूं कि आपको अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रहना पसंद है और आप नई जानकारी हासिल करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करना पसंद करती हैं.''

''तब मैं कहना चाहूंगा, वहाँ एक फ़ेसबुक नाम की वेबसाइट है, जो आपको अपने परिवार और दोस्तों के साथ ऑनलाइन जुड़े रहने की सुविधा देती है. आपको ताज़ा खबरों और उत्पादों का पता लगाने के लिए कंपनियों और संगठनों को फॉलो करना पसंद है. दादी अगर आपके पास समय हो तो मैं आपको कुछ दिखाऊँ.''

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवालों का इस तरीके से दें जवाब

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:02
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

आजकल जॉब मार्केट काफी कॉम्पीटेटिव हो गई है। जॉब पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आज के दौर में किसी जॉब के लिए लिखित परीक्षा से ज्यादा कठिन इंटरव्यू पास करना होता है। सरकारी विभाग हो या निजी क्षेत्र आज हर जगह इंटव्यू के बगैर कैडिडेट को हायर किए जाना संभव नही होता है। खासकर बिजनेस के क्षेत्र में, क्योंकि इंटरव्यू के जरिए कैंडिटेड की कैपेसिटी से लेकर उससे जुड़ी बातों का आकलन कर लिया जाता है। क्योंकि इंटरव्यू के जरिए कैंडिटेड की कैपेसिटी से लेकर उससे जुड़ी बातों का आकलन कर लिया जाता है। इस दौरान चयनकर्ताओं के सवालों के जवाब में ही कैंडिटेड की एक सही तस्वीर सामने आ जाती है। जिससे कई बार लोग लास्ट में होने वाले इन इंटरव्यू के सवालों से एक अच्छी जॉब से हाथ धो बैठते हैं। सबसे खास बात तो यह है कि इस दौरान कुछ सवाल तो ऐसे हैं जो काफी सरल होते हैं और लगभग हर इंटरव्‍यू में पूछे जाते हैं,लेकिन इनका जवाब कठिन होता है। आज हम अपको बता रहे हैं इंटरव्यू में पूछे जाने वाले एेसे ही कुछ सवालों के बारे में 

1. कैंडिडेट की रिलीवेंसी चेक करने के लिए यह पूछा जाता है कि आप बैटमैन और सुपरमैन के अंतर को कैसे पहचानेंगे ? आपको जितना पता है उसी के आधार पर जवाब दे बिना गुमराह करे।

2. अक्सर निजी कंपनियां इंटरव्यू में दिमाग चेक करने से के लिए कैंडिडेट से यह सवाल जरूर पूछती हैं कि लंदन में कितनी ट्रैफिक लाइट्स हैं ? इसका मतलब होता है कि आप दुनिया दारी की चीजों से मतलब रखत हैं या फिर सीमित रहते हैं।

3. कैंडिडेट कितना क्रिएटिव है, ये चेक करने के लिए एक कागज का टुकड़ा देकर पूछ जाता है कि इस पेपर के टुकड़े का क्या कर सकते है ? इस दौरान आप जिस कंपनी में जिस काम के लिए अप्लाई कर रह हैं उसी को ध्यान में रखकर जवाब दें।

4.  यह सवाल भी अक्‍सर पूछा जाता है कि आपके दिमाग का रंग कैसा है ? यह सवाल कैंडिडेट का मूड चेक करने के लिए पूछा जाता है। इस दौरान बिना घबड़ाए और कुछ ज्यादा सोचे बगैर किसी अपने फेवरेट कलर का नाम ले लें।

5. आप गार्डेन गेम्स के बारे में क्‍या सोचते हैं? यह सवाल कैंडिडेट कंपनी की ग्रोथ में किस तरह की भूमिका निभा सकता है यह जानने के लिए पूछा जाता है। ऐसे में कैंडिडेट को नर्वस होने की बजाय काफी पॉजिटिव वे जवाब देना चाहिए।

6. कैंडिडेट की मेमोरी चेक करने लिए अक्सर यह पूछा जाता है कि क्या आप 7 बौनों के नाम बता सकते हैं? ऐसे में अगर आपको इन 7 बौनों के नाम नहीं याद हैं तो आप उन्हें गलत बताने या टाइम वेस्ट करने की बजाय बता दीजिए की इनके नाम काफी लंबे थे। इसलिए आप भूल गए हैं।

7. अगर आप किसी क्रिएटिव डिजाइन आदि के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो अक्सर ही आपकी क्रिएटिविटी चेक करने के लिए पूछा जाता है कि आप कौन सा फल बनना चाहोगे? इसके जवाब में आपको यह जाहिर करना होगा कि आपने यह फील्ड क्यों चुनी है।

8. अगर आपकी जिंदगी की खबर बने तो आप उसकी हेड लाइन क्या देना चाहोगे? यह भी एक अहम सवाल है। इसके पीछे आपकी पर्सनालिटी और एटीट्यूड को आपके ही शब्दों को जानने का मकसद होता है। ऐसे में साफ है कि अपनी पर्सनालिटी के मुताबिक जवाब दें।

9. कैंडिटेट कैसा जवाब दे सकता है। इसे चेक करने के लिए कई बार यह पूछा जाता है कि अगर आपको पेंसिल के आकार में किसी एक ब्लेंडर में डाल दिया जाए तो आप बाहर निकलने की कोशिश करेंगे? इन सवालों में काफी सोच समझकर जवाब देने की जरूरत होती है।

10. कई बार यह भी कह दिया जाता है कि आप कोई एक स्टोरी सुनाए इस दौरान आपके दिमाग में कई सारी स्टोरी घूमने लगती हैं। ऐसें में आप इस जगह पर अपने प्रोफेशन, कॅरियर, लक्ष्य को देखते हुए बिना ज्यादा सोचे स्टोरी नरेट करें। कोई कॉमिक या डाकू मवाली वाली स्टोरी कतई न सुनाएं।

कठिन समय में भी बनाए रखें धैर्य और नकारात्मक विचारों से रहें दूर

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:02
Article Type: पढ़ाई टिप्स
  • नई दिल्ली/राजीव कुमार। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि समय और परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं होती है। हर व्यक्ति के जीवन में कभी अच्छा समय आता है, तो कभी बुरे दौर से उसे गुजरना पड़ता है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति की पहचान उसके बुरे दौर में ही होती है। ऐसा कहने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि जीवन के अच्छे दौर में तो सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी सही फैसला करने में सक्षम होता है लेकिन जब स्थिति प्रतिकूल हो, तो उस समय व्यक्ति की सही प्रतिभा का आकलन किया जाता है।

 

प्रतिकूल परिस्थितियों में सही निर्णय लेने वाला व्यक्ति ही सफलता की ओर अग्रसर होता है और जो व्यक्ति ऐसे समय में अपने को नहीं संभाल पाता उसे विफलता हाथ लगती है। आखिरकार प्रतिकूल समय में सही निर्णय लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या हो सकता है। कठिन परिस्थितियों के समय व्यक्ति को किसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

अगर गंभीरता से विचार करें तो प्रतिकूल परिस्थितियों में व्यक्ति के अंदर सबसे पहले घबराहट उत्पन्न होता है और उस घबराहट में उसे अजीबो गरीब ख्याल आते हैं, उसकी उम्मीदें कमजोर पड़ती जाती है, उसका धैर्य जवाब देने लगता है और ऐसी स्थिति में वह जो भी निर्णय लेता है, उसमें से अधिकांश गलत साबित होते हैं। इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है प्रतिकूल समय में धैर्य को बनाए रखना। धैर्य से हीं कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। जिस व्यक्ति के पास धैर्य नहीं, वह छोटी से छोटी समस्याओं का सामना भी सही तरीके से नहीं कर पाता है।

आप इसके लिए अपने आसपास घटी अनेकों छोटी-छोटी घटनाओं का उदाहरण ले सकते हैं। पूरी दुनियां में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश दुर्घटनाएं धैर्य के अभाव के कारण होती है। सड़क पार करने के समय धैर्य के अभाव में लोग बिना दोनों तरफ देखे हुए जल्दबाजी में सड़क पार करने का फैसला ले लेते हैं और उनमें से कई लोग सड़क पार भी कर जाते हैं लेकिन कभी-कभी इसी दौरान कोई गाड़ी से टक्कर हो जाती है और फिर जान तक गंवानी पड़ती है। इसमें संयोग आपके साथ हो भी सकता है और आपके विपरीत भी लेकिन अगर आप धैर्य के साथ सही समय का इंतजार करते हैं और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद सड़क पार करने का निर्णय लेते हैं, तो दुर्घटना की संभावना न के बराबर होती है।

कुछ इसी तरह जब आप स्कूल, कॉलेज या फिर किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते हैं और परीक्षा का समय नजदीक होता है, तो आपके अंदर एक घबराहट उत्पन्न हो जाती है। जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक होता है, यह घबराहट तेज होती जाती है। जिन लोगों के पास धैर्य नहीं होता, वे ऐसे समय में पूरी सिलेबस को फिर से पढऩे और जल्दी-जल्दी पढऩे की कोशिश करते हैं। ऐसे में उनके हाथ कुछ नहीं लगता है। लेकिन, जिन लोगों के पास धैर्य होता है, वे शांति के साथ इसके ऊपर विचार करते हैं और फिर उन्हीं सामग्री को गंभीरता से पढऩे की कोशिश करते हैं, जिसके ऊपर उन्हें संशय होता है। ऐसा करके परीक्षा के आसपास के समय का भी वे सदुपयोग कर लेते हैं और यह धैर्य उन्हें सफल बनाने में सहयोगी बन जाता है। 

उदाहरण के तौर पर अगर कोई भी व्यक्ति आपको किसी कार्य को करने के लिए उकसाता है और आप उस उकसावे में आकर उसके मुताबिक निर्णय ले लेते हैं, तो यह आपकी कमजोरी को प्रदॢशत करता है और साथ हीं आपके लिए कठिनाइयां पैदा करता है। ऐसे में धैर्यशील व्यक्ति किसी के उकसावे को समझने की कोशिश करता है, थोड़ा ठहरता है और उसके बाद प्रतिक्रिया करता है।

ऐसी प्रतिक्रियाओं के सही होने की संभावना अधिकतम होती है। उदाहरण के तौर पर कई महापुरुषों के जीवन से संबंधित घटनाओं को देख सकते हैं। जितने भी वैज्ञानिक और आविष्कारक हुए हैं, उन्होंने सालों तक अपने अनुसंधान की सफलता का इंतजार किया है। उन्होंने कई असफल प्रयोगों का धैर्य के साथ आजमाया और हर असफलता के बाद फिर से उसे आगे बढ़ाया लेकिन उन्होंने अपना धैर्य नहीं खोया।

 

अगर धैर्य खो देते तो वे कभी आविष्कार नहीं कर पाते। हमें महात्मा गांधी के जीवन की कई घटनाओं से इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मिल सकता है। जब पहली बार उन्हें दक्षिण अफ्रीका में रंग भेद की नीति के कारण ट्रेन से उतारा गया था, तो उन्होंने तुरंत ही उसकी प्रतिक्रिया नहीं की। उन्होंने उस अधिकारी के साथ उलझना सही नहीं समझा बल्कि उस पूरी स्थिति को समझा और पाया कि इसके पीछे का कारण रंग भेद की नीति है और जब तक इस नीति के ऊपर प्रहार नहीं किया जाता है, ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा सकता है।

उन्होंने इसके लिए योजना बनाई और फिर संघर्ष शुरू किया। हालांकि, उन्हें लम्बा संघर्ष करना पड़ा लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और उसी धैर्य ने उन्हें सफलता दिलाई। कुछ इसी तरह के धैर्य का परिचय उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय भी दिया और कई आंदलनों की तथाकथित विफलताओं के बावजूद उन्होंने संयम नहीं खोया तथा संघर्ष करते रहे, जिसकी परिणति हमारे सामने है। 

धैर्य के साथ लिए गए निर्णय में कितनी शक्ति होती है, उसका एक उदाहरण विवेकानंद के साथ घटी एक घटना है। एक बार विवेकानंद के एक ईसाई दोस्त ने उनकी क्षमता को परखने की योजना बनाई। वे शायद उनकी बुद्धि की परीक्षा लेना चाहते थे। उन्होंने विवेकानंद को खाने पर आमंत्रित किया। जब वे उनके घर गए तो स्वामी जी को उस ईसाई दोस्त ने एक कमरे में बैठाया। उस कमरे में एक मेज पर कई धार्मिक पुस्तकें रखी हुई थी। उन पुस्तकों को एक दूसरे के ऊपर रखा गया था। विश्व के कई धर्मों की पुस्तकों में सबसे नीचे गीता और सबसे ऊपर बाइबिल रखा गया था।

उस व्यक्ति को इस बात की उम्मीद थी कि ऐसा देखकर स्वामी जी भड़क जाएंगे और गुस्से में कुछ ऐसी टिप्पणी करेंगे, जिससे उनके संयम को चुनौती दी जा सके। उन्होंने स्वामी जी से पूछा कि पुस्तकों को रखने का यह तरीका कैसा लगा आपको। स्वामी विवेकानंद ने उसे गंभीरता से देखा और धैर्य के साथ उत्तर दिया कि नींव वास्तव में अच्छी है। उस व्यक्ति को इस उत्तर की उम्मीद नहीं थी लेकिन विवेकानंद की इस संयत टिप्पणी ने उसे लज्जित कर दिया।

 

याद रखें, केवल धैर्य ही आपको अपनी पूरी मानसिक क्षमता का उपयोग करने में सक्षम बनाता है और जिसके कारण आप कठिन से कठिन चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना करने के योग्य बन जाते हैं। इसलिए धैर्य को बनाए रखने की प्रवृति का विकास करें। धैर्य रखने का सीधा मतलब अपने स्वभाव के शांत होने से है। जब आप शांत होकर स्थिरता के साथ चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने को उत्तेजित नहीं होने देते तो आप इतना मजबूत हो जाते हैं कि किसी भी कठिनाई का समाना आप कर सकते हैं। 

 नकारात्मक विचारों से दूर रहें
 आपके अंदर पनपने वाले विचार आपके अंदर संचालित होने वाली ऊर्जा को प्रभावित करता है। जिस तरह के विचार अपने अंदर लाएंगे वैसा ही प्रभाव आपके व्यक्तित्व पर पड़ेगा। अगर आपके अंदर नकारात्मक विचार आते हैं, तो कार्यक्षमता प्रभावित होगी, आलस्य छाया रहेगा और फिर अपने मकसद को पूरा करने में अपनी पूरी क्षमता का उपयोग आप नहीं कर पाएंगे। इसलिए नकारात्मक प्रवृति वाले लोगों से दूर रहें और सकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ अपनी बातें साझा करें ताकि आपकी ऊर्जा को सही दिशा मिल सके। 

समय का सदुपयोग करें 
समय बहुत कीमती होता है और जो चला गया उसे कभी वापस नहीं लाया जा सकता है, इसलिए इसके उपयोग में हमेशा सावधानी रखें। अगर आप अपने संसाधनों का उपयोग करके कोई काम दूसरे से करा सकते हैं, तो उसे खुद करके थोड़ा संसाधन बचाने की कोशिश न करें, क्योंकि उसी समय आप उससे बड़ा काम कर सकते हैं। ऐसे हीं छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, ताकि समय हाथ से न फिसल जाए। 

साक्षात्कार जवाब: कैसे आप संघर्ष संभाल करते हैं?

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:01
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

संघर्ष, मानव बातचीत का एक स्वाभाविक हिस्सा है के रूप में लोगों को समय के सभी पूर्ण समझौते में कभी नहीं कर रहे हैं। कुंजी आप इसके बारे में क्या करना है, जिसके कारण लगभग हमेशा एक साक्षात्कारकर्ता पूछता है कि कैसे आप काम पर संघर्ष संभाल है। आपके उत्तर प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए और काम, कर पाने जबकि अच्छा काम कर रिश्तों को बनाए रखने के लिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना चाहिए। ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है संघर्ष सवाल लगभग हमेशा एक साक्षात्कार में आता है, वॉल्ट कैरियर खुफिया वेबसाइट पर एक अप्रैल 2012 लेख के अनुसार। यह एक साक्षात्कारकर्ता के लिए सर्वोत्तम उपाय है एक उम्मीदवार के व्यक्तिगत शैली का एहसास दिलाने में और निर्धारित करती हैं कि उस व्यक्ति को दूसरों के साथ सूचना का आदान प्रदान करने के लिए में से एक है। इन सबसे ऊपर, एक ईमानदार जवाब दे। इस सवाल का उद्देश्य - सभी व्यवहार के आधार पर आधारित प्रश्नों के साथ के रूप में - निर्धारित करने के लिए आप कितना अच्छा संगठन में फिट नहीं है। यदि आप किसी को आप नहीं कर रहे हैं होने का नाटक करते हैं, यह सड़क के नीचे मुसीबत मतलब की संभावना है। तैयार हो जाओ अपने संघर्ष संकल्प कौशल के बारे में एक सवाल के जवाब में देने का अभ्यास करें। अपने कैरियर या की समीक्षा करें - दोस्तों या शिक्षकों के साथ अपनी बातचीत - यदि यह आपका पहला काम है। एक या अधिक स्थितियों में आपको एक संघर्ष का समाधान करने में सक्षम थे पहचानें, और लक्षण या है कि आप सफल बनाया कौशल चुन। लिखें और एक प्रतिक्रिया अभ्यास, या तो एक दर्पण के सामने या एक विश्वसनीय मित्र, सहकर्मी या संरक्षक के साथ। अपने दृष्टिकोण और प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया के लिए पूछें। आपकी प्रतिक्रिया संरचना बिग साक्षात्कार वेबसाइट पर, साक्षात्कार कोच पामेला स्किलिंग्स जवाब देने के लिए कैसे आप काम पर संघर्ष के साथ निपटा है स्टार तकनीक का उपयोग कर पता चलता है। स्टार स्थिति / कार्य, दृष्टिकोण और परिणाम के लिए खड़ा है। स्थिति का वर्णन संक्षेप में और तटस्थता, इसलिए साक्षात्कारकर्ता संघर्ष के संदर्भ को समझता है। तो फिर आप का वर्णन क्या किया। अंत में, परिणाम का वर्णन। अपने शब्दों को तटस्थ और संघर्ष के सफल परिणाम पर आपके उत्तर का ध्यान रखें। कभी अपनी सफलता से अधिक अन्य व्यक्तियों या कौवा बुराई, के रूप में साक्षात्कारकर्ता सोच सकते हैं आप समस्या को हल करने की तुलना में सह कार्यकर्ता दिखाने में अधिक रुचि रखते हैं। लगभग एक नकारात्मक बारी सभी संघर्षों में अच्छी तरह से अंत नहीं। आप एक नकारात्मक अनुभव हुआ है, तो यह वर्णन और अपनी गलतियों से सीख करने की क्षमता पर प्रकाश डाला। बुरा परिणाम और एक अन्य बाद में अनुभव है जिसमें आप सफलतापूर्वक एक दूसरा संघर्ष का समाधान के बारे में एक - आदर्श रूप में, एक दो भाग जवाब के साथ तैयार रहना। के बारे में बताएं आप अपने बारे में क्या सीखा और कैसे आप नकारात्मक अनुभव के बाद एक विवाद को हल करने के लिए अपने दृष्टिकोण या व्यवहार बदल दिया है। याद रखें अपने लक्ष्य को एक व्यक्ति साक्षात्कारकर्ता किराया करना चाहता है के रूप में अपने आप को पेश करने के लिए है कि - एक उचित टीम के खिलाड़ी गलतियों से सीख करने में सक्षम है जो।

इंटरव्यू का सबसे पहला सवाल : अपने बारे में बताएं ? कैसे दे इस सवाल का जवाब।

ITI Directory - Fri, 07/10/2026 - 12:01
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

इंटरव्यू की शुरआत में सबसे पहले इंटरव्यू लेने वाला आपसे यह पूछता है की अपने बारें में बताये ?  और लोग इस सवाल को अक्सर अपनी पर्सनल डिटेल्स से जोड़ कर देखते है और वो अपनी निजी जिंदगी , परिवार और अन्य फालतू जानकारियाँ भी देने लगते है।  लोग ऐसा इसलिए करते है क्योंकि वो ऐसा समझते है इंटरव्यू लेने वाले ने उनसे ऐसा ही पूछा है।  पर इंटरव्यू में आपकी निजी जानकारी में बहुत कुछ आपके रिज्यूम में पहले से ही लिखा होता है , और अक्सर लोग उन्ही जानकारियों को दोहरा देते है।

इस सवाल का सही जवाब ढूंढने से पहले हमें यह समझना चाहिए की रिक्रूटर हमसे पूछना क्या चाहता है।  रिक्रूटर जब पूछता है Tell about your self ? , तो वो पूछना चाहता है , आप किस प्रकार से उस कंपनी के लिए लाभदायक हो सकते हो ? आपकी विशेष स्किल  को पूछा जाता है , वो आपकी खूबियों को जानना चाहता है।

कैसे दें इस सवाल का जवाब :

इस सवाल का जवाब में आपको अपने रिक्रूटर को बताना होता है , क़ि किस प्रकार से आप उस जॉब के लिए फिट हो।  आपके इस पहले सवाल के जवाब पर आपका सारा इंटरव्यू निर्भर करता है।  तो आपको अपना जवाब पहले से तैयार रखना चाहिए।  आपको सबसे पहले जे डी का अध्ययन करना चाहिए और उसी के  जवाब शुरू करना चाहिए।

अगर आप किसी फार्मा इंडस्ट्री में जॉब के लिए इंटरव्यू देने गए हो और आप एक फार्मा प्रोफेशनल हो तो आपका जवाब इस प्रकार होना चाहिए  ” मै फार्मा प्रोफेशनल हूँ , और पिछले 5 साल से में  “ए” कंपनी में   ………  (आगे आपको आपका अनुभव किन चीज़ो की जानकारी इत्यादि के बारें में बताना होता है।

इस सवाल का जवाब तय करते समय दिमाग में एक ही बात रखे की आपका जवाब ऐसा होना चाहिए जो यह साबित करें की आप ही इस जॉब के लिए सही कैंडिडेट हो।

इंटरव्यू में भूलकर भी न कहें ये 5 बातें

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:09
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

आजकल जॉब मार्केट काफी कॉम्पीटेटिव हो गई है. जॉब पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. और जब बात हो जॉब इंटरव्यू की तो काफी बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका इंटरव्यू सफल रहे, तो उसके लिए आपको कई तरह की तैयारियां करना जरूरी है. मसलन इंटरव्यू देते समय आपको पता होना चाहिए कब, कहां, क्या बोलना है.  आपकी कही हुई एक गलत बात आपको नई जॉब से काफी दूर ले जा सकती है. हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही 5 बातें जिनका जिक्र आपको इंटरव्यू के समय नहीं करना है.

1.'कंपनी की सालाना छुट्टी और बीमारी में दी जानी वाली छुट्टी को लेकर क्या पॉलिसी है? ' भूलकर भी इंटरव्यू के समय यह सवाल न पूछें. अगर आप इंटरव्यू के समय ही यह सवाल कर देंगे तो लगेगा हायर होने के बाद लंबी छुट्टी पर जाने वाले हैं.

2. इंटरव्यू देते समय कभी भी पॉलिटिक्स और धर्म पर चर्चा न करें. इसकी जगह आप अपने बारे में बताएं कि आप किस तरह के इंसान हैं और आगे चलकर लाइफ में आपको क्या-क्या करना हैं. लेकिन ध्यान रहे कि अपने बारे में बढ़-चढ़ न बताएं. इंटरव्यू में कभी भी अपनी तरफ से इन दो टॉपिक्स पर भूलकर भी चर्चा न करें.

3. 'आप अगले 5 सालों में अपने आपको कहां देखते हैं?' अगर इंटरव्यू में आपसे यह सवाल पूछा जाए तो बिल्कुल न कहें कि आप इसी जॉब में रहना चाहते हैं. इससे लगेगा कि आप आगे बढ़ना नहीं चाहते. इसलिए जवाब कुछ इस तरह से दें कि आपको जो जिम्मेदारी दी जाएंगी आप उन्हें अच्छे निभाएंगे और अपनी लाइफ के आगे के लक्ष्यों को पूरा करेंगे.

4. 'पिछली कंपनी में आपके बॉस कैसे थे? ' पिछली कंपनी के बॉस से आपके रिलेशन चाहें कितने भी खराब क्यों न हों लेकिन भूलकर भी उस कंपनी या बॉस के बारे में कुछ भी गलत न कहें. अगर आप इंटरव्यू के दौरान पुरानी कंपनी या बॉस की बुराई कर रहे हैं तो इंटरव्यू लेने वालों पता चल जाएगा कि आप कितने अनप्रोफेशनल हैं. यहीं नहीं इसके साथ ही उन्हें आपके करेक्टर के बारे में भी समझ आ जाएगा.

5. 'पुरानी जॉब में आपको सबसे अच्छा क्या लगता था?' अगर आपसे पूछा जाए कि पुरानी जॉब में आपको क्या अच्छा लगता था तो भूलकर भी लंचटाइम, छुट्टियां, को-वर्कर जैसे जवाब न दें. आप ऐसे भी कह सकते हैं कि आपको एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल काम करना अच्छा लगता था क्योंकि आप अकाउंटेंट बनना चाहते हैं.

आईटीआई के लिए अप्लाई कैसे करे

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:08

आईटीआई (Industrial Training Institute) में दाखिला लेना उन युवाओं के लिए एक बेहतर विकल्प है जो तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद छात्र सरकारी, निजी और स्वरोजगार के अनेक अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि आईटीआई के लिए आवेदन कैसे करें, तो यह लेख आपके लिए पूरी जानकारी देगा, जैसे – पात्रता, प्रक्रिया, दस्तावेज, फीस, और एडमिशन की समय-सीमा।

1. योग्यता (Eligibility)

आईटीआई में एडमिशन लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें आवश्यक हैं:

  • शैक्षणिक योग्यता:
    न्यूनतम 8वीं, 10वीं या 12वीं (ट्रेड के अनुसार)
  • आयु सीमा:
    • न्यूनतम आयु: 14 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष
    • कुछ श्रेणियों (SC/ST/OBC/Divyang) को छूट मिलती है

2. आईटीआई कोर्स और ट्रेड का चयन

आईटीआई में कई प्रकार के कोर्स (ट्रेड्स) होते हैं। इन ट्रेड्स को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:

  • तकनीकी ट्रेड्स:
    Electrician, Fitter, Welder, Mechanic Diesel, Draughtsman, COPA आदि
  • गैर-तकनीकी ट्रेड्स:
    Stenographer, Fashion Designing, Sewing Technology, Health Sanitary Inspector आदि

आप अपनी रुचि और भविष्य की योजना के अनुसार उपयुक्त ट्रेड चुनें।

3. आईटीआई संस्थान का चयन

आईटीआई दो प्रकार के होते हैं:

प्रकार
विशेषताएँ

सरकारी आईटीआई
कम फीस, अधिक प्रतिस्पर्धा, मान्यता प्राप्त

प्राइवेट आईटीआई
अधिक सीटें, सुविधाएं, थोड़ी अधिक फीस

 

आप अपने राज्य और जिले के सरकारी या निजी आईटीआई संस्थान की जानकारी https://iti.directory पर देख सकते हैं।

4. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

आज अधिकांश राज्यों में आईटीआई एडमिशन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होता है। नीचे सामान्य आवेदन प्रक्रिया दी गई है:

चरण 1: रजिस्ट्रेशन करें

  • संबंधित राज्य की आईटीआई एडमिशन वेबसाइट पर जाएं
    उदाहरण के लिए:
  • रजिस्ट्रेशन पेज पर मोबाइल नंबर, ईमेल और आधार नंबर जैसे विवरण भरें
  • मोबाइल पर OTP आएगा, उसे दर्ज करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें

चरण 2: लॉगिन करें और आवेदन पत्र भरें

  • लॉगिन करने के बाद आवेदन पत्र में निम्न जानकारी भरें:
    • व्यक्तिगत विवरण (नाम, पता, जन्मतिथि)
    • शैक्षणिक योग्यता
    • पसंदीदा ट्रेड और संस्थान की प्राथमिकता

चरण 3: दस्तावेज़ अपलोड करें

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • हस्ताक्षर
  • 8वीं/10वीं/12वीं की मार्कशीट
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड

चरण 4: आवेदन शुल्क का भुगतान करें

  • सामान्यतः ₹250–₹500 (राज्य के अनुसार अलग-अलग)
  • भुगतान माध्यम: डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI आदि

चरण 5: आवेदन फॉर्म सबमिट करें

  • आवेदन भरने के बाद फॉर्म को सबमिट करें
  • अंतिम सबमिट किए गए फॉर्म का प्रिंटआउट लें और सुरक्षित रखें

5. मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया

  • आवेदन समाप्त होने के बाद विभाग द्वारा मेरिट लिस्ट जारी की जाती है
  • मेरिट लिस्ट में नाम आने पर छात्र को ऑनलाइन/ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है

काउंसलिंग प्रक्रिया में:

  • मूल दस्तावेजों का सत्यापन
  • सीट आवंटन और ट्रेड कन्फर्मेशन
  • संस्थान में रिपोर्ट करना
  • प्रवेश शुल्क जमा करना

6. आवश्यक दस्तावेजों की सूची

दस्तावेज़
उद्देश्य

10वीं / 12वीं की मार्कशीट
योग्यता प्रमाण

पासपोर्ट साइज फोटो
पहचान हेतु

आधार कार्ड
अनिवार्य

जाति प्रमाण पत्र
आरक्षण लाभ हेतु

निवास प्रमाण पत्र
राज्य की पात्रता हेतु

आय प्रमाण पत्र
छात्रवृत्ति हेतु (यदि लागू हो)

 

7. आवेदन की समय-सीमा (Important Dates)

हर राज्य में आवेदन की तिथि अलग होती है, लेकिन आमतौर पर आवेदन प्रक्रिया मई से जुलाई के बीच शुरू होती है और जुलाई से अगस्त के बीच मेरिट लिस्ट जारी होती है।

आप अपने राज्य की आवेदन तिथि और अपडेट्स https://iti.directory पर चेक कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आईटीआई में आवेदन करना एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यदि आप एक तकनीकी या कौशल-आधारित करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो आईटीआई आपके लिए एक प्रभावी रास्ता है। सही ट्रेड और संस्थान चुनकर, आप कम समय में नौकरी या स्वरोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

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इंटरव्यू में खुद का परिचय देते समय इन बातों का ध्यान

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:08
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

जब हम किसी जॉब के लिए इंटरव्यू देने जाते है तो हमें इस बात का कोई अदांजा नहीं होता कि इंटरव्यू को दौरान किस तरह के सवाल पूछे जाएगें। यह भी पता नहीं होता कि इंटरव्यू कितनी देर चलेगा।लेकिन इस दौरान एक बात जो इंटरव्यूर आपसे जरुर पूछता है वह आपके बारे में।साक्षात्कारकर्ता आपसे आपका परिचय देने को कहेगा। ऐसे में आपको अगर पहले से ही पता हो कि आप खुद को किस तरह से प्रस्तुत करेगें, तो काम आसान हो जाता है। आइए जानते है कि अपना परिचय देते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 

छोटा और सटीक परिचय
अपने परिचय को लंबा न खींचे। जितना जरूरी है, उतना ही कहें। इस बात का कोई मतलब नहीं कि आप 10 मिनट तक खुद का परिचय ही देते रह जाएं और अपना इतिहास बताते रहे। ऐसा करके आप अपना समय बर्बाद कर रहे होते हैं।

जरूरी बातों पर ध्यान केंद्रित करें
साक्षात्कारकर्ता आपसे सिर्फ जरूरी जवाबों को ही सुनना चाहेगा। इसलिए, आप भी सिर्फ उतना ही जवाब दें जितना जरूरी हो।

जोक्स ना करें 
साक्षात्कारकर्ता कभी भी आपसे हल्की बातों की उम्मीद नहीं रखता। इसलिए, सिर्फ जरूरी बातें ही करें। मूड हल्का करने के लिए हंसने-हंसाने की जरूरत नहीं।

दोहराव से बचे
हरेक सवाल के नपे तुले जवाब ही दें। जवाबों को दोहराने से बचें।अपने साक्षात्कारकर्ता के सामने रिज्यूमे रखें।

मुस्कराते रहें
ये सबसे जरूरी बात है। इससे आपके अंदर आत्मविश्वास बना रहेगा।

पढ़ाई का सही वक्त

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:07
Article Type: पढ़ाई टिप्स

पढ़ाई का सही वक्त हर व्यक्ति की आदतों, जीवनशैली और ऊर्जा स्तर पर निर्भर करता है, लेकिन वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से कुछ समय ऐसे माने जाते हैं जब पढ़ाई करना अधिक प्रभावशाली होता है।

पढ़ाई के लिए सबसे अच्छे समय: 1. सुबह का समय (5 बजे से 8 बजे तक)
  • दिमाग एकदम ताज़ा होता है

  • एकाग्रता उच्च स्तर पर होती है

  • वातावरण शांत होता है

  • नया विषय या कठिन विषय पढ़ने के लिए उपयुक्त समय

2. दोपहर का समय (2 बजे से 4 बजे तक)
  • हल्का रिवीजन करने के लिए

  • नोट्स पढ़ने या फ्लैशकार्ड का अभ्यास करने के लिए

  • इस समय ऊर्जा थोड़ी कम होती है, इसलिए हल्के विषयों का अध्ययन करें

3. शाम का समय (6 बजे से 9 बजे तक)
  • स्कूल/काम के बाद का समय होता है

  • रिवीजन या टेस्ट प्रैक्टिस करने के लिए अच्छा समय

  • समूह में पढ़ाई (group study) के लिए भी उपयुक्त

4. रात का समय (9 बजे से 11 बजे तक)
  • शांत वातावरण में पढ़ने का समय

  • आत्मविश्लेषण और नोट्स तैयार करने के लिए अच्छा

  • सिर्फ उन्हीं छात्रों के लिए जो रात में जागकर पढ़ना पसंद करते हैं

समय चुनने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें:
  • जब भी पढ़ें, पूरी एकाग्रता से पढ़ें (मोबाइल दूर रखें)

  • हर 40–50 मिनट बाद 5–10 मिनट का ब्रेक लें

  • नींद पूरी करें (6 से 8 घंटे आवश्यक)

  • शरीर और दिमाग स्वस्थ रखें – संतुलित आहार और व्यायाम ज़रूरी है

निष्कर्ष:

"सबसे अच्छा समय वही है जब आप बिना तनाव और पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ सकें।"
हर किसी की आदतें अलग होती हैं, इसलिए खुद को समझकर ऐसा समय तय करें जो आपके लिए सबसे प्रभावी हो।

 

अच्छा रिजल्ट पाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना इम्पॉर्टेट है।

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:07
Article Type: पढ़ाई टिप्सवैज्ञानिक तरीके से रिपीट करना क्यों जरूरी है? दिमाग की भूलने की प्रवृत्ति (Forgetting Curve)

हमारा दिमाग जो जानकारी एक बार पढ़ता है, उसे समय के साथ भूलने लगता है। रिसर्च के अनुसार, अगर हम दोहराते नहीं हैं, तो 24 घंटे के भीतर हम 50% से अधिक जानकारी भूल सकते हैं।

Spaced Repetition क्या है?

यह एक वैज्ञानिक अध्ययन तकनीक है जिसमें किसी जानकारी को तय अंतराल पर दोहराया जाता है, जिससे वह लंबे समय तक याद रहती है। इस तकनीक में हर बार रिपीट करने का समय थोड़ा बढ़ा दिया जाता है।

उदाहरण:

  • पहला रिपीट – उसी दिन

  • दूसरा रिपीट – अगले दिन

  • तीसरा रिपीट – 3 दिन बाद

  • चौथा रिपीट – 7 दिन बाद

  • पाँचवां रिपीट – 15 दिन बाद

फायदे
  1. याददाश्त मजबूत होती है

  2. जानकारी लंबे समय तक याद रहती है

  3. परीक्षा की तैयारी तेज और आसान हो जाती है

  4. आत्मविश्वास बढ़ता है

रिपीट कैसे करें?
  • हर टॉपिक के लिए रिवीजन शेड्यूल बनाएं

  • फ्लैशकार्ड या संक्षिप्त नोट्स का उपयोग करें

  • हर विषय को कम से कम 4-5 बार दोहराएं

  • समय तय करें: सुबह का समय या सोने से पहले का समय सबसे अच्छा होता है

  • मोबाइल एप्स जैसे Anki या Quizlet से Spaced Repetition तकनीक का उपयोग कर सकते हैं

निष्कर्ष

अगर आप चाहते हैं कि आपने जो भी पढ़ा है वह परीक्षा तक दिमाग में बना रहे, तो सिर्फ पढ़ना ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक ढंग से दोहराना भी उतना ही जरूरी है।

 

आईटीआई करने से क्या लाभ होता है?

ITI Directory - Wed, 07/08/2026 - 12:06
Article Type: इंटरव्यू टिप्स

आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) करने से कई महत्वपूर्ण लाभ होते हैं, जो युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं और उन्हें रोजगार या स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। नीचे कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं:

आईटीआई करने के लाभ 1. सरकारी नौकरी के अवसर

आईटीआई पूरा करने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं, जैसे:

  • रेलवे

  • भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना

  • बिजली विभाग (UPPCL, NTPC आदि)

  • लोक निर्माण विभाग (PWD)

  • तकनीकी शिक्षा विभाग

  • व्यावसायिक शिक्षा विभाग

2. निजी क्षेत्र में रोजगार

आईटीआई डिप्लोमा प्राप्त छात्र प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में भी नौकरी पा सकते हैं, जैसे:

  • टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, हुंडई

  • रिलायंस, अडानी, आदित्य बिरला

  • महिंद्रा, होंडा, एलएंडटी

  • विप्रो, इंफोसिस, वीडियोकॉन आदि

3. विदेशों में नौकरी के अवसर

आईटीआई पास युवा खाड़ी देशों (जैसे- दुबई, कुवैत, कतर) और अन्य देशों में भी तकनीकी नौकरियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

4. स्वरोजगार के अवसर
  • प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मोटर मैकेनिक आदि ट्रेड में प्रशिक्षित छात्र स्वयं का कार्यशाला/दुकान खोल सकते हैं।

  • सरकार की मुद्रा लोन योजना के तहत बिना गारंटी के ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।

5. कम लागत में व्यावसायिक शिक्षा
  • आईटीआई कोर्स सामान्यतः 6 महीने से 2 साल के होते हैं।

  • फीस कम होती है और कई छात्रों को छात्रवृत्ति या शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है।

6. निःशुल्क प्रशिक्षण एवं सुविधाएं
  • अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं के लिए कई संस्थानों में निःशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा है।

  • पुस्तकालय में अध्ययन हेतु निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध होती हैं।

7. कौशल विकास और आत्मनिर्भरता

आईटीआई प्रशिक्षण से छात्र व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं और काम करने की दक्षता बढ़ाते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।

8. अल्प समय में करियर की शुरुआत

आईटीआई कोर्स के बाद छात्र जल्दी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं और अपना करियर प्रारंभ कर सकते हैं, जिससे उन्हें जल्दी आय का स्रोत मिलने लगता है।

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