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ITI Interview में Technical Questions की तैयारी कैसे करें?
ITI पूरी करने के बाद जब कोई विद्यार्थी Technical Job के लिए Interview देने जाता है, तो उससे केवल सामान्य सवाल ही नहीं पूछे जाते। उसकी ITI Trade, Technical Knowledge, Practical Skills, Tools, Machines और Safety Practices से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं।
कई ITI Fresher Interview में इसलिए परेशान हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने Theory तो पढ़ी होती है, लेकिन उसे Practical Work से जोड़कर समझने की तैयारी नहीं की होती।
Technical Interview में सफल होने के लिए हर सवाल का जवाब रटने के बजाय अपनी Trade के Basic Concepts को समझना और Practical तरीके से Explain करना ज्यादा उपयोगी है।
इस Article में जानेंगे कि ITI Technical Interview की तैयारी कैसे करें, किन Topics पर ध्यान दें, Questions का जवाब कैसे दें और Interview के दौरान किन गलतियों से बचें।
ITI Technical Interview क्या होता है?Technical Interview में उम्मीदवार की उस Job से संबंधित Technical Knowledge और Practical Understanding को समझने की कोशिश की जाती है।
यदि आपने ITI में Electrician Trade की है और Electrical Technician की Job के लिए आवेदन किया है, तो Interviewer आपसे Electrical Concepts, Tools, Measuring Instruments, Wiring और Safety से संबंधित Questions पूछ सकता है।
इसी तरह Fitter से Fitting Tools और Measurement, Welder से Welding Processes और Safety तथा Mechanic से संबंधित उम्मीदवार से Mechanical Systems और Maintenance के Questions पूछे जा सकते हैं।
इसलिए Technical Interview की तैयारी हमेशा अपनी ITI Trade और जिस Job Role के लिए आवेदन कर रहे हैं उसके अनुसार करें।
Technical Interview की तैयारी कब शुरू करें?Technical Interview की तैयारी Job Interview की तारीख आने के बाद शुरू करना जरूरी नहीं है।
यदि आप अभी ITI में पढ़ रहे हैं तो तैयारी पहले से शुरू कर सकते हैं।
ITI के दौरान:
- Classroom Theory ध्यान से पढ़ें।
- Workshop Practical को समझें।
- Tools के नाम और उपयोग सीखें।
- Safety Rules समझें।
- अपने Instructor से Questions पूछें।
- Practical काम करते समय हर Step को समझने की कोशिश करें।
इससे ITI पूरी होने के बाद Interview की तैयारी करना आसान हो सकता है।
Step 1: अपनी ITI Trade के Basic Concepts मजबूत करेंTechnical Interview की शुरुआत अक्सर Basic Knowledge से हो सकती है।
इसलिए सबसे पहले अपनी Trade के Fundamentals को मजबूत करें।
उदाहरण के लिए Electrician को Basic Electrical Concepts समझने चाहिए।
Fitter को Measurement और Fitting के Basic Concepts समझने चाहिए।
Welder को Welding के Basic Principles और Safety समझनी चाहिए।
Machinist को Machines, Cutting Tools और Machining से जुड़े Basic Concepts समझने चाहिए।
Basic Concepts मजबूत होने पर कठिन Questions को समझना भी आसान हो सकता है।
Step 2: ITI में पढ़े हुए Important Topics की List बनाएंअपनी ITI Books और Notes देखकर Important Topics की एक List बनाएं।
उदाहरण के लिए:
Electrician- Voltage
- Current
- Resistance
- Power
- AC और DC
- Electrical Safety
- Wiring
- Measuring Instruments
- Motors
- Transformers
- Earthing
- Circuit Protection
- Measurement
- Marking
- Hand Tools
- Files
- Drilling
- Tapping
- Threading
- Fitting Operations
- Workshop Safety
- Basic Machine Tools
- Welding
- Welding Processes
- Electrodes
- Welding Equipment
- Welding Defects
- Welding Safety
- Joint Types
- Basic Fabrication
ये केवल उदाहरण हैं। अपने Trade के Official Curriculum और Job Role के अनुसार Topics की सूची बनाएं।
Step 3: केवल Definition याद न करेंTechnical Interview की सबसे आम गलती है कि उम्मीदवार केवल Definitions याद करते हैं।
Interviewer यदि पूछता है:
"Resistance क्या है?"
तो केवल किताब की Definition बताना पर्याप्त नहीं हो सकता।
वह आगे पूछ सकता है:
- Resistance किन Factors पर निर्भर करता है?
- इसका Unit क्या है?
- इसे कैसे Measure करते हैं?
- Practical Circuit में इसका क्या उपयोग है?
इसलिए किसी भी Topic को पढ़ते समय खुद से पूछें:
क्या? → क्यों? → कैसे? → कहां इस्तेमाल होता है?
इस तरीके से पढ़ने पर Technical Knowledge अधिक Practical बनती है।
Step 4: Tools के बारे में जरूर पढ़ेंITI Technical Interview में Tools से संबंधित Questions पूछे जा सकते हैं।
अपने Trade में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख Tools की List बनाएं।
हर Tool के लिए ये चार बातें जानें:
- Tool का नाम
- इसका उपयोग
- इसका सही तरीका
- Safety Precautions
उदाहरण के लिए Fitter उम्मीदवार को विभिन्न Hand Tools और Measuring Tools के बारे में Practical Knowledge होनी चाहिए।
Electrician को Electrical Testing और Measuring Instruments के उपयोग की जानकारी होनी चाहिए।
Step 5: Measuring Instruments की तैयारी करेंTechnical Jobs में Measurement बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।
अपनी Trade के अनुसार संबंधित Measuring Instruments को समझें।
उदाहरण:
- Multimeter
- Clamp Meter
- Vernier Caliper
- Micrometer
- Steel Rule
- Measuring Tape
- Try Square
हर Instrument के बारे में यह समझें कि:
यह क्या Measure करता है और इसका उपयोग कैसे किया जाता है?
सिर्फ Instrument का नाम याद करने के बजाय उसका Practical Use समझना अधिक महत्वपूर्ण है।
Step 6: Safety Questions की तैयारी करेंTechnical Interview में Safety को कभी नजरअंदाज न करें।
Company यह देखना चाह सकती है कि Candidate काम करते समय Safety को कितना महत्व देता है।
अपनी Trade के अनुसार Safety Topics पढ़ें।
उदाहरण:
Electrical Work- Power Supply Isolate करना
- Proper PPE
- Earthing
- Electrical Tools का सही उपयोग
- Live Circuit पर काम करने से बचना
- Welding Helmet
- Gloves
- Protective Clothing
- Ventilation
- Fire Safety
- Safety Shoes
- Machine Guards
- Proper Tools
- Workplace Cleanliness
- Machine Safety Procedures
Interview में यदि Safety से संबंधित सवाल पूछा जाए तो केवल Technical Answer ही नहीं, बल्कि Safe Working Practice को भी महत्व दें।
Step 7: Practical Questions की तैयारी करेंInterviewer आपसे पूछ सकता है:
"आपने ITI में कौन-कौन से Practical काम किए हैं?"
इसका उत्तर देने के लिए अपनी वास्तविक Workshop Activities याद रखें।
उदाहरण:
"ITI में मैंने अपनी Trade से संबंधित Practical Work किया है। इसमें Tools का उपयोग, Basic Maintenance और Workshop Safety Procedures का पालन शामिल था।"
लेकिन इससे बेहतर है कि आप अपने वास्तविक Practical Work के 3–5 उदाहरण पहले से तैयार रखें।
यदि आपने कोई Project बनाया है तो उसके बारे में भी Questions पूछे जा सकते हैं।
Step 8: अपने ITI Project को अच्छी तरह समझेंयदि आपने ITI के दौरान Project बनाया है तो Interview से पहले उसे दोबारा समझें।
आपसे पूछा जा सकता है:
- Project का नाम क्या था?
- यह कैसे काम करता है?
- इसमें कौन-कौन से Components इस्तेमाल हुए?
- आपने इसमें क्या काम किया?
- इसमें कौन-सी समस्या आई?
- आपने उसे कैसे ठीक किया?
Project में आपने वास्तव में जो काम किया है, उसी के बारे में बताएं।
किसी दूसरे व्यक्ति का Project अपना बताने से बचें।
Step 9: Job Description को ध्यान से पढ़ेंTechnical Interview की तैयारी केवल ITI Syllabus के अनुसार करना पर्याप्त नहीं है।
जिस Job के लिए Interview है, उसका Job Description पढ़ें।
मान लीजिए Job में लिखा है:
Maintenance Technician
तो तैयारी में Maintenance, Troubleshooting, Tools और Safety को प्राथमिकता दें।
यदि Job है:
Production Technician
तो Production Process, Machines, Quality और Workplace Safety से संबंधित Topics पर ध्यान दें।
इससे आपकी तैयारी Job Role के अधिक करीब हो सकती है।
Step 10: Common Technical Questions की Practice करेंअपनी Trade के Common Questions की एक Notebook बनाएं।
उदाहरण के लिए:
Electrician के लिए- Voltage क्या है?
- Current क्या है?
- Resistance क्या है?
- AC और DC में क्या अंतर है?
- Multimeter का उपयोग कैसे करते हैं?
- Earthing क्यों की जाती है?
- Fuse का क्या काम है?
- MCB क्या है?
- Transformer क्या है?
- Electrical Safety के प्रमुख नियम क्या हैं?
- Fitting क्या है?
- Vernier Caliper का उपयोग क्या है?
- Micrometer क्या Measure करता है?
- Drilling क्या है?
- Tapping क्या है?
- Thread क्या होता है?
- विभिन्न Hand Tools का उपयोग क्या है?
- Marking क्यों की जाती है?
- Workshop Safety क्यों जरूरी है?
- Welding क्या है?
- Welding के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
- Electrode क्या है?
- Welding Defect क्या होता है?
- Welding में PPE क्यों जरूरी है?
- Welding Joint क्या है?
- Welding से पहले किन Safety Precautions का पालन करना चाहिए?
ये केवल तैयारी के उदाहरण हैं। Interview में पूछे जाने वाले Questions Company और Job Role के अनुसार अलग हो सकते हैं।
Step 11: Questions का Answer कैसे दें?Technical Question का उत्तर देते समय बहुत लंबी कहानी बताने की जरूरत नहीं है।
एक अच्छा तरीका है:
Definition → Explanation → Practical Example
उदाहरण:
Question: Multimeter क्या है?
Answer:
Multimeter एक Measuring Instrument है जिसका उपयोग Electrical Parameters को Measure करने के लिए किया जाता है। इसके Model और Setting के अनुसार Voltage, Current, Resistance और अन्य Measurements किए जा सकते हैं।
यदि Interviewer आगे पूछे तो उसके अनुसार उत्तर दें।
Step 12: अगर Technical Question का Answer नहीं आता तो?हर Candidate को हर Question का Answer आना जरूरी नहीं है।
यदि आपको सही Answer नहीं पता है तो गलत जानकारी देने से बचें।
आप कह सकते हैं:
"Sorry Sir/Ma'am, मुझे इस Question का सही Answer अभी पता नहीं है।"
यदि आपको थोड़ा पता है लेकिन पूरा नहीं पता, तो उतना ही बताएं जितना आप निश्चित रूप से जानते हैं।
गलत Confidence के साथ गलत Technical Information देने से बेहतर है ईमानदारी से अपनी जानकारी स्वीकार करना।
Step 13: Mock Technical Interview देंTechnical Interview की तैयारी के लिए Mock Interview बहुत उपयोगी हो सकता है।
अपने किसी:
- Instructor
- Senior
- Friend
- Teacher
से Interview लेने के लिए कहें।
उन्हें अपनी Trade से संबंधित Questions पूछने दें।
Mock Interview में यह Practice करें:
- Question ध्यान से सुनना
- Short और Clear Answer देना
- Technical Terms सही बोलना
- Practical Examples देना
- नहीं आने वाले Answer को ईमानदारी से स्वीकार करना
Mock Interview के बाद अपनी गलतियों की List बनाएं।
Step 14: Practical Demonstration के लिए तैयार रहेंकुछ Technical Jobs में केवल बातचीत नहीं होती। Candidate से Practical Task भी करवाया जा सकता है।
उदाहरण के लिए:
- किसी Tool की पहचान
- Measurement
- Basic Wiring
- Machine Operation
- Component Identification
- Fault Finding
- Workshop Task
यह पूरी तरह Job और Employer की Selection Process पर निर्भर करता है।
इसलिए ITI की Practical Training को केवल Certificate के लिए न करें।
जो काम आपने Workshop में सीखा है, उसे स्वयं करके समझना जरूरी है।
Step 15: Technical English Terms भी समझेंTechnical Field में कई Terms English में इस्तेमाल होती हैं।
उदाहरण:
- Voltage
- Current
- Resistance
- Maintenance
- Troubleshooting
- Measurement
- Safety
- Equipment
- Machine
- Production
आपको हर चीज का पूरा English Answer देना जरूरी नहीं है, लेकिन Technical Terms को समझना उपयोगी हो सकता है।
यदि Interview Hindi में हो रहा है तो आप सरल Hindi में Technical Term के साथ जवाब दे सकते हैं।
ITI Technical Interview के लिए Daily Study Planयदि आपके पास Interview की तैयारी के लिए 7–15 दिन हैं तो एक सरल Routine बनाया जा सकता है।
सुबह – 1 घंटाITI Trade के Basic Concepts का Revision।
दोपहर – 1 घंटाTools, Machines और Measuring Instruments।
शाम – 1 घंटाTechnical Questions की Practice।
रात – 30 मिनटदिन में पढ़े हुए Topics का Revision।
इसके अलावा रोज कुछ समय Mock Interview या बोलकर Answer देने की Practice करें।
Technical Interview में किन गलतियों से बचें? बिना समझे Answer न देंअगर Question समझ नहीं आया तो पहले उसे समझने की कोशिश करें।
बहुत लंबा Answer न देंजो पूछा गया है उसका Clear और Relevant Answer दें।
गलत Technical Information न देंयदि Answer नहीं पता है तो स्वीकार करना बेहतर है।
Fake Experience न बताएंFresher हैं तो Fresher ही बताएं।
Safety को Ignore न करेंTechnical Job में Safety बहुत महत्वपूर्ण है।
Practical Knowledge को कम न समझेंITI में सीखी Practical Skills को अच्छी तरह समझें।
ITI Fresher के लिए सबसे महत्वपूर्ण Technical Topicsअपनी Trade के अनुसार तैयारी करते समय इन Categories पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है:
Basic Conceptsअपनी Trade के Fundamentals।
ToolsTools के नाम, उपयोग और Safety।
MachinesBasic Machine Knowledge।
MeasurementMeasuring Instruments और Measurement Techniques।
MaintenanceBasic Maintenance और Troubleshooting।
SafetyPPE और Safe Working Practices।
Practical WorkITI Workshop में सीखे हुए Practical Tasks।
Job Roleजिस Position के लिए Interview दे रहे हैं उससे संबंधित Knowledge।
Technical Interview से एक दिन पहले क्या करें?Interview से एक दिन पहले पूरा Syllabus पढ़ने की कोशिश न करें।
इसके बजाय:
- अपनी Trade के Basic Concepts दोहराएं।
- Important Technical Questions देखें।
- Tools और Instruments revise करें।
- Safety Topics दोहराएं।
- अपने ITI Project की तैयारी करें।
- Resume पढ़ें।
- Job Description दोबारा देखें।
- Interview Location और समय confirm करें।
- जरूरी Documents तैयार रखें।
रात में पर्याप्त आराम करें ताकि Interview के समय आप Concentrated रहें।
Interview के दिन क्या करें?Interview के दिन समय से पहले पहुंचने की कोशिश करें।
अपने साथ रखें:
- Resume
- ITI Certificate/Marksheet की Copies
- 10th Documents
- पहचान पत्र
- Photograph, यदि आवश्यक हो
- अन्य मांगे गए Documents
कपड़े साफ और व्यवस्थित रखें।
Interview Room में:
- विनम्रता से अभिवादन करें।
- ध्यान से सवाल सुनें।
- स्पष्ट आवाज में जवाब दें।
- जरूरत से ज्यादा जल्दी जवाब न दें।
- Technical Answer को Practical Example से समझाने की कोशिश करें।
Technical Interview की तैयारी का एक सरल Formula याद रखें:
Trade Basics → Tools → Measurement → Machines → Practical Work → Safety → Job Role → Technical Questions → Mock Interview
यदि इन सभी क्षेत्रों की अच्छी तैयारी है तो आप Technical Interview के लिए अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार हो सकते हैं।
निष्कर्षITI Technical Interview में सफलता के लिए केवल Questions याद करना पर्याप्त नहीं है। आपको अपनी Trade के Basic Concepts, Tools, Machines, Measurement, Practical Work और Safety को समझना चाहिए।
Interview की तैयारी करते समय अपनी ITI की Theory को Practical Work से जोड़ने की कोशिश करें। जिस Job के लिए आवेदन कर रहे हैं उसके Job Description को पढ़ें और उसी के अनुसार अपनी तैयारी को प्राथमिकता दें।
यदि किसी Question का Answer नहीं आता है तो गलत जानकारी देने के बजाय ईमानदारी से अपनी जानकारी बताएं। Fresher के रूप में आपसे हर Technical Question का Expert-level Answer अपेक्षित नहीं हो सकता, लेकिन Basic Knowledge, Practical Understanding, सीखने की इच्छा और Safety Awareness महत्वपूर्ण हो सकती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि Interview से पहले अपनी Trade के Topics को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि यह समझें कि वास्तविक Workplace में उनका उपयोग कैसे होता है।
ITI में सीखी Technical Knowledge को Practical Skills से जोड़कर तैयार की गई तैयारी ही Technical Interview के लिए सबसे उपयोगी आधार बन सकती है।
ITI के बाद Private Job या Government Job: कौन सा विकल्प बेहतर है?
ITI पूरी करने के बाद विद्यार्थियों के सामने अक्सर एक महत्वपूर्ण सवाल होता है—Private Job करें या Government Job की तैयारी करें?
दोनों विकल्पों के अपने फायदे और सीमाएं हैं। Government Job में नौकरी की स्थिरता और निर्धारित नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभ आकर्षक हो सकते हैं, जबकि Private Job में जल्दी काम शुरू करने, Practical Experience प्राप्त करने और अलग-अलग Industries में Career Growth के अवसर मिल सकते हैं।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर ITI Student के लिए केवल Government Job ही बेहतर है या केवल Private Job। सही विकल्प आपकी Trade, Skills, Career Goal, आर्थिक आवश्यकता, Location और भविष्य की योजना पर निर्भर करता है।
इस Article में ITI के बाद Private और Government Job के बीच अंतर को सरल तरीके से समझेंगे और जानेंगे कि आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
ITI के बाद Career के मुख्य विकल्पITI पूरा करने के बाद आप कई रास्तों पर आगे बढ़ सकते हैं:
- Private Company में Job
- Government Job
- Apprenticeship
- PSU से संबंधित अवसर
- Contract Technical Job
- Job Fair
- Campus Placement
- आगे की Technical Education
- अपना Technical Work/Business
इनमें से Private और Government Job सबसे सामान्य Career Options में से हैं।
Private Job क्या होती है?Private Job में उम्मीदवार किसी निजी Company, Factory, Workshop, Service Provider या अन्य Private Organization के लिए काम करता है।
ITI Candidates को उनकी Trade और Job Role के अनुसार अलग-अलग Positions मिल सकती हैं।
उदाहरण के लिए:
- Electrician
- Technician
- Maintenance Technician
- Fitter
- Welder
- Machine Operator
- Mechanic
- Production Technician
- Service Technician
Job Role Company और Candidate की Qualification के अनुसार अलग हो सकता है।
Government Job क्या होती है?Government Job में उम्मीदवार किसी सरकारी Department, Government Organization या अन्य सरकारी संस्था में निर्धारित Recruitment Process के माध्यम से नियुक्त होता है।
ITI Qualification वाले उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग समय पर विभिन्न Technical Posts और Apprenticeship Opportunities निकल सकती हैं।
कुछ अवसरों में Written Examination हो सकता है, जबकि किसी भर्ती में Merit, Skill/Trade Test या अन्य Selection Process हो सकती है।
हर Government Job का Selection Process अलग हो सकता है।
इसलिए किसी भी भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले Official Notification पढ़ना जरूरी है।
Private Job और Government Job में मुख्य अंतर आधार Private Job Government Job Recruitment Company के अनुसार निर्धारित सरकारी Recruitment Process Selection Interview/Test आदि Exam/Merit/Test/अन्य प्रक्रिया Job मिलने का समय कई बार जल्दी मिल सकता है Recruitment Process के कारण समय लग सकता है Work Environment Company के अनुसार Department/Organization के अनुसार Salary Company और Role के अनुसार Pay Rules/Pay Scale के अनुसार Growth Performance और Company Structure पर निर्भर निर्धारित Rules और Promotion System के अनुसार Transfer Company Policy पर निर्भर Department के Rules पर निर्भर Job Stability Company की स्थिति और Employment Terms पर निर्भर संबंधित Service Rules के अनुसार Experience Industry Experience जल्दी मिल सकता है पद और Department के अनुसार Competition Job के अनुसार अलग कई भर्ती में Competition अधिक हो सकता हैयह सामान्य तुलना है। वास्तविक Conditions Employer, Post और Recruitment Rules के अनुसार अलग हो सकती हैं।
ITI के बाद Private Job के फायदे 1. जल्दी Career शुरू करने का अवसरPrivate Sector में कुछ ITI Jobs के लिए Recruitment Process Government Recruitment की तुलना में छोटा हो सकता है।
यदि आपकी Skills अच्छी हैं और कोई उपयुक्त Vacancy उपलब्ध है तो आप अपेक्षाकृत जल्दी काम शुरू कर सकते हैं।
हालांकि हर Private Company की Hiring Process अलग होती है।
2. Practical Experience मिलता हैPrivate Industry में काम करने से आपको वास्तविक Workplace का अनुभव प्राप्त हो सकता है।
आप सीख सकते हैं:
- Machines के साथ काम करना
- Production Process
- Maintenance
- Workplace Safety
- Quality Control
- Teamwork
- Time Management
यह Experience आगे की नौकरी में उपयोगी हो सकता है।
3. Technical Skills विकसित होती हैंIndustry में रोज Technical Work करने से आपकी Practical Skills मजबूत हो सकती हैं।
ITI में सीखी Theory को वास्तविक काम से जोड़ने का अवसर मिलता है।
4. अलग-अलग Industries में अवसरITI Trade के अनुसार Manufacturing, Automobile, Engineering, Electrical, Construction, Maintenance और अन्य Industries में Opportunities मिल सकती हैं।
इससे आपको अपनी रुचि के अनुसार Industry चुनने का अवसर मिल सकता है।
5. Career Growth का अवसरकुछ Private Companies में Skills और Experience बढ़ने के साथ Job Role और Responsibility भी बढ़ सकती है।
कुछ लोग Technician से Senior Technician, Supervisor या अन्य Technical Roles की ओर आगे बढ़ते हैं।
हालांकि Career Growth Company, Performance, Skills और उपलब्ध Positions पर निर्भर करती है।
Private Job की कुछ चुनौतियांPrivate Job के कुछ फायदे हैं, लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
Company पर निर्भरताJob Conditions Employer और Company Policy के अनुसार बदल सकती हैं।
Working Hoursकुछ Technical Jobs में Shift Duty या Overtime हो सकता है।
Salary में अंतरएक ही Trade के उम्मीदवारों की Salary अलग-अलग Companies में अलग हो सकती है।
Job StabilityPrivate Sector में Employment Conditions Company की स्थिति और नियुक्ति की Terms पर निर्भर करती हैं।
इसलिए Job स्वीकार करने से पहले Offer Letter और Employment Conditions को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
ITI के बाद Government Job के फायदे 1. Job StabilityGovernment Employment में नियुक्ति संबंधित Service Rules और Employment Conditions के अनुसार होती है।
यह कई उम्मीदवारों के लिए Government Job का महत्वपूर्ण आकर्षण है।
2. निर्धारित Pay Structureकई Government Posts में Salary संबंधित Pay Rules या Pay Scale के अनुसार निर्धारित होती है।
इसके साथ लागू Allowances और Benefits भी Service Rules के अनुसार हो सकते हैं।
3. निर्धारित Recruitment ProcessGovernment Job में Recruitment के लिए निर्धारित Notification, Eligibility और Selection Process होती है।
Candidate को उसी Process के अनुसार आवेदन और परीक्षा/Selection में भाग लेना होता है।
4. Career ProgressionGovernment Departments में Promotion और Career Progression संबंधित Service Rules के अनुसार होता है।
इससे Employee को अपने Career का एक निर्धारित Structure मिल सकता है।
5. अन्य Service BenefitsGovernment Employees को उनके Department और Service Rules के अनुसार विभिन्न Benefits मिल सकते हैं।
लेकिन सभी Government Jobs में Benefits एक जैसे नहीं होते।
इसलिए किसी विशेष Post के लिए संबंधित Service Rules को देखना चाहिए।
Government Job की कुछ चुनौतियां Competition ज्यादा हो सकता हैGovernment Recruitment में बहुत सारे Candidates एक ही Vacancy के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसलिए Selection के लिए अच्छी तैयारी जरूरी हो सकती है।
Recruitment में समय लग सकता हैNotification, Application, Examination, Result, Document Verification और अन्य चरणों के कारण पूरी Recruitment Process में समय लग सकता है।
Vacancy का इंतजारआपकी Trade और Qualification के अनुसार उपयुक्त Vacancy हमेशा उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है।
इसलिए केवल एक भर्ती का इंतजार करना सही रणनीति नहीं हो सकती।
Private Job या Government Job—किसे चुनें?इसका उत्तर हर ITI Student के लिए अलग हो सकता है।
अपना निर्णय लेते समय इन बातों पर विचार करें:
आपकी प्राथमिकता क्या है?यदि आपका मुख्य लक्ष्य जल्दी काम शुरू करना और Experience प्राप्त करना है तो Private Job या Apprenticeship पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।
यदि आपका मुख्य लक्ष्य Government Service है तो आप Government Recruitment की तैयारी कर सकते हैं।
अगर आपको तुरंत Income चाहिएयदि ITI पूरी करने के बाद आपको जल्दी काम शुरू करना है, तो केवल Government Vacancy का इंतजार करना आपके लिए practical विकल्प नहीं हो सकता।
आप:
Private Job + Apprenticeship + Government Job Preparation
तीनों पर एक साथ ध्यान दे सकते हैं।
इससे आपको Experience और Income का अवसर मिल सकता है और साथ ही Government Job की तैयारी भी जारी रह सकती है।
अगर आपका लक्ष्य Government Job हैयदि आपका स्पष्ट लक्ष्य Government Job है तो ITI की Trade से संबंधित Government Recruitment और उसके Exam Pattern को समझें।
आपको:
- Official Notifications देखनी चाहिए।
- Eligibility Check करनी चाहिए।
- Syllabus समझना चाहिए।
- Previous Year Questions हल करने चाहिए।
- Mock Tests देने चाहिए।
- Technical Subjects की तैयारी करनी चाहिए।
- Mathematics और Reasoning की Practice करनी चाहिए।
- General Knowledge/Science की तैयारी करनी चाहिए, यदि परीक्षा में शामिल हो।
किसी भी भर्ती का Syllabus उसी के Official Notification से Confirm करें।
क्या Private Job करते हुए Government Job की तैयारी कर सकते हैं?हां, यह कई Candidates के लिए एक practical approach हो सकती है।
उदाहरण के लिए आप दिन में Private Technical Job कर सकते हैं और अपने खाली समय में Government Exam की तैयारी कर सकते हैं।
इसका फायदा यह हो सकता है कि:
- आपको Practical Experience मिलता रहेगा।
- Industry की समझ बढ़ेगी।
- Income का स्रोत रहेगा।
- Government Recruitment की तैयारी जारी रह सकती है।
लेकिन यह आपकी Working Hours और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
क्या Government Job मिलने तक Private Job छोड़ देनी चाहिए?सिर्फ Government Job की तैयारी के लिए Private Job छोड़ना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है।
यदि Private Job से आपको अच्छी Technical Skills और Experience मिल रहा है तो उसे जारी रखते हुए Government Exam की तैयारी की जा सकती है।
यदि Job आपकी तैयारी में बहुत अधिक बाधा डाल रही है, तभी अपनी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें।
कोई भी नौकरी छोड़ने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और अगला Career Plan जरूर सोचें।
Apprenticeship कहां आती है?Apprenticeship को Private Job या Government Job का बिल्कुल समान विकल्प नहीं समझना चाहिए।
यह मुख्य रूप से Training और Practical Experience प्राप्त करने का अवसर है।
ITI के बाद Apprenticeship करने से Industry में काम करने का अनुभव प्राप्त हो सकता है और आपकी Practical Skills बेहतर हो सकती हैं।
Training के दौरान Stipend का प्रावधान हो सकता है, लेकिन Apprenticeship को Permanent Job की Guarantee नहीं समझना चाहिए।
इसलिए ITI के बाद Career Plan बनाते समय Apprenticeship को भी एक अलग विकल्प के रूप में देखें।
ITI Trade के अनुसार Career Decisionआपकी Trade भी Career Decision में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उदाहरण के लिए:
ElectricianElectrical Maintenance, Manufacturing, Construction, Service और अन्य Technical क्षेत्रों में Private Opportunities खोजी जा सकती हैं। साथ ही संबंधित Government Technical Recruitment पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
FitterManufacturing, Production, Maintenance और Engineering Industries में अवसर मिल सकते हैं।
WelderFabrication, Manufacturing और अन्य Welding-related Industries में Jobs खोजी जा सकती हैं।
MechanicAutomobile, Maintenance, Service और Manufacturing से जुड़े क्षेत्रों में अवसर मिल सकते हैं।
COPAComputer और Office-related Entry-Level Jobs के साथ अन्य संबंधित Skill Opportunities पर विचार किया जा सकता है।
यह केवल सामान्य उदाहरण हैं। वास्तविक Job Opportunities आपके Location, Skills, Qualification और उपलब्ध Vacancies पर निर्भर करती हैं।
Private Job चुनते समय किन बातों को देखें?किसी Private Job को केवल Salary देखकर स्वीकार न करें।
इन बातों की जांच करें:
- Job Role
- Salary
- Working Hours
- Shift
- Overtime
- Location
- Accommodation, यदि लागू हो
- Transport, यदि उपलब्ध हो
- Leave Policy
- Job Contract
- Probation Period
- अन्य Benefits
Offer Letter को पढ़े बिना Job Join न करें।
Government Job के लिए किन बातों को देखें?किसी Government Vacancy के लिए:
- Qualification
- ITI Trade
- Age Limit
- Vacancy
- Category Rules
- Exam Pattern
- Syllabus
- Selection Process
- Application Fee
- Important Dates
- Required Documents
को Official Notification से Verify करें।
किसी YouTube Video, Social Media Post या दूसरे व्यक्ति की जानकारी को अंतिम स्रोत न मानें।
दोनों विकल्पों को साथ लेकर चलनाITI Fresher के लिए एक अच्छा Career Strategy यह हो सकता है कि वह खुद को केवल एक विकल्प तक सीमित न करे।
उदाहरण:
ITI → Apprenticeship/Private Job → Practical Experience → Government Exam Preparation → बेहतर Career Opportunity
इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को यही रास्ता अपनाना चाहिए।
यदि आपका लक्ष्य केवल Government Job है और आपकी परिस्थितियां तैयारी के लिए पर्याप्त समय देती हैं, तो आप उसी पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।
Private Job और Government Job में Salary की तुलना कैसे करें?केवल शुरुआत की Salary देखकर निर्णय लेना सही नहीं है।
Private Job में Salary Company, Location, Skill, Experience और Job Role के अनुसार बदल सकती है।
Government Job में Pay Scale और अन्य Benefits संबंधित Post और Service Rules के अनुसार निर्धारित होते हैं।
इसलिए तुलना करते समय देखें:
Salary + Benefits + Working Hours + Job Stability + Career Growth + Location + Skills
इन सभी को मिलाकर निर्णय लेना बेहतर हो सकता है।
ITI Fresher के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है?इसका सरल उत्तर है:
Private Job बेहतर हो सकती है यदि:- आप जल्दी Job शुरू करना चाहते हैं।
- आपको Practical Experience चाहिए।
- आप Industry में Skills विकसित करना चाहते हैं।
- आप अलग-अलग Companies में Career Opportunities तलाशना चाहते हैं।
- आपका लक्ष्य Government Service है।
- आप Competitive Examination के लिए तैयारी कर सकते हैं।
- आप Recruitment Process के लिए इंतजार करने को तैयार हैं।
- आप संबंधित Eligibility और Selection Process पूरी करते हैं।
- आप Practical Industry Training चाहते हैं।
- आपके पास Work Experience नहीं है।
- आप अपनी Trade Skills को वास्तविक Workplace में विकसित करना चाहते हैं।
Private Job और Government Job दोनों में अलग-अलग Career Opportunities हो सकती हैं।
Private Sector में काम करके प्राप्त Technical Experience आगे बहुत उपयोगी हो सकता है।
इसी तरह Government Job में चयन होने के बाद संबंधित Service Rules के अनुसार एक अलग Career Structure मिलता है।
इसलिए ITI Student को दूसरों की तुलना देखकर Career Decision नहीं लेना चाहिए।
अपने आप से पूछें:
मुझे क्या सीखना है?
मुझे कितनी जल्दी Income चाहिए?
मेरा Long-Term Career Goal क्या है?
क्या मैं Government Exam के लिए पर्याप्त समय दे सकता हूं?
मेरी Trade में कौन-से अवसर उपलब्ध हैं?
इन सवालों के जवाब आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्षITI के बाद Private Job या Government Job में से कौन सा विकल्प बेहतर है, इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है।
Private Job आपको जल्दी Industry में प्रवेश करने और Practical Experience प्राप्त करने का अवसर दे सकती है। Government Job में संबंधित Service Rules के अनुसार Job Stability, Pay Structure और Career Benefits जैसे पहलू आकर्षक हो सकते हैं। Apprenticeship ITI के बाद Practical Training और Industry Experience प्राप्त करने का एक अलग विकल्प है।
यदि आपका लक्ष्य जल्दी काम शुरू करना है तो Private Job या Apprenticeship पर विचार किया जा सकता है। यदि आपका सपना Government Service है तो संबंधित Government Recruitment की तैयारी करें।
सबसे अच्छी Strategy वही है जो आपकी Trade, Skills, आर्थिक जरूरत, उपलब्ध समय और Long-Term Career Goal के अनुसार हो।
ITI के बाद सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने Private Job चुनी या Government Job। आपकी Technical Skills, Practical Experience, सीखने की इच्छा और सही Career Planning भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
इंटरव्यू में कॉलेज स्टूडेंट्स से अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हमारे देश में भी आजकल कॉलेज स्टूडेंट्स को विभिन्न इंटर्नशिप्स, किसी पार्ट-टाइम जॉब या फिर, यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट के लिए इंटरव्यू देना होता है. कॉलेज स्टूडेंट्स का इंटरव्यू यूं तो पेशेवरों के इंटरव्यू से काफी अलग हो सकता है लेकिन, आजकल स्मार्ट कॉलेज यंगस्टर्स और देश के भावी पेशेवरों से भी कई ऐसे ट्रिकी प्रश्न इंटरव्यू के दौरान पूछ लिए जाते हैं जिनका जवाब देने में इन कॉलेज स्टूडेंट्स को काफी दिक्कत होती है जिसका नतीजा यह निकलता है कि वे अपने इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाते. लेकिन आजकल के इस इंटरनेट और डिजिटल युग में, जब पूरी दुनिया के ग्लोबल विलेज बन गई है तो अपने इंटरव्यू की समुचित तैयारी करके आप बेशक अपने अगले इंटरव्यू में सफलता का स्वाद चख सकते हैं जैसेकि, अगर आपको पहले से ही यह पता हो कि आपके इंटरव्यूअर आपसे किस किस्म के निजी या आपकी स्टडी से संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं, तो आप कुछ चुनिंदा प्रश्नों का समुचित जवाब अपने इंटरव्यू से पहले ही तैयार करके, मॉक इंटरव्यू के माध्यम से इन संभावित प्रश्नों का जवाब देने की खूब प्रैक्टिस कर सकते हैं. यकीनन ऐसा करने पर आप अपने अगले ही इंटरव्यू में सफल हो जायेंगे. इसी तरह, जब इंटरव्यूअर्स आपसे कुछ निजी प्रश्न पूछते हैं तो उनके जवाब गलत नहीं होते हैं लेकिन, ऐसे किसी निजी प्रश्न का जवाब देते समय अपना पॉइंट तर्कपूर्ण तरीके से रखना आपका दायित्व होता है क्योंकि कुछ ऐसे निजी प्रश्नों के जवाब सही या गलत तो नहीं होते हैं लेकिन जवाब देने से आपकी इंटेलिजेंस जरुर जाहिर होती है. यहां आपके लिए ऐसे ही कुछ चुनिंदा प्रश्न और उनके संभावित जवाब पेश किये जारहे हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:
केवल कुछ शब्दों में अपना परिचय दें
जब आपके इंटरव्यू के शुरू में ही इंटरव्यूअर आपसे केवल कुछ शब्दों में अपना परिचय देने को कहते हैं तो आप एकदम घबरा जाते हैं और आपको नहीं सूझता कि आप इस सरल दिखने वाले सवाल का क्या जवाब दें? आपको इस प्रश्न का जवाब बड़ी हाजिर जवाबी से देना होगा. दरअसल, यह एम्पलॉयर के नजरिये से सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है. वे आपसे यह उम्मीद करते हैं कि आप अपने बारे में काफी कुछ बतायेंगे. वे जॉब प्रोफाइल के मुताबिक या आपकी काबलियत या कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों के अतिरिक्त आपके बारे में कुछ भी जानने में रूचि नहीं रखते हैं. अपने रिज्यूम में वर्णित प्वाइंट्स के बारे में बताने की कोशिश करें, इससे पहले अपनी इंटर्नशिप के दौरान किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के बारे में बात करें. आप अपने एम्पलॉयर्स से अपने करियर प्लान्स के बारे में बात कर सकते हैं. ऐसी बातें करने पर उन्हें यह लगेगा कि आप ज्यादा जिम्मेदार और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित व्यक्ति हैं. ये ऐसे गुण हैं जो अधिकतर एम्पलॉयर्स अपने कर्मचारियों में तलाश करते हैं. लेकिन कोशिश करें कि आपका परिचय कम से कम शब्दों में हो जिसमें आप अपने बारे में जरुरी और उपयोगी जानकारी ही दें.
अपनी ताकत और कमजोरी के बारे में बताएं
किसी भी जॉब इंटरव्यू में यह प्रश्न पूछे जाने पर अधिकांश छात्र इस प्रश्न का जवाब नहीं दे पाते हैं. यहां एक बात पर ध्यान देना जरुरी है और वह यह है कि सभी मनुष्यों की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं. एम्पलॉयर आपकी ताकत और कमजोरी के बारे में सामान्य रूप से नहीं पूछते हैं लेकिन उनका अभिप्राय केवल उन बातों से होता है जिनका असर कार्यालय में आपकी कार्य कुशलता पर पड़ेगा. आपको अपनी कमजोरी की बात करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आप किसी संगठन में एक कंटेंट राइटर के पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं और आप ग्रामर को अपनी कमजोरी बतायेंगे तो ऐसा करके आप अपने इंटरव्यूअर को खुद ही बता देंगे कि आप इस जॉब के लिए सूटेबल कैंडिडेट नहीं हैं. ऐसी मूर्खतापूर्ण गलतियां करने से बचें. अच्छा रहे, अगर आप पहले से ही ऐसे प्रश्नों के जवाब तैयार कर लें क्योंकि तकरीबन सभी एम्पलॉयर्स आपसे यह प्रश्न पूछेंगे और आपको हरेक एम्पलॉयर को
आज से 5 साल बाद आप खुद को कहां देखते हैं?
अब, यह एक मुश्किल प्रश्न है. अपने एम्पलॉयर के सामने केवल अपनी करियर की विश-लिस्ट पेश करने से शायद इस मामले में मदद नहीं मिलेगी. इसलिये, आपको इस प्रश्न का जवाब अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित इंडस्ट्री का सावधानी से विश्लेषण करके देना होगा. अपनी फील्ड के किसी भी संगठन में मौजूद प्रमुख विभागों के बेसिक्स जानिये. एक्सपर्ट्स और अनुभवी लोगों से बात करें; अपनी फील्ड के विकास पैटर्न और भावी अवसरों की संभावनाओं को समझने की कोशिश करें. इंडस्ट्री में उस कंपनी में पदानुक्रम स्तर की मूलभूत जानकारी प्राप्त करें और यह भी पता करें कि एक से दूसरे स्तर पर जाने में कितना समय लगता है? सारी जानकारी के आधार पर आप मूल्यांकन कर सकते हैं कि अगले 5 वर्षों में आप कहां होंगे और आप इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजना कैसे बनायेंगे? इससे आपको उक्त प्रश्न का उपयुक्त जवाब देने में मदद मिलेगी. आप अपने एम्पलॉयर से कह सकते हैं कि अगर उनकी कंपनी में आपको करियर ग्रोथ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे तो अगले 5 साल के बाद भी आप उनकी कंपनी में ही काम करना चाहेंगे.
आप हमारी कंपनी क्यों ज्वाइन करना चाहते हैं?
कॉलेज स्टूडेंट्स से अक्सर पूछा जाने वाला यह भी एक खास प्रश्न है. आपको अपनी ताकतों और काबलियत के बारे में खुलकर बताना चाहिए. अगर आपने कंपनी के बारे में पहले ही रिसर्च कर ली है तो आप अपनी जॉब से अपने स्किल्स जोड़ सकते हैं. उन्हें बताएं कि आप कंपनी के लिए कैसे कीमती साबित हो सकते हैं और ऐसे विभिन्न तरीकों के बारे में बात करें जिनसे आप कंपनी के मौजूदा प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान दे सकते हैं. कंपनी के बारे में ऐसे बात करें जैसे कि आप पहले से ही कंपनी का हिस्सा हैं, इंटरव्यूअर को महसूस होना चाहिए कि आपको कंपनी की बुनियादी बातों और प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी है. आप अपने इंटरव्यूअर से यह भी कह सकते हैं कि उनकी कंपनी का जॉब प्रोफाइल ही आपका करियर गोल रहा है और आप पूरी गंभीरता और काबिलियत से उनकी कंपनी में अपना काम करना चाहते हैं.
कैसे करें साक्षात्कार की तैयारी?
यदि हमें उद्देश्य की जानकारी मिल जाए तो लक्ष्य प्राप्ति में आसानी होती है। इस लिहाज से साक्षात्कार देने वाले तमाम प्रतियोगियों के लिए यह अपेक्षित है कि इस तथ्य को अच्छी तरह आत्मसात कर लें कि आखिर साक्षात्कार क्यों लिया जाता है। यदि 'क्यों' की जानकारी मिल जाए जो 'कैसे' की जानकारी प्राप्त कर पता लगाया जा सकता है कि उन्हें 'क्या' तैयारी करना होगी।
वास्तव में देखा जाए तो साक्षात्कार द्वारा प्रतियोगी की आवेदित पद हेतु क्षमता का सही-सही आकलन किया जाता है। चूँकि यह आकलन संबंधित विषयों के विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है, इसलिए प्रत्याशियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सतही ज्ञान के बल पर भ्रामक उत्तर न दें। बेहतर तो यही होगा कि राज्य सेवा के अंतर्गत उपलब्ध पदों के लिए आवेदन करते समय ही उन पदों की प्रकृति तथा आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त कर उसकी पूर्ति हेतु सभी संभावित क्षेत्रों का ज्ञान अर्जित करें।
अकसर देखा गया है कि साक्षात्कार के दौरान प्रत्याशी से पहला सवाल यही किया जाता है कि उसने सिविल सेवा का क्षेत्र ही क्यों चुना या आवेदित पद के लिए ही वह क्यों आवेदन कर रहा है।
प्रत्याशियों के पास इसका सौद्देश्यपूर्ण जवाब होना चाहिए। महज देशसेवा, समाजसेवा जैसे उत्तर पर्याप्त नहीं होते हैं। जब तक प्रत्याशियों को इस बात का ज्ञान न हो कि साक्षात्कार में किस तरह के प्रश्न पूछे जाएँगे या क्या किया जाएगा तब तक वे इसकी पूर्णरूपेण तैयारी भी नहीं कर पाएँगे। आमतौर पर सिविल सेवा परीक्षा का साक्षात्कार विश्वविद्यालयीन प्रायोगिक परीक्षाओं की मौखिक परीक्षाओं (वाइवा) जैसा नहीं होता है और न ही अन्य नौकरियों के लिए लिए जाने वाले साक्षात्कार की तरह प्रत्याशियों की खिंचाई वाला होता है।
इसके बोर्ड में बैठने वाले सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ होने के साथ ही साक्षात्कार लेने के प्रति अत्यंत गंभीर होते हैं। वे प्रत्याशियों को परेशान कर उलझाने के स्वाभाविक तरीके से बातचीत के लहजे में साक्षात्कार लेते हैं। उनका उद्देश्य प्रत्याशियों की प्रतिक्रया, व्यवहार, आत्वविश्वास, दृढ़ निश्चयता, सकारात्मकता, नकारात्मकता, अभिरुचि, निर्णय लेने की क्षमता, उसकी पृष्ठभूमि आदि का आकलन होता है। वे टालमटोल कर भ्रामक जवाब के बजाय ईमानदारीपूर्वक प्रत्याशियों द्वारा प्रश्न के उत्तर न जानने के जवाब को ज्यादा तरजीह देते हैं, क्योंकि उन्हें भी पता होता है कि कोई भी व्यक्ति सर्वज्ञाता नहीं होता है।
साक्षात्कार के दौरान उत्तर देते समय आत्मविश्वास तथा निश्चित दृष्टिकोण सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है। यदि प्रश्न का विश्लेषण कर तर्कपूर्ण जवाब दिए जाएँ तो साक्षात्कार लेने वाला निश्चित ही प्रभावित होता है। हाँ, इसके लिए ज्यादा ज्ञान बघारने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपके ज्ञान के प्रमाण स्वरूप मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों की सूची उनके पास पहले ही उपलब्ध होती है। साक्षात्कार में बड़बोलेपन की बजाय मितभाषी प्रत्याशी के चयन की संभावना ज्यादा होती है, क्योंकि वह साक्षात्कार हेतु निर्धारित 15-20 मिनट में साक्षात्कार लेने वालों के ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों के जवाब देकर उन्हें संतुष्ट कर सकता है।
साक्षात्कार के समय केवल विषयगत ज्ञान की जानकारी नहीं ली जाती। अपने प्रदेश, उसके राजनीतिक, सामाजिक, भौगोलिक स्थिति की जानकारी ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए तथा समसामयिक विषयों की जानकारी के साथ-साथ समस्याओं के समाधान की भी जानकारी यथेष्ठ मानी जाती है। साक्षात्कार के लिए बौद्धिक ज्ञान जितना आवश्यक है, उतना ही व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी है, क्योंकि सिविल सेवा से जुड़े सभी पद लोकहित तथा जनसंपर्क के अंतर्गत आते हैं।
लिहाजा इन पदों के प्रत्याशियों से यह अपेक्षा की जाती है कि उनका दृष्टिकोण लोकहित तथा कल्याणकारी भावनाओं के अनुरूप हो। बुद्धिमत्ता, व्यवहार के अलावा प्रत्याशी के हावभाव, वेशभूषा तथा प्रतिक्रिया का भी साक्षात्कार में आकलन किया जाता है। आकर्षक व्यक्तित्व तथा सौम्य व्यवहार साक्षात्कार में सफलता की कुंजी माने जाते हैं।
आईटीआई कोर्स कैसे करे
आईटीआई यानी Industrial Training Institute एक ऐसा तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा देकर उन्हें सरकारी, निजी और स्वरोजगार के लिए तैयार करता है। अगर आप दसवीं या बारहवीं के बाद जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं या कोई हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, तो आईटीआई कोर्स आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
यहां हम विस्तार से जानेंगे कि आईटीआई कोर्स कैसे करें, इसके लिए क्या-क्या जरूरी होता है, और यह कोर्स करने के बाद आपके पास कौन-कौन से विकल्प होते हैं।
1. आईटीआई कोर्स क्या है?
आईटीआई कोर्स एक व्यावसायिक (vocational) और तकनीकी (technical) प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में कराया जाता है। इसमें छात्रों को किसी विशेष फील्ड जैसे – इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर, डीजल मैकेनिक, फैशन डिजाइनिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
2. आईटीआई कोर्स के लिए पात्रता
आईटीआई कोर्स में प्रवेश लेने के लिए कुछ बुनियादी योग्यताएं होती हैं:
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शैक्षणिक योग्यता:
न्यूनतम 8वीं, 10वीं या 12वीं पास (ट्रेड के अनुसार) -
आयु सीमा:
न्यूनतम उम्र – 14 वर्ष
अधिकतम उम्र – 40 वर्ष (कुछ राज्यों में छूट मिलती है)
3. ट्रेड का चयन कैसे करें?
आईटीआई में तकनीकी और गैर-तकनीकी ट्रेड्स होते हैं। आप अपनी रुचि और करियर की योजना के अनुसार ट्रेड चुन सकते हैं।
लोकप्रिय ट्रेड्स:
तकनीकी ट्रेड्स
गैर-तकनीकी ट्रेड्स
Electrician
Stenographer (Hindi/English)
Fitter
Sewing Technology
Welder
Fashion Designing
Diesel Mechanic
Health Sanitary Inspector
COPA
Basic Cosmetology
4. संस्थान का चयन
आपके पास दो विकल्प होते हैं:
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सरकारी आईटीआई (Government ITI)
– कम फीस, अधिक प्रतिस्पर्धा -
प्राइवेट आईटीआई (Private ITI)
– अधिक सीटें, आधुनिक सुविधाएं, लेकिन फीस थोड़ी अधिक
आप अपने राज्य या जिले में मौजूद आईटीआई संस्थान की जानकारी https://iti.directory पर देख सकते हैं।
5. आईटीआई में आवेदन कैसे करें?
आजकल अधिकांश राज्यों में आईटीआई में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया होती है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
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राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
जैसे: उत्तर प्रदेश के लिए https://www.scvtup.in, बिहार के लिए https://bceceboard.bihar.gov.in -
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें
नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल से पंजीकरण करें -
आवेदन फॉर्म भरें
व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और इच्छित ट्रेड/संस्थान भरें -
दस्तावेज़ अपलोड करें
- मार्कशीट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
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आवेदन शुल्क जमा करें
₹250 – ₹500 तक (राज्य के अनुसार) - आवेदन सबमिट करें और प्रिंट लें
6. मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग
आवेदन के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है, जिसमें छात्र का चयन शैक्षणिक योग्यता और वरीयता के आधार पर होता है। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होती है:
- वांछित ट्रेड और संस्थान का आवंटन
- दस्तावेज सत्यापन
- संस्थान में रिपोर्टिंग और प्रवेश शुल्क जमा करना
7. आईटीआई कोर्स की अवधि
आईटीआई कोर्स की अवधि ट्रेड के अनुसार अलग-अलग होती है:
- कुछ ट्रेड – 6 महीने
- अधिकतर ट्रेड – 1 या 2 वर्ष
इस दौरान थ्योरी, प्रैक्टिकल और वर्कशॉप प्रशिक्षण दिया जाता है।
8. कोर्स फीस
संस्थान प्रकार
अनुमानित फीस प्रति वर्ष
सरकारी आईटीआई
₹1000 – ₹3000
प्राइवेट आईटीआई
₹10,000 – ₹40,000
अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति या शुल्क छूट मिलती है।
9. आईटीआई कोर्स के बाद विकल्प
आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद आपके पास कई करियर विकल्प होते हैं:
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सरकारी नौकरी:
रेलवे, सेना, BHEL, NTPC, PWD, जल निगम, डाक विभाग आदि -
निजी क्षेत्र में नौकरी:
ऑटोमोबाइल, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में टेक्नीशियन, ऑपरेटर या सुपरवाइजर की भूमिका -
अप्रेंटिसशिप:
विभिन्न कंपनियों में प्रशिक्षु बनकर अनुभव प्राप्त करना और बाद में स्थायी नौकरी पाना -
स्वरोजगार:
इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कंप्यूटर सेंटर या मेकेनिक की दुकान खोलकर खुद का व्यवसाय -
उच्च शिक्षा:
आईटीआई के बाद डिप्लोमा इंजीनियरिंग (LEET) में प्रवेश
निष्कर्ष
आईटीआई कोर्स एक इंडस्ट्रियल, स्किल-बेस्ड और रोजगारोन्मुखी कोर्स है, जिसे कोई भी छात्र 10वीं या 12वीं के बाद कर सकता है। यह कोर्स छात्रों को आत्मनिर्भर बनाता है और उन्हें कम समय में एक स्थायी करियर की दिशा में अग्रसर करता है।
अगर आप भी एक व्यावहारिक और उपयोगी शिक्षा की तलाश में हैं, तो आईटीआई कोर्स आपके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है।
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चाहे आप पहली बार जॉब इंटरव्यू देने जा रहे हों या फिर, कई बार पहले भी आप इंटरव्यूज़ दे चुके हों; हर बार इंटरव्यू देने से कुछ दिन पहले से ही आप घबरा जाते हैं कि, जानें इंटरव्यूअर आपसे क्या पूछ लें? .....इसी तरह, किसी भी जॉब के लिए बहुत से पेशेवर इंटरव्यू देते हैं ऐसे में भी, इंटरव्यू में सिलेक्ट होना आपके लिए एक अच्छी-खासी चुनौती बन जाता है. हमारे देश में कई जॉब्स के लिए तो केवल इंटरव्यू के जरिये ही कैंडिडेट्स को सिलेक्ट किया जाता है. जितनी बड़ी पोस्ट होती है, इंटरव्यू का लेवल उतना अधिक मुश्किल होता है.
चाहे आप पढ़ाई में कितने ही अच्छे स्टूडेंट हों या फिर कोई ट्रेंड पेशेवर हों....अगर आप इंटरव्यू के दौरान अपने इंटरव्यूअर को इम्प्रेस नहीं कर पाते हैं तो आपको वह जॉब नहीं मिलेगी. इसलिये, आपके लिए यह बहुत जरुरी है कि किसी जॉब इंटरव्यू को देने से पहले आप मॉक इंटरव्यू देने की काफी प्रैक्टिस कर लें. आपको इंटरव्यू के समय विभिन्न प्रश्नों के उपयुक्त जवाब देने के साथ ही अपनी बॉडी लैंग्वेज और पहनावे का भी इन मॉक इंटरव्यूज में पूरा ध्यान रखना होगा. आखिरकार, मॉक इंटरव्यूज की प्रैक्टिस करने का मतलब ही अपनी गलतियों को पहचान कर समय रहते उनका सुधार करना है. लेकिन, किसी मॉक इंटरव्यू को आयोजित करते समय आपको कुछ महत्वपूर्ण प्वाइंट्स का ध्यान रखना होगा ताकि आपको इन मॉक इंटरव्यूज से समुचित लाभ मिले. मॉक इंटरव्यू की प्रैक्टिस के ये खास टिप्स अपनाकर आप मनचाही जॉब हासिल कर सकते हैं. आइये आगे पढ़ें:
मॉक इंटरव्यू देते समय अपने कैरेक्टर को ही सच मानें
मॉक इंटरव्यूज का सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट यह है कि एक मॉक इंटरव्यू आयोजित करते समय इंटरव्यूई और इंटरव्यूअर, दोनों ही अपने-अपने कैरेक्टर में पूरी तरह समा जायें. आप वास्तविक इंटरव्यू को फ़ॉलो करने की पूरी कोशिश करें फिर चाहे वह इंटरव्यू रूम में आपकी एंट्री हो, इंटरव्यू रूम की सेटिंग हो या आपके द्वारा विभिन्न प्रश्नों का जवाब देना हो.
मॉक इंटरव्यू प्रैक्टिस के लिए ऑब्जेक्टिव इंटरव्यूअर रहेगा बेस्ट
उक्त प्वाइंट पहले प्वाइंट की तरह ही बहुत महत्वपूर्ण हैं. जो व्यक्ति मॉक इंटरव्यू ले रहे हैं, वे पूरी तरह ऑब्जेक्टिव हों. अच्छा हो अगर आप मॉक इंटरव्यू के दौरान अपने परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों से सहयोग न लें. आप किसी ऐसे व्यक्ति से सहयोग लें जो आपको अच्छी तरह जनता हो लेकिन आपके साथ संबद्ध न हो क्योंकि तभी वह इंटरव्यू के दौरान आपकी गलतियों के बारे में आपको निष्पक्ष रूप से साफ़-साफ़ बतायेगा. आपके कॉलेज के प्रोफेसर्स या मेंटर्स आपके लिए परफेक्ट मॉक इंटरव्यूअर्स साबित हो सकते हैं. इसके अलावा, अपनी फील्ड के एक्सपर्ट होने के कारण वे यह भूमिका बहुत अच्छी तरह निभा सकते हैं. वे आपके परिवार के सदस्यों या दोस्तों के बजाय आपको ज्यादा अच्छी तरह इंटरव्यू की तैयारी करवा सकते हैं.
इंटरव्यू में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रैक्टिस करना है बहुत जरुरी
जब आपको अपने मॉक इंटरव्यू के लिए कोई ऑब्जेक्टिव इंटरव्यूअर मिल जाए तो इसके बाद आप वास्तविक इंटरव्यू में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रैक्टिस करें. आप अपने प्रोफेसर या अपने मॉक इंटरव्यूअर के साथ बैठ जायें और पूछे जा सकने वाले प्रश्नों का एक सेट तैयार करें. आप ऑनलाइन सैंपल क्वेश्चनेयर का सेट भी देख सकते हैं. एक बार क्वेश्चनेयर तय हो जाने के बाद आप उक्त प्रश्नों के उपयुक्त जवाब देने की खूब प्रैक्टिस करें. आप कम शब्दों में ज्यादा से ज्यादा सूचना और जानकारी देने की कोशिश करें.
मॉक इंटरव्यू के दौरान भी पहनें फॉर्मल ड्रेस
हमेशा याद रखें कि मॉक इंटरव्यूज आपको वास्तविक इंटरव्यू की तैयारी करवाने के लिए ही बने हैं. इसलिये, किसी वास्तविक इंटरव्यू की तरह ही आपको अपने मॉक इंटरव्यूज की प्रैक्टिस करनी चाहिए. इसमें आपका किसी पेशेवर की तरह तैयार होना भी शामिल है. शुरू में, शायद आपको ऐसा महसूस हो कि अपने मॉक इंटरव्यू के लिए आपका किसी पेशेवर की तरह तैयार होना काफी हास्यास्पद या अजीब लगे. लेकिन, यह आपकी तैयारी का एक अहम हिस्सा है. इससे आपको यह भी पता चल जाएगा कि जो ड्रेस आप अपने वास्तविक इंटरव्यू के दिन पहनेंगे, वह कितनी आरामदायक है और आप उस ड्रेस में स्मार्ट दिखते हैं या नहीं?
मॉक इंटरव्यू के दौरान बॉडी लैंग्वेज का रखें पूरा ध्यान
सही बॉडी लैंग्वेज/ शारीरिक हाव-भाव आपकी ड्रेस के समान ही बहुत महत्वपूर्ण है. कल्पना करें कि आप इंटरव्यू रूम में फॉर्मल ड्रेस में तैयार होकर किसी पेशेवर की तरह एंटर कर रहे हैं लेकिन, आपके पहनावे से आपकी बॉडी लैंग्वेज मैच नहीं कर रही है...ऐसे में आप खुद हंसी के पात्र बन जायेंगे. किसी भी इंटरव्यू के दौरान सही बॉडी लैंग्वेज कायम रखना काफी महत्वपूर्ण है. चाहे आपको कितनी ही घबराहट या चिंता हो रही हो लेकिन आप शांत, स्थिर और आत्मविश्वासी दिखने की पूरी-पूरी कोशिश करें. पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज के बारे में इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करें और अपने मॉक इंटरव्यूज के दौरान इस जानकारी के आधार पर खूब प्रैक्टिस करें. अपने इंटरव्यूअर की तरफ देखकर बात करें और अपनी बात साफ़ शब्दों और स्पष्ट आवाज में कहें.
इंटरव्यूअर से फीडबैक अवश्य लें
आखिर में, जब आपके इंटरव्यूअर मॉक इंटरव्यू में आपकी परफॉरमेंस के बारे में अपना फीडबैक दें तो आप अपनी गलतियों को अच्छी तरह समझकर उन्हें सुधारने की पूरी कोशिश करें. मॉक इंटरव्यू के बाद अपने इंटरव्यूअर से हरेक पहलू जैसे, आपको बॉडी लैंग्वेज, पहनावा या प्रश्नों का जवाब देने का तरीका आदि पर उनकी राय प्राप्त करें और फिर, अपनी कमियों और गलतियों को दूर करने का समय रहते पूरा प्रयास करें.
जैसेकि पहले उल्लेख किया गया है, परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों के लिए यह मॉक इंटरव्यूअर की भूमिका उपयुक्त नहीं है क्योंकि कभी-कभी वे आपकी कुछ छोटी-मोटी गलतियों को नज़रंदाज़ कर सकते हैं लेकिन ये गलतियां आपके असली इंटरव्यू में महत्वपूर्ण कमियां साबित हो सकती हैं. इसलिए, अब जब आप एक प्रभावी मॉक इंटरव्यू आयोजित करने के तरीकों के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त कर चुके हैं तो कुछ मॉक इंटरव्यू देने की प्रैक्टिस अवश्य करें. कई लोगों के साथ ऐसा हो चुका है और आप भी कुछ मॉक इंटरव्यू देने के बाद अपने असली इंटरव्यू में पूरे आत्मविश्वास के साथ शामिल होंगे.....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं!!
आईटीआई में कोन कोनसे कोर्स है
” आईटीआई कोर्स” में आपको कई प्रकार के कोर्स या ट्रेड मिलते है इसमें आपको नॉर्मली दो तरह के ट्रेड मिलेंगे एक इंजीनियरिंग (Engineering) और दूसरा नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड (Non Engineer Trade) आप अपने हिसाब से सिलेक्शन के समय कोर्स को चुन सकते है आईटीआई में कोन कोन से कोर्स है इसकी ज्यादा जानकारी के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते है :
- Apparel (Garment Manufacturing)
- Automobile
- Basic Cosmetology
- Carpenter
- Computer Operator and Programming Assistant (COPA)
- Construction and Wood Working
- Dental Laboratory Technician
- Desk Top Publishing Operator
- Diesel Mechanic
- Draughtsman (Civil)
- Draughtsman (Mech.)
- Dressmaking
- Driver Cum Mechanic
- Electrical
- Electrician
- Electronics
- Electronics Mechanic
- Fashion Design Technology
- Fitter
- Foundryman
- Health Sanitary Inspector
- Information Communication Technology System Maintenance
- Instrument Mechanic
- Machinist
- Machinist (Grinder)
- Mason (Building Constructor)
- Mechanic (Consumer Electronics)
- Mechanic (Tractor)
- Mechanic Agriculture Machinery
- Mechanic Diesel
- Mechanic R AC
- Mechanic Radio & T.V.
- Old Age Care Assistant
- Painter (General)
- Physiotherapy Technician
- Plumber
- REFRIGERATION AND AIR CONDITIONING
- Secretarial Practice (English)
- Sewing Technology
- Sheet Metal Worker
- Stenographer & Secretarial Assistant (English)
- Stenographer & Secretarial Assistant (Hindi)
- Stenography (English)
- Stenography (Hindi)
- Surface Ornamentation Techniques (Embroidery)
- Surveyor
- Tool & Die Maker (Press Tools, Jigs & Fixtures)
- Turner
- Upholster
- Welder
- Wireman
आईटीआई कोर्स को ऑनलाइन अप्लाई के लिए जरुरी चीज़े
- मार्कशीट 8/10th की
- कम्युनिटी सर्टिफिकेट sc/obc के लिए
- आधार कार्ड (Adhar Card)
- बैंक अकाउंट डिटेल्स
- डेबिट कार्ड / क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन पेमेंट के लिए
इंटरव्यू :क्या करें और क्या ना करें
नौकरी ढूंढते समय अकसर जिस परेशानी से सभी को गुजरना पड़ता है वह है इंटरव्यू की झंझट. इंटरव्यू कैसे दे, इंटरव्यू के दौरान क्या करें और क्या ना करें, इंटरव्यू के दौरान क्या पहने क्या ना पहने यह अकसर दिमाग में घूमते कुछ अहम सवाल हैं. आज इन्हीं सवालों का जवाब लेकर हम आए हैं इंटरव्यू टिप्स के साथ.
आज के समय में किसी कंपनी को केवल अच्छा काम ही नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपने कर्मचारियों से अच्छे प्रोफेशनल व्यवहार की भी अपेक्षा होती है. इसलिए जब इंटरव्यू (Interview) देने के लिए जाएं तो खुद को एक अच्छे और मंझे हुए प्रोफेशनल की तरह से कंपनी के लोगों के सामने पेश करें. इससे इंटरव्यू लेने वाली टीम के मन में आपकी अच्छी छवि बनेगी और उन्हें इस बात का अहसास होगा कि सामने वाला व्यक्ति इस पद के लिए अच्छा रहेगा.
Be Clear: इंटरव्यू (Interview) में आपकी फ्लुएंसी, विचारों में स्पष्टता, प्रेजेंटेशन स्किल्स, लिशनिंग एबिलिटी, आपका दृष्टिकोण और बॉडी लैंग्वेज देखी जाती है. इंटरव्यू में आपका बिहेव भी देखा जाता है.
IBPS, SSC,LIC, Railway and IAS के लिए प्रैक्टिस करे on Battle of Minds
Don’t Be Aggressive: आपकी बॉडी लैंग्वेज के साथ ही यह भी देखा जाता है कि कहीं आप ओवर एग्रेसिव तो नहीं हैं. दूसरों पर बिना वजह हावी होने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं? सेंसेटिव टॉपिक पर आपकी भाषा कैसी है? ऐसे प्रश्नों का जवाब शालीन तरीके से दें. आप टू दी प्वाइंट उत्तर देंगे, तो सफलता के चांसेज बढ जाते हैं.
Don’t Take Tension: दबाव से बचें इंटरव्यू (Interview) देने के लिए जाते समय किसी भी दबाव बन जाता है. लेकिन अभ्यर्थी को हमेशा शांत रहना चाहिए और इस तरह से बात करनी चाहिए जिससे इंटरव्यू लेने वाले लोगों पर अच्छा प्रभाव पडे.
जब भी कहीं इंटरव्यू देने के लिए जाए तो भले ही मुद्दा कुछ भी हो, लेकिन असभ्य शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. किसी भी स्थिति में समुदाय, लिंग या वर्ग आदि पर कोई असभ्य टिप्पणी ना करें.
अगर आप ऐसा करते हैं, तो हो सकता है कि इंटरव्यू (Interview) लेने वाले लोगों को आपकी सोच पसंद न आए और एक नई नौकरी पाने का मौका आपके हाथ से चला जाए. अगर कोई प्रश्न आप समझ नहीं पा रहे हैं तो बेहतर होगा कि तुरंत इंटरव्यू लेने वाले से फिर से प्रश्न पूछने की गुजारिश करें. किसी सवाल का अप्रासंगिक उत्तर देने से यह कहीं बेहतर विकल्प है.
इंटरव्यू में पूछे जाने वाले आम दस प्रश्न
जब भी आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो यह ध्यान रखें कि कुछ ऐसे सवाल होते हैं जो लगभग हर इंटरव्यू में किए ही जाते हैं. उसकी वजह यह है कि हर क्षेत्र में काम करने की अपनी मनोवृत्ति होती है. यदि आप भी अपना दिमाग उसी दिशा में चलाएं तो निश्चित रूप से आपको सफलता मिलेगी. आइए जानें कुछ ऐसे ही सामान्य प्रश्न व उनका जवाब देते समय ध्यान में रखने वाली खास बातें.
क्या आप कभी जानना चाहते थे, भारत में GK में आपका क्या रैंक हैं?
अपने बारे में कुछ बताइए? (About Yourself)
यह वह समय है जब आप अपने बारे में संक्षिप्त विवरण दे सकती हैं, जिसमें शिक्षा, प्रोफेशनल उपलब्धियां, भावी लक्ष्यों के अतिरिक्त नौकरी के लिए लिया गया प्रशिक्षण भी शामिल हो. दूसरे शब्दों में आप कम से कम शब्दों में अपने बारे में ज्यादा से ज्यादा उपयोगी जानकारी दे सकें. ध्यान रहे आत्म प्रशंसा से जहां तक हो सके बचें.
आप यहां काम करना क्यों चाहते हैं?
इस सवाल के जवाब में आप कंपनी के प्रति अपने झुकाव या लगाव की वजह को जाहिर करें. अपनी जानकारी के आधार पर आपने जो भी कंपनी के बारे में जाना है, उसे बताएं. साथ ही यह भी बताएं कि आपके योगदान से कंपनी को फायदा कैसे मिल सकता है.
परीक्षा में अँग्रेज़ी सवाल के प्रॅक्टीस के लिए?
आप अपनी वर्तमान नौकरी को क्यों छोडना चाहती हैं?
कभी भी अपने मौजूदा प्रतिष्ठान की कमियां या गलतियां न गिनाएं. यह ध्यान रखें कि इंटरव्यू लेने वाला यह जानने का इच्छुक रहता है कि कहीं आपको उस कंपनी से कोई समस्या तो नहीं है. दूसरे आपके वाक्यों से आपके स्वभाव व सोच को भी वह समझने की कोशिश कर रहा होता है. इसलिए जो भी जवाब दें, सोच-समझ कर दें. यदि कोई समस्या रही है तो उसके बारे में पहले से स्पष्ट बता देना ठीक है. यदि कहीं कोई गलती की है तो बताइए कि आपने अपनी गलतियों से सबक लिया है. ईमानदारी बरतें, अपने उत्तरदायित्व को समझें. यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे छुपाने या बहाने बनाने के बजाय साफ कह देना ठीक है.
आपकी विशेष योग्यता किस क्षेत्र में है?
यदि आपने इंटरव्यू देने से पहले कंपनी के बारे में जानकारी हासिल की है तो आप समझ गए होंगे कि आपकी योग्यता किस क्षेत्र में है व आपकी रुचि किस काम में है. अपने लक्ष्यों व योग्यताओं को ध्यान में रखते हुए इस सवाल का जवाब दें.
आपकी सबसे बडी कमजोरी क्या है?
सकारात्मक बनिए. अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत बनाइए. जैसे कि आप अकसर अपने काम को लेकर चिंतित रहती हैं या धीरे काम करती हैं तो उसके स्थान पर कहिए कि मैं धीरे काम करती हूं ताकि काम अच्छी तरह हो और कोई गलती न निकले.
आप स्वयं काम करना चाहेंगे या दूसरों की मदद लेंगे?
इसके जवाब में यह बताने की कोशिश करें कि आप हर काम करने में समर्थ हैं, लेकिन यदि जरूरी हो तो दूसरों की मदद लेने में भी परहेज नहीं करेंगी. अधिक से अधिक लचीला बनें जिससे तालमेल बैठाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
करियर से क्या उम्मीदें हैं?
इस जवाब का उत्तर आप सोच-समझ कर दें क्योंकि इंटरव्यू लेने वाला इससे आपकी योजना और कंपनी के लक्ष्यों को जानेगा. यदि आपको लगता है कि इन दोनों में तालमेल है तो उसे बताने में हिचकिचाएं नहीं. अपनी इच्छाओं के बारे में बताएं जिससे आपकी परफार्मेस सुधरे. यह न भूलें कि आपको अपने लक्ष्यों की ओर बढना है.
काम के अलावा आपकी क्या रुचियां हैं?
इसमें संदेह नहीं कि इंटरव्यू लेने वाला आपकी प्रोफेशनल एबिलिटी (व्यावसायिक योग्यता) को ही समझना चाहता है, लेकिन आपकी रुचियों से आपके स्वभाव व विचारधारा को जानना चाहता है. जैसे संगीत व पढने का शौक आपकी रचनात्मक रुचि की तरफ इशारा करता है. शतरंज और ब्रिज जैसे खेल पसंद करने वाले लोग विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति के होते हैं. खेलों में रुचि रखने वाले एकाग्रता व अधिक क्षमता वाले होते हैं. टीम में खेलने के गुण रखने वाले इस ओर इशारा करते हैं कि भविष्य में वे टीम वर्क में ज्यादा खुश रहेंगे और अधिक कार्यकुशल होंगे.
कितनी सैलरी की अपेक्षा है?
यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है आपके इंटरव्यू का. सबसे पहले आवेदित पद के लिए बाजार भाव पता करें. इस क्षेत्र व पद पर काम कर रहे लोगों से बात करें. अच्छे पैकेज के लिए कोमल व शिष्ट अंदाज में नेगोशिएट कर सकते हैं. कोशिश करें कि किसी एक निश्चित रकम की बात न करें.
कुछ पूछना भूल गया?
इस समय आप ढंग से अपने निजी गुणों से उन्हें परिचित करा सकती हैं. उन्हें बताएं कि आप अपने काम की जरूरतों और कंपनी की नीतियों को समझ कर उसके अनुरूप काम करने को तैयार हैं. समय और आवश्यकता के अनुसार आप अपने को ढाल लेंगे.
इन सवालों व उनके संभावित जवाबों को जान कर आपको अपना आत्मविश्वास बढा हुआ लगेगा और निश्चित रूप से आप अपने अगले इंटरव्यू के लिए मन बना चुकी होंगी. सीधे इंटरव्यूर की आंखों में देख कर जवाब दें व जवाब न पता होने पर असंगत जवाब न दें. धैर्य से सोच-समझ कर पर्याप्त समय लेकर जवाब दें.
इंटरव्यू में पूछे जाने वाले 5 बेतुके सवालों के ये हैं सबसे स्मार्ट जवाब
: जॉब इंटरव्यू के दौरान ये बात किसी को पता नहीं होती कि टेबल के दूसरी ओर बैठा नियोक्ता आखिर आपसे कब और क्या पूछेगा। कई बार नियोक्ता आपसे कुछ बेतुके सवाल भी पूछ लेते हैं, लेकिन इन बिना सिर-पैर के सवालों का तार भी आपकी नौकरी से कहीं न कहीं जुड़ा होता है। इसलिए अगर नियोक्ता को खुश करना है और नौकरी पानी है तो आपको इन पांच बेतुके सवालों का सही जवाब आना चाहिए...
क्या आप अपने बारे में थोड़ा बता सकते हैं
ये सवाल अमूमन हर एक इंटरव्यू में पूछा जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये सवाल आपकी नौकरी से कैसे जुड़ा है। इस सवाल के जरिए नियोक्ता आपकी दूसरों के साथ इंटरेक्ट करने की क्षमता को परखने की कोशिश करता है। इससे उसे पता लगता है कि आप अपने आपको दूसरों के सामने कैसे प्रेजेंट करते हैं।
आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
इस सवाल का सही जवाब शायद कोई भी व्यक्ति इंटरव्यू के दौरान नहीं देना चाहता होगा। अगर फिर भी आपसे ये सवाल पूछा जाए तो आपको इसका जवाब जरा संभल कर देना चाहिए। उदाहरण के तौर पर ऐसे सवाल के लिए ये आप कह सकते हैं कि जब मैं काम करता हूं तो सब कुछ भूल जाता हूं और मुझे लगता है यही मेरी सबसे बड़ी कमजोरी है।
आप आने वाले समय में खुद को कहां देखते हैं?
इंटरव्यू के दौरान आपसे आपके फ्यूचर को लेकर भी अक्सर पूछा जाता है कि आने वाले सालों में आपका क्या प्लान है या फिर आप अपने आपको किस मुकाम पर देखना चाहते हैं। इस सवाल के लिए सबसे बेस्ट उत्तर ये है कि आप नियोक्ता से कहें कि आने वाले समय के लिए आप ज्यादा से ज्यादा स्किल्स सीख कर खुद को एक प्रोफेशनल के रूप में तैयार करना चाहते हैं, ताकि कंपनी में ऊंचा पद हासिल कर सकें।
काम करना चाहते हैं?
इंटरव्यू के लिए आने वाले ज्यादातर उम्मीदवार इस सवाल से सबसे ज्यादा खिजते हैं, लेकिन नियोक्ता ये सवाल उम्मीदवार की मंशा जानने के लिए करता है। वो ये पता लगाने के प्रयास में ये सवाल पूछता है कि कहीं उम्मीदवार किसी गलत मकसद से तो कंपनी ज्वॉइन नहीं करना चाहता या फिर उसका असल इंट्रेस्ट किस चीज में है।
आप अपनी मौजूदा नौकरी क्यों छोड़ना चाहते हैं?
नौकरी के लिए इंटरव्यू के दौरान हर तरह के सवाल के लिए रेडी रहना चाहिए। नियोक्ता मौजूदा नौकरी छोड़ने को लेकर सवाल इसलिए पूछता है ताकि वह आपके नौकरी छोड़ने के पीछे का कारण पता लगा सके। ध्यान रहे जब भी नियोक्ता आपसे ये सवाल पूछे तो कोशिश करें कि उसके साथ ज्यादा से ज्यादा आई कॉन्टैक्ट बना कर रखें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो इससे नियोक्ता के मन में डाउट पैदा होगा।
कितनी ही लगा लें जुगाड़, ये गलतियां करते हैं तो कभी नहीं लगेगी जॉब..!
आज हर सेक्टर में कॉम्पिटिशन है और ऐसे में आपको जॉब हासिल करना और उसमें बनें रहना आसान नहीं है. कई बार आपका रिज्यूमे अपडेट नहीं होने पाने के कारण आपको इंटरव्यू कॉल नहीं आते तो कई आप इंटरव्यू में ही रिजेक्ट हो जाते हैं. आइए आपको बताते हैं 5 वो गलतियां जो हर तीसरा शख्स इंटरव्यू के दौरान करता है और उसकी जॉब नहीं लग पाती.
आज हर सेक्टर में कॉम्पिटिशन है और ऐसे में आपको जॉब हासिल करना और उसमें बनें रहना आसान नहीं है. कई बार आपका रिज्यूमे अपडेट नहीं होने पाने के कारण आपको इंटरव्यू कॉल नहीं आते तो कई आप इंटरव्यू में ही रिजेक्ट हो जाते हैं. आइए आपको बताते हैं 5 वो गलतियां जो हर तीसरा शख्स इंटरव्यू के दौरान करता है और उसकी जॉब नहीं लग पाती.
टाइम का रखें ध्यान: इंटरव्यू में आपको पहुंचते हुए टाइमिंग का विशेष ध्यान रखना चाहिए. टाइम पर पहुंचने का अर्थ होता है, इंटरव्यू टाइम के तकरीबन 15 मिनिट पहले पहुंचना. अक्सर हम इंटरव्यू टाइम को गंभीरता से नहीं लेते और जब लेट होते हैं तो ट्रैफिक से लेकर कई तरह के बहाने बना लेेते हैं. दरअसल यह आपकी पूरी प्रोफाइल पर ही नेगेटिव इंपेक्ट डालता है. बेहतर होगा कि आप समय पर इंटरव्यू पर पहुंचे और बहाने बनाने से बचें.
ड्रेसिंग सेंस का रखें ख्याल: इंटरव्यू में जाते समय सही कपड़े का चुनाव आपको प्रभावी बनाता है. यदि आप मार्केटिंग, आईटी सेक्टर या फिर टीचिंग प्रोफेशन में जॉब के लिए जा रहे हैं तो फिर आपको अपने कपड़ों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. बेतरतीब, वक्त के हिसाब से नहीं और बेहूदा रंग के कपड़े आपकी पूरी पर्सनाल्टी पर प्रभाव डालते हैं. ध्यान रखें इंटरव्यू में आपकी पूरी ड्रेसिंग सेंस का विशेष प्रभाव पड़ता है और जॉब हासिल करने में आपके नंबर कपड़ों से भी काउंट होते हैं.
पुरानी कंपनी और वहां के बॉसेज की बुराई ना करें: इंटरव्यू के दौरान जब आपसे आपकी वर्तमान या पिछली कंपनी के बारे में पूछा जाता है तो आप कभी उनकी बुराई ना करें. नौकरी छोड़ने के कारण भले ही कुछ भी हों, लेकिन बेहतर होगा कि संतुलित तरीके से अपनी बात रखें. ध्यान रखें बुराई करना आपके लिए नेगेटिव मार्किंग होती है और आप इंटरव्यू के सेकेंड राउंड की आपको अपेक्षा नहीं रखना चाहिए.
तैयार और अपडेट रहें: इंटरव्यू के दौरान हमेशा अपडेट रहें. अपनी फील्ड के बारे आपको बेहतर नॉलेज होना चाहिए. इंटरव्यूअर आपसे कोई भी सवाल पूछ सकता है. ऐसा नहीं है कि आपको सभी चीजें पता हों, लेकिन संतुलित जवाब दें. ऐसा बिल्कुल भी जाहिर ना हो कि आप पूछे गए सवाल से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं या कुछ भी नहीं जानते. कोशिश करें कि बातचीत को संभालें और अपने नॉलेज को ठीक से शेयर करें.
अलर्ट और फोकस रहें: आपको इंटरव्यू के दौरान अलर्ट और फोकस रहना चाहिए. इधर-उधर की बातें, सब्जेक्ट से हटकर किसी दूसरे विषय पर बातें, पूछे गए प्रश्न का घुमा-फिराकर जवाब देना आपके इंप्रेशन को खराब करता है.
टेढ़े सवालों के उम्दा जवाब
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से अकसर ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जो उन्हें पसंद नहीं आते या जिनके जवाब से वे भागते हैं। यह भी संभव है कि उन प्रश्नों का उनकी जॉब से कोई ताल्लुक ही न हो। ऐसे में उन्हें न चाहते हुए भी इन सवालों के जवाब बहुत सावधानी से देने की जरूरत होती है। इस बारे में बता रहे हैं संजीव चन्द
नौकरी अथवा प्रमोशन से जुड़े इंटरव्यू में सम्मिलित होने की सूचना से ही उम्मीदवार का मन खुशी से झूम उठता है और अंदर ही अंदर वह करियर के कई सुनहरे सपने बुनने लगता है। इसकी तैयारी के लिए वह हर मुमकिन कोशिश करता है। लेकिन कई बार इंटरव्यू में ऐसे सवाल पूछ दिए जाते हैं, जिनका जवाब देना उम्मीदवार के लिए मुश्किल हो जाता है, इसीलिए इंटरव्यू में पूछे जाने वाले मुश्किल सवालों की तैयारी काफी अहम हो जाती है। आइए जानें ऐसे ही कुछ सवालों के बारे में-
खुद का परिचय भी कुछ ऐसे
कई बार साक्षात्कारकर्ता आपसे अपने बारे में कुछ बताने के लिए कहते हैं। एक बड़े शैक्षणिक संस्थान में एचआर की सुरभि शर्मा बताती हैं,‘अमूमन इस सवाल का जवाब लोग अपना नाम, पिता का नाम, पता और उम्र बता कर देते हैं, जबकि ये बातें रेज्यूमे में स्पष्ट रूप से लिखी होती हैं। ऐसे सवाल पूछे जाने पर बताएं कि वर्तमान नौकरी में आपकी फलां भूमिका है और जिस नौकरी के लिए आप इंटरव्यू में बैठे हैं, उसके लिए आप पूरी तरह से योग्य हैं।’
संभल कर बताएं अपनी कमजोरी
इंटरव्यू के समय अकसर उम्मीदवारों से उनकी कमियों के बारे में पूछा जाता है। ऐसे प्रश्नों का जवाब बहुत सोच-समझ कर दिया जाना चाहिए और उम्मीदवारों को सिर्फ प्रोफेशन से जुड़ी कमियां ही जाहिर करनी चाहिए। उन्हें ये भी बताना चाहिए कि वे अपनी कमियां दूर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ये भी न कहें कि आपके अंदर कोई कमी ही नहीं है, क्योंकि देर-सवेर आपकी कमियां जाहिर हो जाएंगी।
नौकरी बदलने की सही वजह
लगभग हर इंटरव्यू में उम्मीदवार से पूछा जाता है कि वे मौजूदा नौकरी क्यों बदलना चाहते हैं। एक प्राइवेट फर्म में एचआर हेड अश्विनी भार्गव कहती हैं, ‘जवाब देते समय उन्हें भरोसा दिलाएं कि आप बेहतरी के लिए कंपनी बदल रहे हंै। ऐसा भी न हो कि भावनाओं में बह कर आप पिछली कंपनी की बुराई करने लगें। बात करते हुए साक्षात्कारकर्ता से आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें।’
वाजिब सेलरी की मांग
इंटरव्यू में कुछ कदम तक सफल होने के बाद सेलरी को लेकर नियोक्ता और उम्मीदवार के बीच खूब मोलभाव होता है। इससे घबराएं नहीं। जिस पद के लिए इंटरव्यू दे रहे हैं, सीनियर या उस क्षेत्र के लोगों से उसकी स्टैंडर्ड मार्केट सेलरी के बारे में पहले पता कर लें। अपनी सेलरी के लिए रेंज में बात करें और शिष्टता के साथ नेगोशिएट करें।
(आंकड़े अंडरकवररिक्रूटर्सडॉटकॉम पर प्रकाशित)
ये हैं इंटरव्यू के नए ट्रेंड
टेलीफोनिक इंटरव्यू : इस विधा में उम्मीदवार के लिए मानसिक तैयारी जरूरी है। इसमें फोकस बनाए रखना और साक्षात्कारकर्ता की बातों पर गौर करना बहुत अहम है, क्योंकि आसपास किसी तरह की रुकावट भी हो सकती है। कई बार उम्मीदवार सवाल बीच में ही काट कर जवाब देना शुरू कर देते हैं, जिससे साक्षात्कारकर्ता नाराज हो सकते हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इंटरव्यू : स्काईप, गूगल हैंगआउट जैसे सॉफ्टवेयर्स पर आजकल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इंटरव्यू होने लगे हैं। ऐसा इंटरव्यू देते हुए उम्मीदवारों को अपनी ड्रेस, चेहरे के हावभाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। चाहें तो पानी की एक बोतल अपने पास रख सकते हैं। ऐसे इंटरव्यू में सजग रहने के साथ आत्मविश्वास दिखाना भी जरूरी है।
वन-टू-वन इंटरव्यू : इस परंपरागत तरीके में साक्षात्कारकर्ता और उम्मीदवार आमने-सामने बैठते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को इजाजत लेकर अंदर जाना चाहिए और सीट पर बैठना चाहिए। बिना पूछे बैठना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसमें कपड़े व आपके हावभाव काफी मायने रखते हैं। अंडरकवररिक्रूटर्सडॉटकॉम पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार 70 प्रतिशत नियोक्ता हद से ज्यादा फैशनेबल या ट्रेंडी उम्मीदवारों को पसंद नहीं करते। प्रतियोगी परीक्षाओं व इंटरव्यू की तैयारी कराने वाले दिल्ली स्थित एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर सत्येंद्र कुमार कहते हैं, ‘वन-टू-वन इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार को चेहरे पर तनाव न लाकर मुस्कराहट बिखेरनी चाहिए।’
पैनल इंटरव्यू : इसमें कई साक्षात्कारकर्ताओं का एक पैनल उम्मीदवार का इंटरव्यू करता है। करियर काउंसलर गीतांजलि कुमार का मानना है कि इस तरह के इंटरव्यू में उम्मीदवार को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि बारी-बारी से सबकी ओर देखते हुए प्रश्नों का जवाब देना चाहिए।
स्ट्रेस इंटरव्यू: डीयू की मनोविज्ञान की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अशुम गुप्ता बताती हैं, ‘इस तरह के इंटरव्यू में उम्मीदवारों की तनाव की स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता का आकलन किया जाता है। उनसे किसी समस्या का समाधान पूछा जाता है। ऐसे में उम्मीदवार संक्षिप्त उत्तर दें और पोस्चर सही रखें।’
लंच इंटरव्यू : मल्टीनेशनल सहित अधिकांश कॉरपोरेट कंपनियां अपने लिए परफेक्ट उम्मीदवार की तलाश में लंच इंटरव्यू का आयोजन करती हैं। इस तरह के इंटरव्यू में सावधानी जरूरी है। यहां कंपनियां यह देखना चाहती हैं कि अनौपचारिक माहौल में इंटरव्यू देते हुए आप कितने सहज रहते हैं। लंच के दौरान अगर नियोक्ता को लगता है कि आपको खान-पान का सही तरीका नहीं पता तो उसका असर आपके इंटरव्यू पर पड़ना तय है। बड़ा मुंह खोल कर खाना, खाना खाते हुए आवाज करना, चम्मच व प्लेट की खटर-पटर जैसी चीजों से भी बचना जरूरी है।
फोन पर इंटरव्यू देने से पहले रखें पांच बातें
आजकल फोन पर इंटरव्यू देना बहुत ही ज्यादा प्रचलित हो गया है फोन पर इंटरव्यू देते समय आप केवल अपने आवाज और अपने वीडियो से ही सामने वाले को अपने फेवर में ले सकते हैं अतः इंटरव्यू देने से पहले अपना रिज्यूम और संबंधित डॉक्यूमेंट अपने पास रख ले तथा उन पर इंटरव्यू देते समय इस बात का ध्यान रखें कि कोई आपको बीच में दखल ना दें | नई नौकरी की तलाश में अगर आपने तमाम जॉब साइट पर सीवी अपडेट किया है या कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन दिया है तो यकीनन कंपनी से आने वाली फोन कॉल की प्रतीक्षा में होंगे।किसी भी बड़ी कंपनी में नौकरी के लिए आपके इंटरव्यू और टेस्ट का सिलसिला फोन पर आई पहली कॉल से ही शुरू हो जाता है। आमतौर पर कंपनियां सबसे पहले टेलीफोनिक इंटरव्यू यानी फोन पर ही इंटरव्यू लेती हैं।
फोन पर इंटरव्यू आपका पहला चरण है जिससे कंपनियां यह तय करती हैं कि आपके बायोडाटा में जो जानकारी उन्हें मिली है आप उसके अनुरूप हैं भी या नहीं और आप पर समय उन्हें लगाना चाहिए भी या नहीं।
पहले ही कर लें ये तैयारी
- ऐसी ही कोई स्थिति अगर आपके सामने है तो फोन पर इंटरव्यू देते वक्त इन पांच बातों का ध्यान हमेशा रखें।
- जिस तरह इंटरव्यू के लिए आप सारी तैयारियां करते हैं, उसी तरह टेलीफोनिक इंटरव्यू के लिए नियत समय से पहले थोड़ी तैयारी जरूर करें।
- आप जिस कंपनी और जिस क्षेत्र में नौकरी चाहते हैं, उससे संबंधित हर तरह की जानकारी जरूर कर लें जिससे पहली बार में ही आप सामने वाले पर कम से कम इतना प्रभाव तो डाल ही लें कि आप जहां काम करना चाहते हैं, उसकी जानकारी भी रखते हैं।
- नियत समय पर टेलीफोनिक इंटरव्यू के दौरान आप अपने से जुड़ी उन सभी बातों को एक जगह लिखकर रख लें जिसके बारे में आप बताना चाहते हैं और जो जानकारी आप खुद लेना चाहते हों।
- इसके अलावा अपने बायोडाटा पर एक नजर अच्छी तरह डाल लें जिससे आपके द्वारा दी गई जानकारी बायोडाटा के अनुसार ही हो।
कहीं फोन से न हो व्यवधान, इसका रखें ध्यान
- जरूरी इंटरव्यू कॉल हो और बीच में आपके फोन की बैटरी चली जाए या नेटवर्क न मिले तो? यकीनन यह बुरे सपने जितना ही डरावना होगा।
- सबसे अच्छा तरीका तो यह होगा कि आप अपना इंटरव्यू लैंडलाइन फोन से ही दें जिससे नेटवर्क से जुड़ी कोई समस्या सामने भी न आए और आवाज भी साफ सुनाई दे।
- अगर आपके पास लैंडलाइन फोन नहीं है तो मोबाइल फोन पर इंटरव्यू देते वक्त कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। मसलन, बैटरी चार्ज है या नहीं, कॉल वेटिंग कुछ देर तक बंद कर दें आदि।
- इससे न सिर्फ आपको सुविधा होगी बल्कि आपका ध्यान भी अच्छी तरह इंटरव्यू पर केंद्रित हो पाएगा।
- जरूरी इंटरव्यू कॉल हो और बीच में आपके फोन की बैटरी चली जाए या नेटवर्क न मिले तो? यकीनन यह बुरे सपने जितना ही डरावना होगा।
- सबसे अच्छा तरीका तो यह होगा कि आप अपना इंटरव्यू लैंडलाइन फोन से ही दें जिससे नेटवर्क से जुड़ी कोई समस्या सामने भी न आए और आवाज भी साफ सुनाई दे।
- अगर आपके पास लैंडलाइन फोन नहीं है तो मोबाइल फोन पर इंटरव्यू देते वक्त कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। मसलन, बैटरी चार्ज है या नहीं, कॉल वेटिंग कुछ देर तक बंद कर दें आदि।
- इससे न सिर्फ आपको सुविधा होगी बल्कि आपका ध्यान भी अच्छी तरह इंटरव्यू पर केंद्रित हो पाएगा।
यहां घट न जाए आपका नंबर
- टेलोफोनिक इंटरव्यू के दौरान आपको कोई देख नहीं रहा है, यह सोचकर आप कोई भी चूक करने से बचें। सबसे पहले आप कैसे बैठें हैं, इसका जरूर ध्यान दें। अगर आप इस गफलत में हैं कि आप क्या कर रहे हैं, यह दिख नहीं रहा तो जान लें कि आपकी बॉडी लैंग्वेज न सिर्फ देखने पर समझ आती है बल्कि आवाज से भी पता पड़ सकती है।
- पास में ही पानी रखें जिससे इंटरव्यू के दौरान जब गला सूखे तो आप पी सकें। इससे कंफर्ट जोन बना रहता है।
- इसके अलावा, फोन पर बात करते-करते कंप्यूटर पर सर्फिंग या किसी और तरह के काम से बचें जिससे आपका फोकस न भटके।
ऐसे बनाएं फोकस
- घर से ही फोन पर इंटरव्यू दे रहे हैं तो घर कोई शांत कोना चुनें या कमरे को थोड़ी देर के लिए बंद कर लें। इससे न केवल फोन पर बात करने में ध्यान एकाग्रचित होगा बल्कि इंटरव्यू लेने वाले को भी आपकी गंभीरता का एहसास होगा।
- फोन पर आपसे जो सवाल पूछे जा रहे हैं, उन्हें पहले ध्यान से सुनें और बात पूरी होने पर ही जवाब दें। आप चाहें तो प्रश्न पर सोचने के लिए कुछ सेकंड का समय मांग सकते हैं जिससे अपनी बात किस तरह रखनी है, उसी रूपरेखा आप तैयार कर सकें।
- इंटरव्यू लेने वाले की बात बिल्कुल न काटें और थोड़ा सब्र का परिचय दें। हो सके तो अपनी बातचीत के छोटे-छोटे नोट्स भी बनाते रहें जिससे आपको जहां भी संशय हो, आप साफ-साफ पूछ सकें।
मन में न रखें कोई सवाल
- कई बार टेलीफोनिक इंटरव्यू के दौरान हम सारी बातें कर जाते हैं और फोन रखने पर याद आता है कि पद या पैसे के बारे में कोई बात नहीं पूछ पाए या नौकरी से संबंधित कोई जरूरी बात तो पूछना भूल ही गए।
- ऐसे में जरूरी है कि आपको क्या पूछना है इसकी सूची आप पहले ही बनाकर अपने साथ रख लें और सारी बातें खत्म होने के बाद आप विनम्रता से अपने संशय दूर कर लें।
- इसके अलावा, आप इंटरव्यू लेने वाले का ईमेल आईडी, लिंक्ड इन पर रिक्वेस्ट भेजकर भी अपनी रुचि दिखा सकते हैं। इससे संबंधित जानकारी भी फोन पर लेने में कोई हर्ज नहीं है।
बीच में न काटें इंटरव्यूवर की बातें
टेलिफोनिक इंटरव्यू सबसे मुश्किल माना जाता है, क्योंकि इंटरव्यूवर का कॉल कभी भी और कहीं भी आ सकता है।
एजुकेशन डेस्क। टेलिफोनिक इंटरव्यू सबसे मुश्किल माना जाता है। अमेरिका के 'द सर्वे मेथड सेंटर एट सोशल एंड कम्युनिटी प्लानिंग रिसर्च' (SCPR) के डायरेक्टर रोजर थॉमस और रिसर्चर डॉक्टर सुसान पुरडन बताते हैं कि इस तरह के इंटरव्यू से कैंडिडेट की नॉलेज के साथ अटेंशन और बिहेवियर का भी पता लगाया जाता है। हम बता रहे हैं टेलिफोनिक इंटरव्यू को आसान बनाने की कुछ टिप्स..
1. मेंटली तैयार रहें, कभी भी आ सकता है फोन
टेलिफोनिक इंटरव्यू के लिए हमेशा ही तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इसके लिए कॉल कभी भी आ सकता है। माइंड को इंटरव्यू के लिए तैयार रखें। साथ ही अन्य लॉजिस्टिक तैयारियां भी करके रखें। ऐसे इंटरव्यू के दौरान आपके फोन या मोबाइल का सही वर्क करना भी बेहद जरूरी है।
कैसे बढ़ाओगे कॉन्सन्ट्रेशन पावर?
जब तुम अपनी पसंद की फिल्म देखने जाते हो तो तीन घंटे उसी में आंखें गड़ाए बैठे रहते हो। उसी तरह क्रिकेट मैच में खाना-पीना छोड़कर एकटक उसे देखते रहते हो। तुम खुद को उसी में लगा देते हो, लेकिन पढ़ाई करते हुए ध्यान बंटने में ज्यादा टाइम नहीं लगता। अगर मीलों दूर म्यूजिक बज रहा हो तो जैसे पढ़ाई से ध्यान हटाने का बहाना मिल गया हो, तुम्हारा ध्यान तुरंत पढ़ाई से हट जाता है।
पहले समझो कॉन्सन्ट्रेशन का मीनिंग
इसे समझने के लिए हमें ‘रुचि’ को अच्छे ढंग से समझना होगा। इमेजिन करो कि तुम्हें पिछले वीक पार्टी के फोटो दिए जाते हैं, जिसमें तुम भी थे। तुम उन फोटो में क्या देखोगे?
जाहिर है, तुम उन फोटो में अपनी फोटो देखने की कोशिश करोगे। ज्यादातर टाइम तुम्हारी रुचि अपने आप को देखने में रहती है। इसका मतलब, जिस सब्जेक्ट में तुम ज्यादा रुचि लेते हो, उसमें कॉन्सन्ट्रेशन ज्यादा कर पाते हो। तुम उस सब्जेक्ट को जल्दी सीख भी लेते हो।
एग्जांपल
एक मेमोरी टेस्ट में हमने क्लास 6 के स्टूडेंट्स को दो ग्रुप में डिवाइड किया और उन्हें प्राचीन मानव और उनके विकास के बारे में बताया। पहले ग्रुप को यह बताया गया- प्राचीन मानव गुफा में रहा करता था। उन्होंने दो पत्थरों को आपस में रगड़कर आग की खोज की। वे पत्ते पहना करते थे..।
दूसरे ग्रुप से कहा वे अपने आपको आदिमानव के रूप में सोचें और उन्हें बताया- ‘तुम गुफा में रहा करते थे। तुमने पत्थरों को रगड़कर आग की खोज की। तुम शरीर में पत्तियां और जानवरों की खाल पहनते थे..!’
क्या पता चला
दूसरे ग्रुप के स्टूडेंट्स ने जल्दी पाठ सीखा और एक साल बाद करीब-करीब ठीक उसी ढंग से कहानी दोहराई भी।
किस रंग का कपड़ा पहनने से इंटरव्यू में सफलता मिलती है
इंटरव्यू में हमेशा ही सिंगल कलर के और हल्के कलर के कपड़े पहनकर जाने चाहिए कपड़े ना तो ज्यादा भड़काऊ होने चाहिए और नाही पुरानी होने चाहिए बिल्कुल नए पेंट शर्ट पहन कर भी नहीं जाने चाहिए वह कम से कम एक-दो बार धूल के प्रेस किए हुए होने चाहिए | इंटरव्यू के लिए फेवरेट माने जाने वाले लिस्ट में एक और न्यूट्रल कलर आता है जो कि भूरा है. यह रंग शांति का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा इस रंग को सुरक्षित, भरोसेमंद और विश्वसनीय माना जाता है.
किसी भी नौकरी को पाने की आखिरी सीढ़ी है इंटरव्यू. 15 से 20 मिनट का समय या तो आपका इंप्रेशन बना सकता है या बिगाड़ सकता है. यह पल आपके कपड़ो, बॉडी लैंग्वेज, मैनर्स और तो और कपड़ों के रंग पर भी निर्भर करता है.
वो कहते हैं न हर रंग कुछ कहता है तो आप अगर किसी इंटरव्यू में जा रहे हैं तो यह खबर आपकी मदद कर सकती है:
1. ब्लू: टीम प्लेयर
ब्लू, खासकर नेवी ब्लू इंटरव्यू के लिए बेस्ट माना जाता है. यह शांत, स्थिरता, सच्चाई, विश्वास और आत्मविश्वास का प्रतीक है. इसके अलावा गहरा रंग अधिकार का भी प्रतीक होता है जो कि एक साक्षात्कारकर्ता के सामने आपकी अच्छी छवि बना सकता है.
कब ना पहनें: अगर आप किसी क्रिएटीव नौकरी की तलाश में हैं और उसके इंटरव्यू को फेस करने जा रहे हैं तो यह कलर आपकी कंजर्वेटिव इमेज बना सकता है.
2. ग्रे: लॉजिकल और एनालिटिकल
इंटरव्यू में पहना जाने वाला ग्रे दूसरा सबसे लोकप्रिय रंग माना जाता है. यह एक पॉवरफुल लुक देता है. सबसे मजेदार बात यह है कि ग्रे रंग साक्षात्कारकर्ता का ध्यान भंग नहीं करता बल्कि वह आपकी बातों को और आपके बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखता.
कब न पहनें:
दरअसल ग्रे रंग के कपड़ो को आप कभी भी किसी भी इंटरव्यू में पहने सकते हैं. पॉजिटीव रिस्पॉन्स देने में यह रंग काफी मददगार साबित होता है.
इसे आप अपने नए ऑफिस के माहौल के मुताबिक सफेद, पिंक और हरे रंग के कपड़ों के साथ मैच कर पहन सकते हैं.
3. ब्राउन: डिपेंडेबल
इंटरव्यू के लिए फेवरेट माने जाने वाले लिस्ट में एक और न्यूट्रल कलर आता है जो कि भूरा है. यह रंग शांति का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा इस रंग को सुरक्षित, भरोसेमंद और विश्वसनीय माना जाता है.
कब ना पहनें:
अगर आप किसी ऐसे इंडस्ट्री को ज्वॉइन करने जा रहे हैं जो काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और उन्हें क्रिएटीव एम्पलॉई की तलाश है तो भूरे रंग से बचें. दरअसल भूरा रंग सादगी और धीमी गति से बदलाव को स्वीकार करने का संदेश देता है.यह रंग साक्षात्कारकर्ता के सामने आपकी नकारात्मक इमेज बना सकता है.
4. ब्लैक: लीडरशीप
अगर आप कहीं हाई पोजिशन और फिर किसी ऐसी जगह पर नौकरी के लिए जा रहे हैं जहां का माहौल कंजर्वेटिव है तो काले रंग के कपड़े में बेस्ट साबित हो सकते हैं. यह एक कमांडिग कलर है जो पॉवर और ऑथोरिटी का संकेत देता है.
कब न पहनें:
एक शांतचित्त दफ्तर में काले रंग के कपड़े माहौल को भारी बना सकते हैं. इस रंग के कपड़े आपको ऑफिस में ओवरवेल्मिंग और अनएप्रोचेबल बना सकते हैं. इसका मतलब कि लोगों के सामने आपकी इमेज दबाव डालने वाला और अधिकारिक बन सकती है जिससे की वे आपसे बात करने में हिचकिचाएंगे. लेकिन अगर आप ओवरवेल्मिंग के बजाय ऑथोरिटेटीव दिखना चाहते हैं तो काले रंग की टाई,स्कार्फ या एसेसरी पहने कर दिख सकते हैं.
5. व्हाईट: ऑर्गेनाइज्ड
सफेद रंग के कपड़े सच्चाई, सादगी, सुनिश्चितता और अच्छाई का प्रतीक माना जाता है. हालांकि इसमें थोड़ी चमक होती है जो कि पॉजिटीव संकेत देती है.
कब न पहनें:
एक क्रिएटीव वर्क इंवायरमेंट में सफेद या मटमैला रंग के कपड़े सुस्ती का संकेत देते हैं. यही नहीं ऐसे माहौल में यह आत्मविश्वास की कमी भी दर्शाता है.
6. रेड: पॉवर
रेड एक पॉवरफुल कलर है जो ऊर्जा, जुनून और इच्छा का प्रतीक है. एक इंटरव्यू में पहनने के लिए यह रंग उपयुक्त माना जाता है. साक्षात्कारकर्ता के सामने यह आपकी बोल्ड और दबंग इमेज बनाता है.
कब न पहनें:
लाल रंग को एक प्रबल और तेज रंग भी माना जाता है जो आपकी इमेज आक्रामक, विद्रोही और बना सकता है. इसलिए कोशिश करें रेड कलर के कपड़ें को दूसरे रंग के कपड़ो के साथ मिलाकर पहनें.
7. ग्रीन, पर्पल, येलो एंड ऑरेंज: क्रिएटीव
यह चारों रंग फन, क्रिएटीविटी और ऑरिजिनैलिटी दर्शाता है. हरा रंग शांति और अच्छाई का प्रतीक है, बैंगनी रंग कलात्मक और अद्वितीय, पीला रंग आशावाद और रचनात्मकता जबकि नारंगी रंग अनप्रोफेशनलिज्म दर्शाता है. बता दे रिक्रूटर्स को नारंगी रंग प्रभावित नहीं कर पाते.
कब न पहनें:
यह सभी रंग क्रिएटीव वर्क इंवायरमेंट के लिए बेस्ट माना जाता है जबकि बाकी के वर्क प्लेस में इन रंगों के कपड़ों को थोड़ा रिस्की माना जाता है. हां लेकिन आप इन रंगों को एसेसरीज के रूप में किसी भी इंटरव्यू में जाने से पहले पहन सकते हैं.
सबसे चुनौतीपूर्ण साक्षात्कार प्रश्न और उत्तर आपको देना चाहिए
जीवनशैक्स के लिए उत्पाद प्रबंधक के रूप में मैं अक्सर हूंलोगों को साक्षात्कार के लिए आवश्यक हालांकि, मुझे आपके साथ ईमानदार होना चाहिए - मुझे वास्तव में साक्षात्कार पसंद नहीं है यह कहने के बाद, साक्षात्कार का एक हिस्सा है कि मैं वास्तव में आनंद ले रहा हूं ...
यह वह हिस्सा है जो अधिकतर उम्मीदवार शायद नफरत करते हैं। अर्थात्, इंटरव्यू प्रश्न जो सामान्य से आगे बढ़ते हैं और चुनौतीपूर्ण या हास्यास्पद रूप से मुश्किल के दायरे में जाते हैं।
कुछ उम्मीदवार इन सवालों के जवाब में जवाब देने के लिए जवाब देते हैं, दूसरों को अजीब जवाब देते हैं, और फिर भी दूसरों को इस अवसर पर उठे और रचनात्मक, बुद्धिमान और विनोदी प्रतिक्रियाओं के साथ जवाब देते हैं।
यह चुनौतीपूर्ण प्रश्न हैं जो आप प्रतियोगिता से अलग कर सकते हैं
कई साक्षात्कार करने के बाद मैंने एक चीज सीखा है, यह है कि चुनौतीपूर्ण सवाल तेजी से मजबूत उम्मीदवारों से कमजोर को अलग कर देते हैं।
आपको इसका एक उदाहरण देने के लिए, मुझे याद है कि दो उम्मीदवारों को निम्न प्रश्न पूछना है: "क्या आप अपने आप को तीन शब्दों में बता सकते हैं?"
पहला उम्मीदवार भयावह हो गया, पहलेशब्दों को ठोकरें: "आत्मविश्वास ... कुशल ... अनुभवी।" सबसे खराब जवाब नहीं, परन्तु सबसे अच्छे नहीं! यह दूसरा है कि दूसरे उम्मीदवार ने क्या किया। उसने मेरे सवाल की बात सुनी, एक दूसरे के लिए रुका, और फिर बस ने कहा: "हाँ मैं कर सकता हूँ!"
यह देखते हुए कि हम एक रचनात्मक भूमिका निभा रहे थे,यह कोई आश्चर्य नहीं है कि मैं दूसरे उम्मीदवार की प्रतिक्रिया को बहुत पसंद करता हूं। यह स्वभाव के साथ दिया गया था, और एक जानबूझकर अजीब सवाल का एक आविष्कारशील (यहां तक कि अजीब) जवाब था। पहले उम्मीदवार ने एक स्पष्ट, सुस्त प्रतिक्रिया से ज्यादा कुछ नहीं पेश किया।
तत्काल प्रतिक्रियाओं से मुझे क्या बताया गया था कि पहला उम्मीदवार शायद दबाव में संघर्ष करता है - जबकि दूसरा उम्मीदवार दबाव में कामयाब होंगे।
जाहिर है, एक रणनीतिक, परिपक्व और कल्पनाशील उत्तर जल्दी से एक कमजोर एक के अलावा एक मजबूत उम्मीदवार सेट
साक्षात्कारकर्ता की उम्मीद के साथ जवाब न दें
कठिन सवालों का जवाब देने का सार हैसाक्षात्कारकर्ता की उम्मीद की जानकारी के साथ कभी भी जवाब न दें, परन्तु इसके बजाय, एक जवाब दें जिसमें वह जानकारी शामिल होती है जिसे आप जानना चाहते हैं यह एक सूक्ष्म अंतर है, लेकिन आपको साक्षात्कार के नियंत्रण में रखेगा। (और साक्षात्कारकर्ता को अपनी सबसे अनुकूल विशेषताओं को दिखाएगा।)
दूसरे शब्दों में, आप प्रतिक्रियाशील के बजाए सक्रिय होंगे।
एक कुशल साक्षात्कारकर्ता बनने के लिए, आपको जानने की आवश्यकता होगीकैसे आसानी से और जल्दी से एक साक्षात्कार के फोकस स्विच, ताकि आपके सकारात्मक पक्ष हमेशा शो पर है जैसे-जैसे आप एक पल में देखेंगे, कई तकनीकें हैं जो आप इसे हासिल करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
सभी को कवर करना असंभव होगाचुनौतीपूर्ण प्रश्न जिन्हें आपसे पूछा जा सकता है हालांकि, कठिन प्रश्नों के चयन को देखते हुए, आप लगभग कुछ भी पूछे जाने की आवश्यकता के उत्तर देने के लिए आवश्यक टिप्स और ट्रिक्स को ढूंढ सकेंगे।
"आपके पास पर्याप्त अनुभव नहीं है?"
जब लोग अनुभव के बारे में बात करते हैं, तो इसका मतलब अक्सर अनुभव का 'साल' होता है।
उदाहरण के लिए, 10 साल के अनुभव वाले व्यक्तिएक कंपनी में एक बार फिर से वही चीजें थीं, जबकि एक कंपनी में 3 साल के अनुभव वाले एक अन्य व्यक्ति ने सैकड़ों मुद्दों का सामना किया और यहां तक कि कंपनी को बचाने में कामयाब रहे। अधिक अनुभवी उम्मीदवार कौन है?
यहां याद रखने के लिए सोने का खजाना, यह है कि अगरआप अपने अनुभव के 'साल' की कमी के बारे में पूछताछ करते हैं, आपको अपने अनुभवों को ठीक से परिभाषित करना होगा। जो आपने किया है उसे उजागर करना सुनिश्चित करें, और आपने जो कई चुनौतियों का सामना किया है, उनके बारे में बात करें।
ऐसा करने से, आप साक्षात्कारकर्ता को समझा लेंगे कि भले ही आपके पास केवल 3 साल का अनुभव हो, कि आपने 5, 7 या 10 साल के अनुभव वाले किसी व्यक्ति से ज्यादा सीखा है।
"आपका वेतन क्या है?"
आपको इस प्रश्न के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए,और अगर चुनने के लिए कोई सीमा दी गई हो, तो सुनिश्चित करें कि आप औसत वेतन से अधिक वेतन चुनें। इससे आप पर आपका आत्मविश्वास दिखाना होगा - और उस भूमिका को करने की आपकी क्षमता जो आप के लिए साक्षात्कार कर रहे हैं। यदि कोई सीमा नहीं दी गई है, लेकिन साक्षात्कारकर्ता जोर देकर कहते हैं कि आप इसे कहते हैं, एक ठोस संख्या देने के बजाय चुनें, कोई सीमा नहीं। इससे साक्षात्कारकर्ता को यह समझा जाएगा कि आप वास्तव में क्या चाहते हैं - और आप भूमिका के बारे में गंभीर हैं
चिंता करने के बारे में भूल जाओ कि आपकी राशि कितनी हैकहा बहुत अधिक हो जाएगा यदि वे वास्तव में आप को किराए पर लेना चाहते हैं, तो वे आपके द्वारा अपेक्षित पैकेज के बारे में अधिक जानकारी मांगेंगे। और कृपया आतंक न करें, क्योंकि यह संभव नहीं है कि आपका प्रस्ताव संभावित नियोक्ता को डरा देगा (बेशक, यह सुनिश्चित करें कि आपने अपना शोध किया है और पता है कि भूमिका के लिए चल रहे बाजार दर क्या है।)
अगर वे वास्तव में आपके वेतन से मेल नहीं कर सकतेउम्मीदों, तो यह वह जगह है जहां फायदेमंद पैकेज के आसपास कुछ बातचीत करने वाले कौशल काम में आएँगे। उदाहरण के लिए, वे घर पर अपने इंटरनेट कनेक्शन के लिए भुगतान करने की पेशकश कर सकते हैं, आपकी यात्रा लागत - या यहां तक कि आपको एक कंपनी की कार भी प्रदान कर सकते हैं। यदि आप इसके बारे में नियोक्ता से गंभीर बातचीत कर पा रहे हैं, तो आप तुरंत प्रदर्शित करेंगे कि आप एक पेशेवर व्यक्ति हैं जो अलग-अलग कारकों पर विचार करने के लिए खुले और तैयार हैं।
"आप अपनी वर्तमान कंपनी क्यों छोड़ रहे हैं?"
आप शायद जानते हैं कि यह अच्छा अभ्यास नहीं हैअपनी पिछली कंपनी की आलोचना करने के लिए हालांकि, मुझे एक ऐसे उम्मीदवार का साक्षात्कार याद आया, जिसने चतुराई से उन कारणों के बारे में बात की जो उसने अपनी वर्तमान कंपनी छोड़ना चाहती थी, लेकिन उन उपलब्धियों को उजागर करने में कामयाब रहे जिन्हें उन्होंने अपने समय के दौरान उनके साथ बनाया था यह एक घाटी के ऊपर सैकड़ों मीट्रिक घूमने की तरह है। एक पर्ची, और आप अपने आप को जमीन पर गिरने पाएंगे। अपने साक्षात्कार में एक पर्ची, और आपको नौकरी कम करने की संभावना भी मिलेगी!
उपरोक्त उम्मीदवार ने मुझे प्रभावित किया उनकी चतुर भाषा ने मुझे यह समझाया कि वह अपनी पिछली कंपनी के बारे में कटु नहीं थी - बल्कि इसके बजाय वह एक नए अवसर के लिए तैयार थीं। यह उस प्रकार का उम्मीदवार है जिसे अधिकतर नियोक्ता तलाश कर रहे हैं।
इसके बारे में सोचने के लिए एक और उदाहरण ... चलोकहते हैं कि आप वर्तमान में एक कॉल सेंटर में काम करते हैं, और आप अपनी नौकरी पसंद करते हैं, लेकिन आप कॉल करने वालों को लागू करने के लिए बिक्री के दबाव की मात्रा के साथ सहज नहीं हैं। उत्तरार्द्ध एक नई कंपनी में एक स्थान की तलाश करना चाहता है। हालांकि, एक साक्षात्कार की स्थिति में, आप नकारात्मक पर ध्यान देना नहीं चाहते हैं। इसके बजाय, आप ऐसा कुछ कह सकते हैं: "मैंने अपनी वर्तमान कंपनी में काम करने का आनंद लिया है, और बहुत सी बातें सीख ली हैं, हालांकि, अब मैं अपने कौशल और अनुभव को बढ़ाने के लिए तैयार हूं।"
"इससे पहले कि आपने हमारी भूमिका को बहुत ज्यादा फिट नहीं किया?"
यह सच हो सकता है, क्योंकि आप एक के लिए आवेदन कर सकते हैंएक अलग क्षेत्र में भूमिका - या जिसकी एक अलग गुंजाइश या लक्षित ग्राहक हैं, आदि। हालांकि, इन सतही कारकों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, आपको निर्णायक रूप से साक्षात्कारकर्ता को मौलिक और आम कौशल सेटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो आपकी पिछली नौकरी और नई भूमिका साझा उदाहरण के लिए, लेखांकन में एक नौकरी व्यापार विश्लेषिकी में एक नौकरी के लिए मानार्थ होगा। वे संख्याओं के साथ दोनों सौदा करते हैं, और सटीकता के लिए गहरी आँख की आवश्यकता होती है।
तो, इस चुनौतीपूर्ण चुनौती का उत्तर देने के लिएप्रश्न, यह बताएं कि आपने जो सीखा है उससे पहले ही नई स्थिति पर लागू किया जा सकता है। यदि आप यह अच्छी तरह से कर सकते हैं, तो आप साक्षात्कारकर्ता को यह भी समझ पाएंगे कि आपका पिछला अनुभव आपको पहले से ही क्षेत्र में काम करने वाले उन लोगों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। आप इस पर जोर देकर यह कर सकते हैं कि 'अंतर' आपकी कंपनी में नए अंतर्दृष्टि और विचारों को लाने में आपकी सहायता कैसे कर सकता है। ऐसा करने से, आपने एक कथित कमजोरी ली है - और इसे एक वैध ताकत में बदल दिया।
एक क्षण के लिए कल्पना करो कि आप वर्तमान में एक के रूप में काम करते हैंस्कूल शिक्षक, लेकिन अब आप करियर बदलने और एक लेखक के रूप में काम को खोजने के लिए उत्सुक हैं। एक साक्षात्कार की स्थिति में, आप यह बता सकते हैं कि स्कूल में आपने अपने छात्रों को ज्ञान और ज्ञान देने के लिए स्पष्ट, संक्षिप्त और आकर्षक कहानियों का इस्तेमाल कैसे किया। ये एक ही कौशल हैं जो आप समाचार कहानियों को लिख सकते हैं।
"क्या आप अन्य साक्षात्कार ले रहे हैं, यदि हां, तो वे क्या हैं?"
हमेशा याद रखो, सवालों के जवाब देने का सारांश नहीं है कि जो व्यक्ति पूछता है कि पूछना चाहता है- लेकिन आप उन्हें क्या जानना चाहते हैं।
निश्चित रूप से, आप अपने प्रश्नों को स्पष्ट रूप से उत्तर दे सकते हैं,लेकिन ज़रूरत होने पर फोकस स्विच करना निश्चित है। हो सकता है कि यह एक कंपनी में आप की तलाश में है। उदाहरण के लिए, "मैं एक ऐसी कंपनी की तलाश कर रहा हूं जो विकास के बारे में भावुक है, और मूल्य खुले संचार ..." इस तरह के ब्योरे साक्षात्कारकर्ता को मनाने में मदद करेंगे कि आप भूमिका और कंपनी के लिए एक अच्छी फिट हैं
इसके लिए कहने के लिए कि आप दूसरे हैंसाक्षात्कार ... मेरी सिफारिश हाँ कहने के लिए है आपको यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि वे क्या हैं, लेकिन स्वीकार करते हैं कि आपके पास अन्य साक्षात्कार हैं, आपको मांग में किसी का प्रभा दिया जाएगा।
मेरा अंतिम सुझाव है: चुनौतीपूर्ण साक्षात्कार प्रश्नों से दूर भागना मत वे आपके चमकने का अवसर हैं, और यह दिखाने के लिए कि आप अन्य उम्मीदवारों के ऊपर सिर और कंधे हैं।
गूगल ने इंटरव्यू के इन 12 सवालों पर लगाया बैन, पढ़कर आएंगे चक्कर
गूगल ने इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले 12 सवालों पर बैन लगा दिया है, जिनका जबाव देना थोड़ा मुश्किल है और वो काम से हटकर सवाल हैं.
दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल अपनी नौकरी के लिए भी जाना जाता है. माना जाता है कि गूगल में नौकरी करना सबसे बेहतरीन अनुभव है. कई लोगों का सपना होता है कि वो भी गूगल में काम करें. हालांकि, गूगल में जॉब हासिल करना इतना आसान नहीं है. यहां का हायरिंग प्रॉसेस काफी कठिन है. इंटरव्यू में कईं ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जिनका जवाब देना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है. लेकिन,अब यहां नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए एक खुशखबरी है. गूगल ने इंटरव्यू में पूछे जाने वाले ऐसे 12 सवालों को बैन कर दिया है, जिनका जबाव देने में अच्छे-अच्छे को चक्कर आ जाएं. अब इंटरव्यू में इन सवालों को नहीं पूछा जाएगा. तो आइये जानते हैं किन सवालों के जवाब देने में लोगों को चक्कर आ जाते थे और क्यों गूगल ने इन्हें बैन कर दिया है.
कौन से हैं वो 12 सवाल, जिन्हें गूगल ने किया बैन
1. सिएटल में सभी खिड़िकियों को धोने के लिए आप कितना चार्ज करेंगे?
2. मेनहोल का ढक्कन गोल क्यों होता है?
3. पूरी दुनिया में कितने पियानो ट्यूनर्स हैं?
4. एक आदमी अपनी कार लेकर होटल में गया और अपनी तकदीर खो बैठा। क्या हुआ उसके साथ?
5. घड़ी की सुइयां दिन में कितनी बार मिलती हैं?
6. अमेरिका में हर साल कितने वैक्युम क्लीनर बनते हैं?
7. सैन फ्रांसिस्को से बाहर निकलने के लिए एक प्लान बनाइए?
8. 'डेड बीफ' के महत्व को समझाएं?
9. अगर एक व्यक्ति टेलिफोन पर सिक्वेंस में नंबर डायल करें तो उस नंबर से क्या शब्द/स्ट्रिंग्स बनेगा?
10. आप एक स्कूल बस में कितनी गोल्फ बॉल फिट कर सकते हैं?
11. आपको A पॉइंट से B पॉइंट तक जाना है. आपको नहीं पता कि आप वहां पहुंच सकते हो या नहीं. आप क्या करेंगे?
12. अपने 8 साल के भतीजे को 3 वाक्यों में डेटाबेस समझाएं?
आईटीआई कोर्स करने के फायदे
- इस कोर्स की खासियत ये है की इसमें आपको थ्योरी के मुकाबले प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ज्यादा दिया जाता है ताकि बच्चो को अच्छे से समझ आये
- आईटीआई कोर्स को 8वी से लेकर 12वी तक के सभी बच्चे कर सकते है
- आईटीआई कोर्स के लिए किसी भी तरह के किताबी ज्ञान या इंग्लिश ज्ञान का होना जरुरी नहीं है
- आईटीआई में आपको गवर्मेंट कॉलेज में कोई फीस नहीं लगता आप फ्री में आईटीआई कोर्स कर सकते है
- आईटीआई कोर्स के बाद आप डिप्लोमा 2nd ईयर में आसानी से एडमिशन ले सकते है
- आईटीआई में आपको 6 महीने , 1 साल और 2 साल तक के कोर्स मिलेंगे
इस तरह करें इंटरव्यू के सवालो का सामना
इंटरव्यू प्रक्रिया हर क्षेत्र में एक कॉमन प्रक्रिया बन गई है. अक्सर देखा जाता है कि लोग इंटरव्यू का सामना करते समय काफी घबराहट में रहते हैं, वे यह सोचते है कि वे इस इंटरव्यू को क्रैक कर पाएंगे या नहीं. लेकिन आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं. हम आपको यह कुछ आसान से टिप्स बता रहे हैं, जिनकी सहायता से आप आसानी से और बिना किसी घबराहट के अपना इंटरव्यू क्रैक कर पाएंगे.
इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल...
स्वयं के बारे में कुछ बताएं...
अधिकतर इंटरव्यू में नियोक्ता का सबसे पहला सवाल यही होता हैं. जब नियोक्ता आपसे यह सवाल करें, तो आवश्यक है कि आप बिना किसी हिचकिचाहट के इस सवाल का जवाब दे. अगर आप पहले ही सवाल में ठीक से जवाब नहीं दे पाएं, तो आपका इंटरव्यू क्रैक करने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा. इसके लिए आप कम शब्दों में खुद के बारें में बताएं, खुद को बढ़ा-चढ़ा कर पेश ना करें.
पिछली नौकरी क्यों छोड़ी?
ऐसे प्रश्न कई दफा कैंडिडेट्स के लिए समस्या उत्पन्न कर देते हैं, परन्तु आपको घबराने की आवश्यकता नहीं हैं, इस तरह के सवालो को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करें. पिछली नौकरी से जुडी समस्याओं को नियोक्ता के सामने उजागर न करें. उन्हें आप जो भी बताएं सहर्ष और पॉजिटिविटी के साथ बताएं. यह कतई न कहे कि वहां ऑफिस का वातावरण अच्छा नहीं था, या छुट्टियां नहीं मिलती थी.
हमारे संस्थान के बारे में क्या जानते हैं?
इस सवाल का जवाब अगर आपने सफलता पूर्वक दे दिया तो आप निश्चित नौकरी के लिए सेलेक्ट हो जाएंगे. इससे कंपनी यह जानेगी कि आप जिस संस्थान में नौकरी मांगने आये हैं, आप उसके बारे में कुछ जानते भी हैं या नहीं. इसलिए आप इंटरव्यू से 1 दिन पूर्व संस्था से जुड़ी हर बेसिक जानकारी प्राप्त कर ले.
